गर्मियों में बाइक का टैंक फुल करवाना पड़ सकता है भारी! जानिए क्यों लिड तक पेट्रोल भरवाना हो सकता है खतरनाक
Tips For Bike: अक्सर देखा जाता है कि लोग पेट्रोल पंप पर अपनी बाइक का टैंक पूरी तरह फुल करवा लेते हैं. कई लोगों को लगता है कि टैंक फुल करवा लेने से बार-बार पेट्रोल पंप जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उन्हें सुविधा मिलेगी. लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार बाइक के टैंक को पूरी तरह फुल कराना हमेशा सही नहीं होता, खासकर गर्मियों के मौसम में. कई लोग इस जरूरी जानकारी से अनजान रहते हैं और अनजाने में अपनी बाइक का टैंक लिड तक भरवा लेते हैं.
इसलिए नहीं करवाना चाहिए फुल टैंक
असल में पेट्रोल या किसी भी तरह का ईंधन तापमान बढ़ने पर फैलता है. गर्मियों में जब तापमान ज्यादा होता है तो बाइक के टैंक में भरा पेट्रोल भी गर्म होकर फैलने लगता है. अगर टैंक पूरी तरह भरा हुआ है और उसमें बिल्कुल भी खाली जगह नहीं बची है, तो पेट्रोल के फैलने के लिए जगह नहीं मिलती. ऐसी स्थिति में पेट्रोल ऊपर की तरफ आने लगता है और इससे कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं.
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
विशेषज्ञों का कहना है कि बाइक के टैंक में हमेशा थोड़ी खाली जगह रहनी चाहिए. इससे पेट्रोल को फैलने के लिए स्पेस मिल जाता है और वह सुरक्षित रहता है. लेकिन अगर पेट्रोल को लिड तक भर दिया जाए, तो यह बाइक के इंजन और फ्यूल सिस्टम के लिए नुकसानदेह हो सकता है. इससे ईंधन का दबाव बढ़ सकता है और फ्यूल सिस्टम पर अतिरिक्त असर पड़ सकता है.
आग लगने का पैदा हो सकता है खतरा
इसके अलावा कई बार टैंक फुल होने की वजह से पेट्रोल बाहर भी निकल सकता है. अगर गर्मी ज्यादा हो और बाइक धूप में खड़ी हो, तो पेट्रोल के फैलने की संभावना और बढ़ जाती है. ऐसी स्थिति में पेट्रोल के बाहर आने से आग लगने का खतरा भी पैदा हो सकता है. इसलिए सुरक्षा के लिहाज से भी टैंक को पूरी तरह फुल कराना सही नहीं माना जाता.
सरकार जारी कर चुकी है नोटिफिकेशन
इसी वजह से सरकार ने भी इस मुद्दे पर लोगों को सावधान किया था. कुछ साल पहले मिनिस्ट्री ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन ने एक नोटिफिकेशन जारी करके लोगों को सलाह दी थी कि वे अपनी गाड़ी के टैंक को लिड तक फुल न करवाएं. मंत्रालय ने बताया था कि ऐसा करना वाहन और वाहन चालक दोनों के लिए जोखिम भरा हो सकता है.
पेट्रोल पंप संचालकों को दी सलाह
इस नोटिफिकेशन में कंपनियों और पेट्रोल पंप संचालकों से भी कहा गया था कि वे ग्राहकों को इस बारे में जागरूक करें. कई पेट्रोल पंप पर भी अब यह सलाह दी जाती है कि टैंक में थोड़ा खाली स्थान छोड़ना बेहतर होता है. इससे वाहन सुरक्षित रहता है और उसके प्रदर्शन पर भी कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता.
टैंक में थोड़ा खाली स्पेस क्यों जरूरी
वाहन विशेषज्ञों के अनुसार अगर आप बाइक का टैंक फुल करवाना चाहते हैं, तो भी उसे बिल्कुल ऊपर तक भरवाने से बचना चाहिए. टैंक में थोड़ा खाली स्पेस छोड़ना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है. इससे पेट्रोल के फैलने के लिए जगह मिलती है और इंजन या फ्यूल सिस्टम पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता.
थोड़ी सी जागरुकता बड़ी परेशानी से बचा सकती है
कुल मिलाकर अगर आप अपनी बाइक को सुरक्षित रखना चाहते हैं और बेहतर प्रदर्शन चाहते हैं, तो टैंक को लिड तक फुल करवाने से बचें. खासतौर पर गर्मियों के मौसम में यह सावधानी और भी जरूरी हो जाती है. थोड़ी सी जागरूकता आपको बड़ी परेशानी से बचा सकती है.
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मध्य-पूर्व संकट: भारतीय छात्रों को लेकर जेकेएसए फिक्रमंद, ईरानी राजदूत से की मुलाकात
नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (जेकेएसए) के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी स्थित ईरान के दूतावास और ईरान कल्चर हाउस का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शोक व्यक्त किया और ईरान के प्रति संवेदना प्रकट की।
मुलाकात के दौरान खुएहामी ने भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फथाली और भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि हुज्जत-उल-इस्लाम अब्दुल मजीद हकीम इलाही से बातचीत की। उन्होंने ईरान में जारी संघर्ष और हवाई हमलों के बीच वहां फंसे भारतीय छात्रों, खासकर कश्मीर के छात्रों, की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
खुएहामी ने बताया कि एसोसिएशन को लगातार छात्रों और उनके परिवारों की ओर से फोन और संदेश मिल रहे हैं। कोम, उर्मिया, अराक और ईरान के अन्य शहरों में पढ़ रहे कई छात्र लगातार विस्फोटों और हवाई हमलों की खबरों के कारण खौफजदा हैं और खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने ईरानी अधिकारियों से अपील की कि भारतीय छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए और उनकी जल्द निकासी के लिए भारत सरकार के साथ समन्वय किया जाए।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि हुज्जत-उल-इस्लाम अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने बताया कि संवेदनशील इलाकों से विदेशी छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 500 छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा चुका है, जिनमें से अधिकांश कश्मीर के हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में ईरान की संबंधित मंत्रालयों और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के साथ लगातार संपर्क बना हुआ है।
वहीं ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फथाली ने आश्वासन दिया कि भारतीय छात्रों की सुरक्षा ईरानी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए छात्रों की संभावित निकासी के लिए आर्मेनिया, अजरबैजान और अन्य सीमावर्ती रास्तों के विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।
खुएहामी ने उम्मीद जताई कि भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और ईरानी अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय से जल्द ही छात्रों की सुरक्षित निकासी संभव होगी, जिससे देशभर में चिंतित परिवारों को राहत मिल सकेगी।
--आईएएनएस
केआर/
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