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Mojtaba Khamenei के हाथ में सत्ता की कमान! क्या परमाणु बम बटन दबाएगा तेहरान, Saudi Arabia ने ईरान को चेतावनी दी

ईरान की सत्ता के शिखर पर मोजतबा खामेनेई की ताजपोशी ने दुनिया को एक ऐसे मोड़ पर खड़ा कर दिया है जहाँ से 'टोटल वॉर' की आहट साफ सुनाई दे रही है। अपने दिवंगत पिता से भी कहीं अधिक कट्टरपंथी माने जाने वाले मोजतबा का उदय महज़ एक सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि मध्य पूर्व के लिए एक 'परमाणु अलार्म' है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के बेहद वफादार मोजतबा के पास अब ईरान के सशस्त्र बलों और ठप पड़े परमाणु कार्यक्रम की चाबी है।

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विशेषज्ञों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि मोजतबा वह आत्मघाती कदम उठा सकते हैं जिससे अयातुल्ला अली खामेनेई हमेशा हिचकिचाते रहे- यानी यूरेनियम संवर्धन को हथियार बनाने के अंतिम तकनीकी स्तर तक ले जाना। अगर मोजतबा ने अंतरराष्ट्रीय दबाव को दरकिनार कर परमाणु बम का बटन दबाने की दिशा में कदम बढ़ाया, तो यह न केवल इज़राइल के अस्तित्व के लिए खतरा होगा, बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र को एक ऐसी परमाणु प्रतिस्पर्धा (Arms Race) में झोंक देगा जिसका अंत केवल विनाश होगा।

सऊदी अरब ने सोमवार को ईरान को आगाह किया कि अगर वह अरब देशों पर हमले करता रहा तो उसे अब तक का ‘‘सबसे बड़ा नुकसान’’ उठाना पड़ेगा। सऊदी अरब का यह बयान उस नए ड्रोन हमले के बाद आया, जिसमें जाहिर तौर पर उसके बड़े शायबा तेल क्षेत्र को निशाना बनाया गया। सऊदी अरब ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन द्वारा शनिवार को दिए गए इस बयान को भी खारिज कर दिया कि ईरान ने खाड़ी अरब देशों पर अपने हमले रोक दिए हैं। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, “देश इस बात की पुष्टि करता है कि ईरानी पक्ष ने इस बयान पर अमल नहीं किया, न तो राष्ट्रपति के भाषण के दौरान और न ही उसके बाद। ईरान ने बिना किसी ठोस वजह के अपना आक्रमण जारी रखा है।”

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बयान में कहा गया कि ईरानी हमले का मतलब है, “और अधिक तनाव की स्थिति, जिसका वर्तमान और भविष्य में संबंधों पर गंभीर असर पड़ेगा।” ईरान के अधिकारियों ने सोमवार को घोषणा की कि अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले में मारे गए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान के इस्लामी शासन का अगला शासक नामित किया गया है। एक सप्ताह से अधिक समय से अमेरिका और इजराइल की ओर से जारी हमलों के बीच ईरान की ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने अगले सर्वोच्च नेता के रूप में एक गुप्त 56 वर्षीय धर्मगुरु (मोजतबा खामेनेई) को चुना, जो देश की अर्धसैनिक ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ के करीब हैं।

‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को हत्या कर दिये जाने के बाद से इजराइल और खाड़ी अरब देशों पर मिसाइल और ड्रोन दाग रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद से मोजतबा खामेनेई को सार्वजनिक रूप से बहुत कम देखा है या उनके बारे में बहुत कम सुना गया है, लेकिन उन्हें अपने पिता के जिंदा रहने के दौरान ही ही इस पद का उम्मीदवार माना जा रहा था। हालांकि, उनके चयन को लेकर कुछ असहमति भी दिखाई दी। ईरान की राजनीतिक हस्तियों ने सर्वोच्च नेता का पद वंशानुगत रूप से सौंपने के विचार की आलोचना की। लेकिन ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ के उच्च धार्मिक नेता शायद चाहते थे कि मोजतबा खामेनेई युद्ध को आगे बढ़ाएं।

माना जाता है कि मोजतबा खामेनेई के विचार अपने दिवंगत पिता से भी अधिक कट्टरपंथी हैं। अब वह ईरान के सशस्त्र बलों और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित किसी भी निर्णय के लिए स्वतंत्र होंगे। वैसे तो, ईरान के प्रमुख परमाणु ठिकाने जून में 12 दिन चले इजराइल-ईरान युद्ध के दौरान अमेरिका द्वारा की गई बमबारी में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए थे, लेकिन में देश अब भी काफी मात्रा में यूरेनियम मौजूद है, जो हथियार बनाने के स्तर से बस एक तकनीकी कदम दूर है।

मोजतबा खामेनेई वह कर सकते हैं जो उनके पिता कभी नहीं कर पाए — बम बनाने की दिशा में आगे बढ़ना। इजराइल पहले ही ऐलान कर चुका है कि ईरान का अगला सर्वोच्च नेता उसका “निशाना” होगा।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मोजतबा खामेनेई को सत्ता सौंपने के विचार की आलोचना की। ट्रंप ने कहा, “खामेनेई का बेटा मुझे स्वीकार्य नहीं है। हम चाहते हैं कि कोई ऐसा नेता आए जो ईरान में सामंजस्य और शांति लाए।” ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने मोजतबा खामेनेई के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए एक बयान जारी किया। ईरान समर्थित लेबनानी आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह ने भी ऐसा किया है।

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वो हथियार, जिसे बैन करना चाहते हैं 30 से ज्यादा देश, टेक्नोलॉजी ऐसी कि यकीन करना मुश्किल

आज के युद्ध में ऐसे-ऐसे हथियार इस्तेमाल होने लगे हैं, जो खुब-ब-खुद फैसला लेते हैं, टारगेट बनाते हैं, और हमला करते हैं. ये लेथल किलर ड्रोन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस हैं. इन्हें लेथल ऑटोनॉमस वेपन सिस्टम्स कहा जाता है. दुनिया के 30 से ज्यादा देश इन पर बैन की मांग कर रहे हैं. लेकिन बड़े देश बैन की मांग के खिलाफ हैं. समझिए किलर ड्रोन की पूरी तकनीक और इससे जुड़ी ग्लोबल बहस...

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24 साल की उम्र में पाकिस्तानी ऑलराउंडर ने लिया संन्यास, 1 दिन पहले भारत बना टी20 वर्ल्ड चैंपियन

शाहजैब भट्टी ने लिखा, "अलविदा पाकिस्तान क्रिकेट. 24 साल की उम्र में मैं पाकिस्तान क्रिकेट छोड़ रहा हूं. पिछले साल मैंने लाइव टेलीविजन पर क्वैद-ए-आजम फाइनल जिताया था. उसके बाद से मुझे लगभग 40 मैचों में लगातार बेंच पर बैठाया गया. मेरा एक ही सपना था कि पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करूं. लेकिन राजनीति, भ्रष्टाचार और ढांचे की कमी ने मेरा करियर बर्बाद कर दिया. Mon, 9 Mar 2026 13:02:53 +0530

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