कौन हैं यश राठौड़? जिन्होंने न्यूजीलैंड में रेड बॉल क्रिकेट में मचाया धमाल, मात्र इतनी गेंदों में ठोक दिया शतक
Who is Yash Rathod : इंडियन क्रिकेट टीम का न्यूजीलैंड का दौरा जारी है. न्यूजीलैंड में टीम को पांच टी20, पांच वनडे और दो टेस्ट मैच खेले हैं. भारत ने पांच मैचों की टी20 सीरीज 3-2 से जीत ली. अब पांच वनडे मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 4 नवंबर को खेला जाने वाला है. उसके बाद 19 नवंबर से लेकर 1 दिसंबर तक टेस्ट सीरीज खेली जाएगी. इस सीरीज की तैयारी के लिए इंडिया ए की टीम न्यूजीलैंड ए के साथ अनऑफिशियल टेस्ट मैच खेल रही हैं. क्राइस्टचर्च में खेले गए इंडिया ए बनाम न्यूजीलैंड ए के दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट मैच में यश राठौड़ ने सेंचुरी बनाई है. तो आज हम आपको बता ने वाले हैं कि, यश राठौड़ कौन हैं. उन्होंने न्यूजीलैंड ए के खिलाफ मुश्किल वक्त में किस तरह बेहतरीन पारी खेली और टीम इंडिया को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में मदद की.
इंडिया ए और न्यूजीलैंड ए के बीच खेला गया दूसरा अनऑफिशियल टेस्ट मैच ड्रॉ रहा. इस मैच में इंडिया ए ने पहले बैटिंग करते हुए 102 ओवर में 10 विकेट गंवाकर 346 रन बनाए. न्यूजीलैंड ए ने पहली पारी में 132.5 ओवर में 10 विकेट पर 424 रन बनाए. इंडिया ए ने दूसरी पारी में 52.2 ओवर में 2 विकटे पर 282 रन बनाए. इसके साथ ही ये चार दिवसीय मैच ड्रॉ रहा. इस मुकाबले में यश राठौड़ ने शानदार पारी खेली.
- Fifty in 1st unofficial Test.
— Johns. (@CricCrazyJohns) November 3, 2026
- Hundred in 2nd unofficial Test.
26-YEAR-OLD YASH RATHOD FROM VIDARBHA IN NEW ZEALAND - he is making big statements in middle order for India A ???? pic.twitter.com/isSraIp8GJ
यश राठौड़ ने खेली शतकीय पारी
इस मैच में यश राठौड़ इंडिया ए के लिए चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए मैदान पर उतरे. वो साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल जैसे शानदार खिलाड़ियों के आउट होने के बाद क्रीज पर आए. उन्होंने यशस्वी जायसवाल के साथ मिलकर अपनी पारी को आगे बढ़ाया. यश राठौड़ ने 122 बॉल का सामना किया और कुल 9 चौकों की मदद से 100 रनों की नाबद पारी खेली. इस पारी के दौरान उनका स्ट्राइक रेट 81.97 का रहा. यश ने जायसवाल के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 245 गेदों में 247 रनों की नाबाद साझेदारी कर डाली. इस साझेदारी में यश राठौड़ ने 100 और जायसवाल ने 123 रनों का योगदान दिया.
Yash Rathod in Playing XI for 2 Tests ? ????
— AkCricTalks???????????? (@AKCricTalks) November 3, 2026
A CENTURY FOR YASH RATHOD! ????????
He has impressed immensely in both matches.
Batted under pressure, held one end together and showed tremendous composure while batting with the tailenders.
Runs, temperament and fight. Yash Rathod is… pic.twitter.com/IgXkOUZrAb
कौन हैं यश राठौड़?
यश राठौड़ एक इंडियन क्रिकेट क्रिकेटर हैं, जिनकी उम्र 26 साल हैं. उनका जन्म 16 मई 2000 को हुआ था. वो महाराष्ट्र के नागपुर के रहने वाले हैं. यश विदर्भ के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते हैं. वो एक मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज हैं बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, जबकि लेफ्टआर्म ऑर्थोडॉक्स स्पिन गेंदबाज हैं. वो इंडिया ए, इंडिया अंडर-19, सेंट्रल जोन, विदर्भ और इंडिया इमर्जिंग के लिए खेल चुके हैं.
