New Zealand के खिलाफ पहले ODI में चमके Anshul Kamboj, बताई अपनी गेंदबाजी की रणनीति
क्रिकेट में कई बार बड़ी सफलता के पीछे कोई खास रणनीति नहीं, बल्कि छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना अहम होता है। भारतीय तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज भी इसी सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में शानदार गेंदबाजी कर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले कंबोज का कहना है कि उनका ध्यान फिलहाल एक समय में एक कदम आगे बढ़ने पर है। ईडन पार्क में उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
25 साल के कंबोज ने पहले वनडे में अपने 10 ओवर के कोटे में 22 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। उन्होंने न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखने में अहम योगदान दिया। मैच के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि पिच की स्थिति को समझकर सही जगह गेंदबाजी करना उनकी रणनीति का सबसे अहम हिस्सा था।
कंबोज ने कहा कि ईडन पार्क की पिच पर गेंद को कुछ स्विंग मिल रही थी, लेकिन इसका फायदा तभी उठाया जा सकता था, जब गेंद सही लंबाई पर डाली जाए। उनके मुताबिक, पिच से मदद हासिल करने के लिए सही जगह गेंदबाजी करना जरूरी था। उन्होंने यह भी कहा कि गेंदबाजी करते समय वह मैच के नतीजे के बारे में नहीं सोच रहे थे, बल्कि उनका ध्यान लगातार सही क्षेत्र में गेंद डालने पर था।
ईडन पार्क के मैदान की छोटी-बड़ी सीमाओं को लेकर भी कंबोज ने खास चिंता नहीं जताई। उनका कहना था कि गेंदबाज को मैदान की सीमाओं के बजाय पिच और वहां की परिस्थितियों के हिसाब से अपनी योजना बनानी चाहिए। उनके मुताबिक, अगर कोई गेंदबाज सही रणनीति के साथ गेंदबाजी करता है तो वह बल्लेबाजों को आसानी से रन बनाने का मौका नहीं देता।
कंबोज ने भारतीय गेंदबाजों के बीच तालमेल को भी जीत की अहम वजह बताया। उन्होंने कहा कि अगर एक छोर से गेंदबाज लगातार दबाव बना रहा है तो दूसरे छोर से विकेट मिलने की संभावना बढ़ जाती है। बल्लेबाजों को आसान रन नहीं देने चाहिए, क्योंकि दबाव बढ़ने पर वे बड़े शॉट खेलने की कोशिश करते हैं और इसी दौरान गलतियां कर बैठते हैं।
उन्होंने बताया कि दूसरे छोर से लगातार विकेट गिर रहे थे, इसलिए उन्हें अतिरिक्त कोशिश करने की जरूरत नहीं पड़ी। उनका पूरा ध्यान सिर्फ सही जगह गेंद डालने पर था। इस मुकाबले में अर्शदीप सिंह ने 70 रन देकर 4 विकेट हासिल किए, जबकि गुरनूर बराड़ ने 44 रन देकर 3 बल्लेबाजों को आउट किया। भारतीय गेंदबाजों के इस प्रदर्शन ने न्यूजीलैंड की टीम को दबाव में रखा।
कंबोज ने वनडे क्रिकेट में नई गेंद के महत्व पर भी बात की। उन्होंने कहा कि इस प्रारूप में दोनों छोर से नई गेंद इस्तेमाल होती है, जिससे शुरुआती 10 से 15 ओवर में गेंद को अच्छी स्विंग मिल सकती है। गेंदबाजों को इस मौके का अधिक से अधिक फायदा उठाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हर बार नतीजा आपके पक्ष में नहीं आता, लेकिन अपनी योजना को सही तरीके से लागू करना खिलाड़ी के हाथ में होता है। टीम प्रबंधन की ओर से भी गेंदबाजों को यही संदेश दिया गया है कि अगर वे सही जगह गेंद डाल रहे हैं तो उसी रणनीति पर बने रहें।
