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न्यूजीलैंड या साउथ अफ्रीका नहीं, ये है ICC इवेंट में सबसे ज्यादा हारने वाली टीम, क्या नाम जानते हैं आप...

Unique Record: टी-20 विश्व कप 2026 के फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर भारतीय क्रिकेट टीम ने खिताबी जीत दर्ज की. टीम इंडिया ने तीसरी बार इस टूर्नामेंट में ट्रॉफी अपने नाम की. एक ओर जहां भारत ने जीत के बाद जश्न मनाया, वहीं न्यूजीलैंड की टीम के हाथ निराशा लगी और उन्हें एक बार फिर फाइनल मैच में हार का सामना करना पड़ा. मगर, क्या आपको मालूम है कि आईसीसी इवेंट्स में सबसे ज्यादा फाइनल हारने वाली टीम कौन सी है? अगर आपको लगता है कि वो टीम न्यूजीलैंड या साउथ अफ्रीका है, तो ये गलत सोच रहे हैं, क्योंकि लिस्ट में न्यूजीलैंड का नाम तो तीसरे नंबर पर आता है.

किस टीम ने हारे हैं सबसे ज्यादा फाइनल?

आईसीसी इवेंट में सबसे ज्यादा बार फाइनल मैच हारने वाली टीम कोई और नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेट टीम है. टीम इंडिया ने अब तक आईसीसी टूर्नामेंट में कुल 15 फाइनल खेले हैं, जिसमें 7 बार टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा है.

आपको बता दें, टीम इंडिया को फाइनल में पहली हार 2000 में चैंपियंस ट्रॉफी में मिली, जब न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को हराया था. फिर, आईसीसी विश्व कप 2003 में, आईसीसी टी-20 विश्व कप 2014 में, चैंपियंस ट्रॉफी 2017, आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप 2021 और आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप 2023, आईसीसी विश्व कप 2023 में हार का सामना करना पड़ा.

वर्ष टूर्नामेंट फाइनल में किससे हारा
2000 ICC Champions Trophy New Zealand national cricket team
2003 ICC Cricket World Cup Australia national cricket team
2014 ICC Men's T20 World Cup Sri Lanka national cricket team
2017 ICC Champions Trophy Pakistan national cricket team
2021 ICC World Test Championship Final New Zealand national cricket team
2023 ICC World Test Championship Final Australia national cricket team
2023 ICC Cricket World Cup Australia national cricket team

न्यूजीलैंड ने कितने फाइनल हारे?

आईसीसी इवेंट में सबसे ज्यादा फाइनल हारने वाली टीमों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर इंग्लैंड क्रिकेट टीम का नाम आता है. इंग्लैंड ने 6 फाइनल हारे हैं, वहीं न्यूजीलैंड की टीम आईसीसी इवेंट में सबसे ज्यादा फाइनल हारने वाली तीसरी टीम है, जिसने अब तक 5 फाइनल मैच हारे हैं.

यहां देखें किस टीम ने कितने फाइनल हारे

क्रमांक टीम हारे हुए ICC फाइनल (लगभग)
1 India national cricket team 7
2 England cricket team 6
3 New Zealand national cricket team 5
4 Sri Lanka national cricket team 4
5 Australia national cricket team 4

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भारत में महिला को-फाउंडेड टेक स्टार्टअप्स को शुरुआती फंडिंग में 2025 में हुई 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी: रिपोर्ट

नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। भारत में महिलाओं द्वारा सह-संस्थापित (को-फाउंडेड) टेक स्टार्टअप्स को मिलने वाली कुल फंडिंग में 2025 में थोड़ी गिरावट आई, लेकिन शुरुआती चरण (अर्ली-स्टेज) में निवेश में मजबूती देखने को मिली। सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया कि इस अवधि में अधिग्रहण की संख्या में भी बड़ा इजाफा हुआ।

रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में अर्ली-स्टेज फंडिंग बढ़कर 533 मिलियन डॉलर हो गई, जो 2024 के 478 मिलियन डॉलर की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि, इस दौरान फंडिंग डील्स की संख्या 93 से घटकर 79 राउंड रह गई।

भारत में महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स के अधिग्रहण भी बढ़े हैं। 2025 में ऐसे 33 अधिग्रहण दर्ज किए गए, जबकि 2024 में यह संख्या केवल 12 थी।

ट्रैक्सन की वार्षिक फंडिंग रिपोर्ट के अनुसार, भारत के महिला-सह-संस्थापक स्टार्टअप इकोसिस्टम ने 2025 में कुल 1 अरब डॉलर की इक्विटी फंडिंग हासिल की। यह 2024 के 1.1 अरब डॉलर की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत कम है।

रिपोर्ट के मुताबिक, साल के दौरान फंडिंग डील्स की गतिविधि भी धीमी रही। 2025 में फंडिंग राउंड्स की संख्या 574 से घटकर 405 रह गई, जो लगभग 29 प्रतिशत की गिरावट है।

इस बीच सीड-स्टेज फंडिंग भी कम हुई। 2025 में 311 राउंड के जरिए 261 मिलियन डॉलर जुटाए गए, जबकि 2024 में 456 राउंड के जरिए 342 मिलियन डॉलर जुटाए गए थे। यह लगभग 24 प्रतिशत की गिरावट है। रिपोर्ट के अनुसार 2022 में यह फंडिंग 478 मिलियन डॉलर के उच्च स्तर पर पहुंच गई थी।

वहीं लेट-स्टेज निवेश में और ज्यादा गिरावट देखी गई। 2025 में इस स्तर पर 15 राउंड में 213 मिलियन डॉलर का निवेश हुआ, जबकि 2024 में 25 राउंड में 326 मिलियन डॉलर जुटाए गए थे, जो लगभग 35 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है।

पब्लिक मार्केट के मोर्चे पर भी गतिविधि कम रही। 2025 में देश में दो आईपीओ शेयर बाजार में लिस्ट हुए, जबकि 2024 में तीन कंपनियां बाजार में लिस्ट हुई थीं। इस तरह पब्लिक मार्केट एग्जिट में 33 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

हालांकि अधिग्रहण के जरिए एग्जिट गतिविधि में काफी तेजी देखने को मिली।

शहरों की बात करें तो, बेंगलुरु 2025 में सबसे ज्यादा फंडिंग पाने वाला शहर बना, जहां 384 मिलियन डॉलर का निवेश आया, जो कुल फंडिंग का लगभग 38 प्रतिशत रहा।

वहीं, मुंबई दूसरे स्थान पर रहा, जहां 112 मिलियन डॉलर, यानी कुल फंडिंग का करीब 11 प्रतिशत निवेश आया।

कुल मिलाकर, ट्रैक्सन की रिपोर्ट में कहा गया है कि जहां एक ओर 2025 में महिला-सह-संस्थापक स्टार्टअप इकोसिस्टम में कुल फंडिंग और डील गतिविधि में गिरावट देखी गई, वहीं अधिग्रहण गतिविधि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।

--आईएएनएस

डीबीपी/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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