उन्होंने 2023 में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया था. साल 2024-25 में रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाए. यश ने 18 मैचों में 960 रन 5 शतक और 3 अर्धशतकों के साथ बनाए. उनके नाम पिछले रणजी सीजन में 6 मैचों में 645 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 3 अर्धशतक शामिल थे. वो 33 फर्स्ट क्लास मैचों में 60 की औसत से 3004 रन बना चुके हैं. उन्होंने 11 शतक और 14 अर्धशतक भी लगाए हैं.
यशस्वी जायसवाल ने भी खेली शतकीय पारी
इस मुकाबले में यशस्वी जायसवाल ने भी बेहतरीन पारी खेली. वो इंडिया ए के लिए पारी की शुरुआत करने आए और अंत तक नाबाद रहे. उन्होंने 162 बॉल का सामना किया. इस दौरान जायसवाल ने 15 चौके और 5 छक्कों की मदद से 155 रनों की नाबाद पारी खेली. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 95.68 रहा है.
Yashasvi Jaiswal - 155* (162).
— Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) November 3, 2026
Yash Rathod - 100* (122).
India A Vs New Zealand A second unofficial Test ends in a draw. pic.twitter.com/DAoovalEbZ
इस मैच में बॉल के साथ मोहम्मद सिराज और मुकेश कुमार ने उम्दा प्रदर्शन किया. मोहम्मद सिराज ने इंडिया ए की ओर से खेलते हुए न्यूजीलैंड ए के खिलाफ कुल 35 ओवर गेंदबाजी की और इस दौरान उन्होंने 4 विकेट अपने नाम किए. वहीं मुकेश कुमार ने इंडिया ए की ओर से बॉलिंग करते हुए 39 ओवर में 3 की इकोनमी के साथ 87 रन दिए और 5 विकेट हालिस किए. इस दौरान उन्होंने 9 मेडन ओवर भी डाले.
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Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा का पाठ सुबह-शाम किस समय करना चाहिए? जानें शनिवार-मंगलवार का महत्व
Hanuman Chalisa: हिंदू धर्म में सभी देवी-देवताओं को कोई न कोई दिन समर्पित होता है. जैसे की सोमवार को भगवान शिव की पूजा होती है तो मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा होती है. बजरंगबली हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है. त्रेतायुग में उन्होंने भगवान राम की खूब सेवा-भक्ति की थी. सीता हरण के बाद लंका विजय करने में भगवान हनुमान की भी अहम भूमिका रही है. इसके बाद उन्होंने भगवान राम की सदा-सदा सेवा की थी. इसके फलस्वरूप भगवान राम ने उन्हें अमर रहने और कलियुग में भी भक्तों की रक्षा के लिए वरदान दिया. इसलिए, माना जाता है कि हनुमान जी आज भी जीवित है. मंगलवार के दिन उन्हीं का पूजन करते हैं. हनुमान चालीसा उन्हीं का एक प्रसिद्ध भजन गीत है, जिसका भंजन भक्त प्रतिदिन करते हैं.
हनुमान चालीसा का महत्व
कहते हैं कि हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए. यही कारण है कि भक्त रोज इसे पढ़ते हैं. कई भक्तों को तो हनुमान चालीसा की एक-एक लाइन, चौपाइयां याद होती हैं. वे बिना किताब देखे भी हनुमान चालीसा का पाठ कर लेते हैं. हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए मुख्य रूप से दो दिनों को महत्व दिया जाता है- शनिवार और मंगलवार. इसके अलावा, हनुमान जयंती पर भी हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रति दिन इस भजन का पाठ करने से मानसिक शांति मिलती है और मुश्किल समय में साहस प्राप्त होता है. पर क्या आप जानते हैं कि हनुमान चालीसा का पाठ करने के सही नियम, समय और मान्यताएं क्या है? चलिए इस बारे में सब कुछ जानते हैं.
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हनुमान चालीसा का निर्माण
मौजूदा जानकारी के अनुसार, हनुमान चालीसा की रचना 16वीं शताब्दी में महान संत और भगवान श्रीराम के परम भक्त गोस्वामी तुलसीदास ने की थी. उन्होंने हनुमान चालीसा का निर्माण अवधी भाषा में किया था. इसमें कुल 40 चौपाइयां और 2 दोहे हैं. इसमें भगवान के बल, बुद्धि, गुणों, पराक्रम और श्रीराम के प्रति उनकी अटूट भक्ति को दर्शाता है.
