Power Grid के शेयर 3% टूटकर ₹259 पर, कैपिटलाइजेशन गाइडेंस घटाने से निवेशकों में नाराजगी, मुनाफा बढ़ने पर भी क्यों गिरा शेयर?
Power Grid Corporation: सरकारी पावर ट्रांसमिशन कंपनी पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के शेयर मंगलवार, 3 नवंबर को 3% से ज्यादा गिर गए. इसका कारण यह था कि कंपनी ने FY27 के लिए अपना कैपिटलाइजेशन गाइडेंस कम कर दिया था. NSE पर स्टॉक 3.04% या ₹8.15 की गिरावट के साथ ₹259.55 पर बंद हुआ. गाइडेंस का मतलब कंपनी का अपना अनुमान या टारगेट होता है, जिसके बारे में वह इन्वेस्टर को पहले से बताती है.
गाइडेंस में क्या बदला?
FY27 के लिए बदले हुए गाइडेंस में, कंपनी ने अपना कैपिटलाइजेशन टारगेट ₹25,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹30,000 करोड़ कर दिया है. पहले यह ₹30,000 करोड़ था. दूसरी तरफ, कंपनी ने अपने कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) गाइडेंस को पहले के ₹37,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹37,000 से ₹40,000 करोड़ कर दिया है.
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CAPEX और कैपिटलाइजेशन में क्या अंतर है?
इसे आसान शब्दों में समझें. CAPEX वह पैसा है जो कोई कंपनी नए प्रोजेक्ट बनाने पर खर्च करती है. कैपिटलाइजेशन उन प्रोजेक्ट की कुल वैल्यू है जो उस साल चालू होते हैं और कंपनी के एसेट्स में जुड़ जाते हैं. उदाहरण के लिए जब आप घर बनाने पर पैसा खर्च करते हैं, तो वह CAPEX होता है. एक बार जब घर तैयार हो जाता है और रहने लायक हो जाता है, तो यह आपका टैंजिबल एसेट बन जाता है, जिसका मतलब है कि यह कैपिटलाइज्ड है.
दोनों के बीच का अंतर क्यों मायने रखता है?
पावर ग्रिड का CAPEX ₹37,000 से ₹40,000 करोड़ है, जबकि कैपिटलाइजेशन केवल ₹25,000 से ₹30,000 करोड़ है. इस अंतर का मतलब है कि इस साल खर्च किए गए फंड का सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा ही कंपनी के लिए ऑपरेशनलाइज और एसेट्स में बदला जाएगा. इसका मतलब है कि कंपनी पैसा खर्च कर रही है लेकिन कुछ प्रोजेक्ट्स के ऑपरेशनल होने तक फायदे में देरी हो सकती है.
पहली छमाही में कितना काम हुआ?
FY27 के पहली छमाही में, पावर ग्रिड ने 2,616 सर्किट किलोमीटर (ckm) ट्रांसमिशन लाइनें चालू कीं और 25,100 MVA ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी जोड़ी. MVA इलेक्ट्रिकल ट्रांसफॉर्मर की कैपेसिटी मापने की एक यूनिट है. कंपनी ने TBCB रूट के तहत रामगढ़-II और बीदर ट्रांसमिशन सिस्टम को भी पूरी तरह से चालू कर दिया. TBCB का मतलब है टैरिफ़ बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग, जिसमें कंपनियां कॉम्पिटिटिव बिडिंग के जरिए प्रोजेक्ट्स हासिल करती हैं.
इन्वेस्टर्स क्यों परेशान हैं?
गाइडेंस में कमी से इन्वेस्टर्स के सेंटिमेंट पर असर पड़ा. इसका कारण यह है कि प्रोजेक्ट्स की कमीशनिंग और उसके बाद कैपिटलाइजेशन कंपनी के एसेट बेस और भविष्य के रेगुलेटेड रिटर्न के लिए ज़रूरी है. पावर ग्रिड जैसी कंपनी की कमाई ज्यादातर उसके एसेट्स पर रेगुलेटरी-निर्धारित रेट पर रिटर्न से आती है. एसेट्स जितनी तेजी से बढ़ते हैं, अर्निंग्स बेस उतना ही बड़ा होता है.
दूसरी तिमाही के नतीजे कैसे रहे?
सितंबर तिमाही में, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 8.41% बढ़कर ₹3,866.16 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹3,566.08 करोड़ था. कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 2.97% बढ़कर ₹11,816.22 करोड़ हो गया, जबकि पिछली तिमाही में यह ₹11,475.95 करोड़ था. पिछली तिमाही की तुलना में नेट प्रॉफिट 7.44% और रेवेन्यू 2.78% बढ़ा. नतीजे अच्छे थे, लेकिन गाइडेंस न्यूज ने उन्हें कमजोर कर दिया.
डिविडेंड और रिकॉर्ड डेट
कंपनी के बोर्ड ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए ₹10 फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर ₹3 का पहला अंतरिम डिविडेंड मंजूर कर दिया है. यह कंपनी के पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल का 30% है. अंतरिम डिविडेंड वह होता है जो कोई कंपनी फाइनेंशियल ईयर खत्म होने से पहले बांटती है. एलिजिबल शेयरहोल्डर्स की पहचान करने की रिकॉर्ड डेट शुक्रवार, 6 नवंबर, 2026 है.
शेयर ईयर-टू-डेट
पिछले छह महीनों में पावर ग्रिड का स्टॉक 18.65% गिरा है, जो ₹59.50 से गिरकर ₹259.55 पर आ गया है. लेकिन साल की शुरुआत से अब तक यह गिरावट 2.72%, या ₹7.25 है जो काफी कम है. इसका मतलब है कि छह महीने का आउटलुक कमजोर है.
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Disclaimer: यह जानकारी अलग-अलग एनालिस्ट और ब्रोकरेज फर्मों की राय पर आधारित है. इसे निवेश की सलाह न माना जाए. शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा होता है, इसलिए निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.
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