मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल एक माह से बंद
भोपाल, 3 नवंबर (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश में नर्सिंग शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा एक और मामला सामने आया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि नर्सिंग काउंसिल का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल पिछले करीब एक महीने से बंद है। काउंसिल की प्रमुख डॉ बीनू कुशवाह का कहना है कि गड़बड़ियों को रोकने के लिए काउंसिल लगातार कदम उठा रही है और जल्दी ही पोर्टल चालू हो जाएगा।
दरअसल, राज्य का नर्सिंग काउंसिल पिछले काफी समय से चर्चाओं में है। इसकी वजह भी है क्योंकि कई कॉलेज कागज पर चलने के मामले सामने आए तो वहीं दलाल भी सक्रिय रहे। मध्यप्रदेश एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि नर्सिंग काउंसिल के ऑनलाइन पोर्टल पर एक गधे के नाम से रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी होने का मामला सामने आने के बाद काउंसिल ने पोर्टल बंद कर दिया था। हालांकि एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी पोर्टल को दोबारा सुचारु रूप से शुरू नहीं कर पाए हैं।
यह स्थिति ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था की निगरानी, सत्यापन और तकनीकी प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करती है। रवि परमार ने कहा कि मध्यप्रदेश में हजारों ऐसे नर्सिंग अभ्यर्थी हैं, जिन्हें नौकरी, उच्च शिक्षा, अस्पतालों में नियुक्ति और अन्य व्यावसायिक आवश्यकताओं के लिए नर्सिंग काउंसिल के पंजीयन की जरूरत होती है। पोर्टल बंद होने से इनकी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। कई अभ्यर्थियों को नौकरी के अवसर गंवाने का डर है, वहीं कई अभ्यर्थियों के दस्तावेज और आवेदन लंबित पड़े हैं। इसके बावजूद न तो काउंसिल की ओर से कोई स्पष्ट समयसीमा बताई जा रही है और न ही आवेदकों को कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है।
जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि जब पोर्टल के माध्यम से फर्जी अथवा संदिग्ध रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र जारी होने का मामला सामने आया, तब इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और पोर्टल की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता थी। लेकिन पोर्टल बंद कर देना और उसके बाद लंबे समय तक उसे शुरू नहीं कर पाना समस्या का समाधान नहीं है। इससे वास्तविक और योग्य नर्सिंग अभ्यर्थियों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ रही है।
काउंसिल की संचालक डॉ बीनू कुशवाह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा है कि पिछले दिनों पंजीयन में गड़बड़ी के मामले सामने आए, उसी के चलते काउंसिल पूरी सतर्कता बरत रही है। जिनके रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं उनका दोबारा वेरिफिकेशन किया जा रहा है, ताकि कोई फर्जी रजिस्ट्रेशन हुए हो तो उन्हें पकड़ा जा सके। जहां तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की बात है तो उसमें सुधार की प्रक्रिया जारी है और जल्दी ही रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा। ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू किए जाने की वजह भी है क्योंकि कई बार दलाल किस्म के लोग अभ्यार्थियों के साथ धोखा कर देते हैं, इसलिए काउंसिल ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पर खास जोर दे रही है । यह रजिस्ट्रेशन पोर्टल 15 नवंबर तक शुरू हो जाएगा।
--आईएएनएस
एसएनपी/पीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पश्चिम एशिया तनाव से फिर उछला कच्चा तेल, ईरान पर अमेरिकी कार्रवाई की खबर से बढ़ी सप्लाई की चिंता
नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में एक बार फिर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में मंगलवार को शुरुआती कारोबार में तेजी दर्ज की गई। यह तेजी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी सेना ने ईरान के केशम द्वीप पर कार्रवाई की है, जिससे क्षेत्रीय संघर्ष के और गहराने तथा ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंकाएं बढ़ गई हैं।
अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 2.23 प्रतिशत बढ़कर 107.21 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड 2.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.62 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया।
कीमतों में यह उछाल ऐसे समय आया है जब पिछले कारोबारी सत्र में तेल बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। सोमवार को ब्रेंट क्रूड 8.66 डॉलर या 7.6 प्रतिशत टूटकर 104.77 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था।
अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से आई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिकी सेना ने केशम द्वीप को निशाना बनाया। कुछ अधिकारियों ने इस अभियान को रक्षात्मक कार्रवाई बताया है, जिसका उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को सीमित करना है जिसके जरिए वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटनाक्रम के बाद निवेशकों ने कच्चे तेल की कीमतों में फिर से जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम जोड़ना शुरू कर दिया है। इससे संकेत मिलता है कि बाजार आपूर्ति बाधित होने के जोखिम को अधिक गंभीरता से देखने लगा है।
हालांकि तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। ईरान ने कहा है कि संघर्ष समाप्त करने के उद्देश्य से वॉशिंगटन के साथ बातचीत जारी है। हालांकि कतर की मध्यस्थता में हाल में हुई वार्ताएं किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकीं, भले ही ईरान ने संशोधित प्रस्ताव पेश किए हों।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिया है कि तेहरान के साथ समझौते की संभावना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। उन्होंने संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर अनिश्चितता जताते हुए कहा कि वार्ता का रास्ता अब भी खुला है।
फरवरी के आखिर में शुरू हुए इस संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर लगातार पड़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से सामान्य परिस्थितियों में दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का परिवहन होता है, संघर्ष के कारण काफी प्रभावित हुआ है। इस वजह से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं लगातार बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक जारी व्यवधान ने ईंधन कीमतों को ऊंचे स्तर पर बनाए रखा है। इसका असर उपभोक्ताओं और सरकारों दोनों पर पड़ रहा है, खासकर अमेरिका में जहां पेट्रोल की कीमतें एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और आर्थिक मुद्दा बनी हुई हैं।
अक्टूबर में ब्रेंट क्रूड छह महीने के उच्चतम स्तर पर बंद हुआ था। बाजार को आशंका है कि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है, जिससे तेल कीमतों में फिर तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि सर्वोच्च नेता आयतुल्ला मोजतबा खामेनेई ने शांति वार्ताओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार को कुछ अतिरिक्त अधिकार सौंपे हैं। इससे संकेत मिलता है कि सैन्य तनाव के साथ-साथ कूटनीतिक समाधान की कोशिशें भी जारी हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया की घटनाएं, अमेरिकी राजनीतिक घटनाक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन स्थिति वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी।
--आईएएनएस
डीबीपी
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