कैसे हुई थी हनुमान चालीसा की रचना?
पौराणिक कथाओं के अनुसार, मुगल सम्राट अकबर ने तुलसीदास जी को चमत्कार दिखाने के लिए बोला था. तुलसीदास जी के मना करने पर अकबर ने उन्हें फतेहपुर सीकरी की जेल में डाल दिया. कारावास में रहते हुए तुलसीदास जी ने 40 दिनों तक हनुमान जी की आराधना की और चालीसा के छंदों का निर्माण किया. कहा जाता है कि इसके बाद 40वें दिन अचानक फतेहपुर सीकरी में हजारों बंदरों ने उपद्रव मचा दिया और पूरे नगर में हलचल मच गई. अपनी गलती का अहसास होने पर अकबर ने तुलसीदास जी को आदर सहित जेल से रिहा किया.
हनुमान चालीसा का पाठ किस समय करें?
हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए किसी एक विशेष दिन की आवश्यकता नहीं होती है. भक्त रोजाना इसका पाठ कर सकते है. यदि किसी के पास समय की दिक्कत रहती है, तो वह मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान चालीसा पढ़ सकते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंगलवार का दिन हनुमान जी को तो शनिवार का दिन शनि देव की समर्पित है. मगर शनिवार की मान्यता है कि उस दिन जो भी भक्त हनुमान जी की पूजा करते हैं, न्याय के देवता श्रीशनि उन पर कृपा करते हैं.
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा क्यों करें?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी का जन्म मंगलवार को हुआ था. इसलिए, इस दिन उनकी आराधना करना और व्रत रखना शुभ फल देता है. इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करने से संकट और भय का नाश होता है.
शनिवार को हनुमान जी की पूजा क्यों करते हैं?
शनिवार के दिन हनुमान जी की पूजा मुख्य रूप से शनिदेव के प्रकोपों और दोषों से बचने के लिए करते हैं. पौराणिक कथाओं के अनुसार, रावण की कैद से हनुमान जी ने ही शनिदेव को मुक्त करवाया था. इससे प्रसन्न होकर शनिदेव ने हनुमान जी को वचन दिया था कि जो भक्त शनिवार के दिन हनुमान जी की पूजा-अर्चना करेगा, उस पर शनि का कोई बुरा प्रभाव नहीं होगा.
सुबह करें हनुमान चालीसा का पाठ
हनुमान चालीसा पढ़ने के लिए सुबह का समय सबसे सही माना जाता है. मान्यता है कि सुबह उठकर स्नान करने के बाद साफ-सुथरे कपड़े पहनने चाहिए और पूजा स्थल पर बैठकर हनुमान जी के समक्ष दीया जलाना चाहिए. उन्हें लाल रंग का फूल अर्पित करना चाहिए. इसके बाद उनका ध्यान करना चाहिए. फिर शांत मन से हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए. हालांकि, शाम के समय भी हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं.
रात को कब करें हनुमान चालीसा का पाठ?
यदि किसी को दिनभर में समय नहीं मिल पा रहा है, तो वह रात में सोने से पूर्व भी हनुमान चालीसा पढ़ सकता है. मान्यता है कि सोने से पहले बजरंगबली का स्मरण व ध्यान करके हनुमान चालीसा का पाठ करने से मन में सकारात्मक विचार आते हैं. इसे नींद की समस्या में सुधार होता है और भय तथा नकारात्मकता दूर होती है.
हनुमान चालीसा का पाठ करने के नियम
- हनुमान चालीसा पढ़ने से पहले अपे शरीर और मुख को साफ कर लें और साफ कपड़े पहनें.
- बजरंगबसी की तस्वीर के सामने अपना आसन बिछाकर पाठ करें.
- पाठ शुरू करने से पहले हनुमान जी के सामने दीया जरूर जलाएं.
- हनुमान चालीसा का पाठ करते समय अपने मन में किसी भी तरह के गलत विचारों को न आने दें.
- चालीसा की चौपाइयों का पाठ जल्दबाजी में न करें.
- हनुमान चालीसा का पाठ रोजाना भी किया जा सकता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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