मध्य पूर्व संकट: ईरान में भारतीय दूतावास की अपील, 'लैंड बॉर्डर से दूर रहें, सतर्कता बरतें'
तेहरान, 9 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर संयुक्त सैन्य हमले के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। हालात को देखते हुए भारत सरकार ने सोमवार को एक बार फिर ईरान में रह रहे अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर घरों में रहने की अपील की है।
ईरान में भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह देते हुए नए दिशा निर्देश जारी किए। अपना ख्याल रखने, अनावश्यक यात्रा से बचने और दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह दी गई है।
यह एडवाइजरी मुख्य रूप से भारतीयों को ईरान की भूमि सीमाओं से बाहर यात्रा करने से पहले दूतावास से समन्वय करने की सलाह देती है।
भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे ईरान की किसी भी सीमा (लैंड बॉर्डर) पर बिना दूतावास से पूर्व समन्वय के बाहर जाने का प्रयास न करें। एक बार ईरानी क्षेत्र से बाहर निकलने के बाद, दूतावास की ओर से कोई सहायता प्रदान नहीं की जा सकेगी, खासकर यदि तीसरे देश में प्रवेश में समस्या हो।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, अनावश्यक यात्रा से बचने, घर के अंदर रहने और स्थानीय समाचारों पर नजर रखने की सलाह देते हुए दूतावास से संपर्क में रहने को कहा गया है।
जनवरी से मार्च 2026 के बीच कई एडवाइजरी जारी की गई हैं, जिसमें भारतीयों को ईरान छोड़ने, यात्रा न करने और सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है। 3 मार्च 2026 की एडवाइजरी में घर के अंदर रहने और सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया था।
दूतावास ने इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी भी जारी की है। किसी भी आपात स्थिति में संपर्क करने के हेल्पलाइन नंबर: +98 912 810 9115, +98 912 810 9102, +98 912 810 9109 और +98 993 217 9359 हैं। वहीं ईमेल: सीओएनएसडॉटतेहरानएटएमईएडॉटजीओवीडॉटइन के जरिए भी संपर्क साधा जा सकता है।
--आईएएनएस
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घरेलू सिलेंडर अब डिलीवरी के 25 दिन बाद बुक होगा:सरकार ने 4 दिन समय बढ़ाया, ईरान जंग के बीच जमाखोरी रोकने के लिए फैसला
केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रीफिल बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। ANI ने सरकारी सूत्रों से बताया कि अब उपभोक्ता एक सिलेंडर डिलीवर होने के बाद दूसरा सिलेंडर 21 दिन के बजाय 25 दिन बाद ही बुक कर सकेंगे। मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच सरकार ने यह कदम गैस की जमाखोरी रोकने के लिए उठाया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पहले लोग लगभग 55 दिन में एक सिलेंडर बुक करते थे, लेकिन हाल में कुछ लोग 15 दिन के अंदर ही दोबारा बुकिंग करने लगे थे। सरकार का मानना है कि वेटिंग पीरियड को 25 दिन करने से बेवजह की बुकिंग पर लगाम लगेगी। इससे उन लोगों को आसानी से सिलेंडर मिल सकेगा जिन्हें वाकई जरूरत है। 2 दिन पहले सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर के दाम ₹60 बढ़ाए 2 दिन पहले सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा कर दिया है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम की LPG गैस अब 913 रुपए की मिल रही है। पहले यह 853 रुपए की थी। वहीं 19 किग्रा वाले कॉमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपए का इजाफा किया गया है। यह अब 1883 रुपए का मिल रहा है। बढ़ी हुई कीमतें 7 मार्च से लागू हो गई हैं। इससे पहले सरकार ने 8 अप्रैल 2025 को घरेलू सिलेंडर के दामों में 50 रुपए का इजाफा किया था। यानी ये बढ़ोतरी करीब एक साल बाद की गई है। वहीं 1 मार्च 2026 को कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 31 रुपए तक बढ़ाए गए थे। सरकार ने गैस के दामों में बढ़ोत्तरी ऐसे वक्त की है जब अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते देश में गैस की किल्लत की आशंका जताई गई है। राजस्थान में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक इस बीच राजस्थान में तेल कंपनियों ने रसोई गैस के घटते स्टॉक को देखते हुए कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर अघोषित रोक लगा दी है। एजेंसियों को मैसेज करके कॉमर्शियल सिलेंडर के ऑर्डर नहीं लगाने के आदेश दिए हैं। केवल घरेलू उपयोग के सिलेंडर की डिलीवरी पर ही फोकस करने के लिए कहा गया है। कंपनियों ने देर रात ये निर्देश जारी किए हैं। इससे जुड़ी पूरी खबर पढ़ें… पंजाब में भी कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई रोकी वहीं पंजाब में भी एलपीजी के कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई रोक दी गई है। यहां की एजेंसियों को 19 किलो वाले गैस सिलेंडर की 2 दिनों से सप्लाई नहीं मिली। तेल कंपनियों के स्थानीय मैनेजरों ने एजेंसी संचालकों को मैसेज कर कमर्शियल सिलेंडर ऑर्डर न करने को कहा है। इससे जुड़ी पूरी खबर पढ़ें… पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर रहेंगी सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल बढ़ोतरी के आसार नहीं हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल के पार नहीं जाती, तब तक घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर बनी रहेंगी। वर्तमान अनुमानों के अनुसार, कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने की उम्मीद है। देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है ईंधन की सप्लाई को लेकर सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश के किसी भी पेट्रोल पंप पर तेल की किल्लत नहीं है। सप्लाई चैन पूरी तरह सामान्य है। भविष्य में किसी भी संभावित संकट से निपटने के लिए भारत ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के अलावा अन्य रास्तों से कच्चे तेल की सोर्सिंग तेज कर दी है। इससे समुद्री मार्ग में किसी भी तनाव की स्थिति में सप्लाई में रूकावट नहीं आएगी। एविएशन टर्बाइन फ्यूल का भी पर्याप्त स्टॉक विमानों में इस्तेमाल होने वाले एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF को लेकर भी सरकार ने स्थिति साफ की है। अधिकारियों ने कहा कि देश के पास ATF का पर्याप्त स्टॉक है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। भारत न केवल ATF का उत्पादक है, बल्कि इसका निर्यात भी करता है। इसलिए विमान सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दूसरे देश भारत से मांग रहे सलाह एनर्जी मैनेजमेंट के मामले में भारत दुनिया के कई अन्य देशों से बेहतर स्थिति में नजर आ रहा है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत की तैयारी को देखते हुए कई देशों ने नई दिल्ली से संपर्क साधा है। वे भारत के स्टॉक मैनेजमेंट और सप्लाई चेन की रणनीति को समझना चाहते हैं। -------------------- ये खबर भी पढ़ें… ईरान जंग से कच्चा तेल 2022 के बाद सबसे महंगा: 115 डॉलर के पार निकला, एक्सपर्ट बोले- 150 डॉलर तक पहुंच सकती हैं कीमत अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम साढ़े तीन साल के हाई पर पहुंच गए हैं। आज यानी 9 मार्च को कारोबार के दौरान ये 25% बढ़कर 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। हालांकि बाद में ये थोड़ा नीचे आया और ये अब 105 डॉलर के करीब है। इससे पहले 2022 में रूस-यूक्रेन जंग से कच्चा तेल 100 डॉलर के पार निकला था। पूरी खबर पढ़ें…
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