बता दें कि भारत ने बारिश से प्रभावित पहले वनडे में न्यूजीलैंड को हराकर सीरीज में बढ़त बना ली है। लक्ष्य का पीछा करते हुए विराट कोहली ने 51 गेंदों पर 74 रन की शानदार पारी खेली और टीम को जीत तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। अब दोनों टीमों के बीच दूसरा मुकाबला 7 नवंबर को वेलिंगटन में खेला जाएगा। यह सीरीज अगले साल होने वाले आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप की तैयारी के लिहाज से भी दोनों टीमों के लिए अहम है। कंबोज ने कहा कि वह अगले मैच में भी इसी लय को बनाए रखना चाहते हैं और इसके लिए अच्छी तैयारी पर ध्यान दे रहे हैं।
WPL 2027 का शेड्यूल जारी, 14 जनवरी को RCB और Mumbai Indians के बीच होगा पहला मैच
महिला प्रीमियर लीग के नए सीजन का इंतजार कर रहे क्रिकेट फैंस के लिए अच्छी खबर है। बीसीसीआई ने 2027 में होने वाले टूर्नामेंट का कार्यक्रम तय कर लिया है। मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु अपने अभियान की शुरुआत 14 जनवरी को मुंबई इंडियंस के खिलाफ करेगी। खास बात यह है कि दोनों टीमें अब तक 2-2 बार इस खिताब को जीत चुकी हैं। ऐसे में पहले ही मुकाबले में दोनों मजबूत टीमों के बीच रोमांचक टक्कर देखने को मिल सकती है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, बीसीसीआई ने पूरे टूर्नामेंट के आयोजन के लिए वडोदरा और मुंबई को चुना है। प्रतियोगिता का पहला चरण 14 जनवरी से 24 जनवरी तक वडोदरा के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। इस दौरान कुल 11 मुकाबले होंगे। इसके बाद टूर्नामेंट का अगला चरण मुंबई में आयोजित किया जाएगा।
सीजन का दूसरा मुकाबला 15 जनवरी को यूपी वॉरियर्ज और गुजरात जायंट्स के बीच खेला जाएगा। हाल में हुई खिलाड़ियों की नीलामी में यूपी वॉरियर्ज ने सबसे ज्यादा चर्चा बटोरी थी। टीम ने कई खिलाड़ियों पर बड़ी बोली लगाकर अपनी ताकत बढ़ाई है। ऐसे में पहले ही मुकाबले में उसके प्रदर्शन पर सबकी नजर रहेगी।
वहीं, 4 बार उपविजेता रह चुकी दिल्ली कैपिटल्स की टीम 16 जनवरी को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ अपना पहला मैच खेलेगी। दिल्ली की टीम अब तक खिताब जीतने में सफल नहीं रही है और इस बार उसकी कोशिश पहली बार चैंपियन बनने की होगी।
वडोदरा में पहला चरण पूरा होने के बाद टूर्नामेंट मुंबई पहुंचेगा। यहां क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया में 26 जनवरी को दूसरे चरण की शुरुआत होगी। दिलचस्प बात यह है कि इस दिन भी पहला मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियंस के बीच खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच इस सीजन में एक से ज्यादा बार मुकाबला होने की संभावना है, जिससे लीग के रोमांच में और इजाफा होगा।
मुंबई में लीग चरण के 9 मुकाबले खेले जाएंगे। यह सिलसिला 3 फरवरी तक चलेगा। लीग चरण का आखिरी मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स और यूपी वॉरियर्ज के बीच होगा। इसके बाद खिताब की दौड़ में आगे बढ़ने वाली टीमों के बीच नॉकआउट मुकाबले खेले जाएंगे।
टूर्नामेंट का एलिमिनेटर मुकाबला 5 फरवरी को रखा गया है, जबकि फाइनल 7 फरवरी को खेला जाएगा। फाइनल में पहुंचने वाली टीमों के पास महिला प्रीमियर लीग की ट्रॉफी जीतने का मौका होगा।
गौरतलब है कि महिला प्रीमियर लीग की शुरुआत 2023 में हुई थी। इस प्रतियोगिता ने भारतीय महिला क्रिकेट को नई पहचान देने के साथ घरेलू और विदेशी खिलाड़ियों को एक मंच भी दिया है। हर सीजन में टीमों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा और खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ाई है। 2027 के सीजन में भी 5 टीमों के बीच खिताब के लिए मुकाबला देखने को मिलेगा।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi








