इजरायल में नई सरकार के गठन को लेकर सियासत तेज, नेतन्याहू ने अरब पार्टियों के साथ गठबंधन से किया इनकार
Israel Elections: इजरायल में अक्टूबर के आखिर में हुए आम चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं, जिसमें किसी भी पार्टी के पूर्ण बहुमत नहीं मिला है. ऐसे में देश में सरकार बनाने को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि वह देश में व्यापक राष्ट्रीय सरकार बनाने के पक्ष में हैं. हालांकि उन्होंने इस बात से इनकार किया है कि वह ऐसी किसी सरकार में शामिल नहीं होंगे जो अरब नेतृत्व वाली पार्टियों के समर्थन पर निर्भर हो.
नेतन्याहू ने अरब पार्टियों के समर्थन से किया इनकार
इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि इजरायल की जनता ऐसी सरकार बनाना नहीं चाहती, जिसे बनाने और चलाने के लिए राम (Ra'am) और जॉइंट लिस्ट जैसी पार्टियों की मदद लेनी पड़े. इसके साथ ही नेतन्याहू ने इन पार्टियों पर आतंकवाद का समर्थन करने और इजरायल को यहूदी राष्ट्र के रूप में स्वीकार नहीं करने का भी आरोप लगाया.
चुनाव में लिकुड पार्टी की सफलता का किया जिक्र
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी पार्टी लिकुड की चुनावी सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर सामने आई है. उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें अगली सरकार का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी है. उनकी पार्टी चुनाव के पहले दिन से ही राष्ट्रीय सरकार बनाने की कोशिश कर रही है. इसके लिए वह अपने मौजूदा सहयोगियों के अलावा उन अन्य राजनीतिक दलों से भी बातचीत करने को तैयार हैं, जो आतंकवाद का समर्थन नहीं करते.
הציבור בישראל אינו רוצה ממשלה שתלויה ברע״ם ובמשותפת - מפלגות שתומכות בטרור ושוללות את קיומה של המדינה היהודית.
— Benjamin Netanyahu - בנימין נתניהו (@netanyahu) November 2, 2026
מן היום הראשון ידינו הייתה מושטת להקמת ממשלה לאומית רחבה.
רוב ברור בציבור היהודי בחר בליכוד כמפלגה הגדולה ובי, כראש ממשלה, כדי להוביל את הממשלה הבאה.
אנחנו שואפים…
खबर अभी अपडेट हो रही है...
'मैं Mr. वीटो बन जाऊंगा', चुनाव हारने की आशंका पर राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद बताया आगे का प्लान, डेमोक्रेट्स की बढ़त से बढ़ी चिंता
US Midterm Elections: अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अगर रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस में बहुमत गंवा देती है तो वह क्या करेंगे. ट्रंप ने कहा है कि ऐसी स्थिति में वह 'मिस्टर वीटो' बन जाएंगे.
दरअसल, अमेरिका में मिडटर्म चुनाव से पहले कई अहम राज्यों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों की बढ़त दिख रही है. इससे कांग्रेस में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत खतरे में पड़ सकता है. ऐसे में ट्रंप ने पहले ही बता दिया है कि अगर चुनाव में उनकी पार्टी को नुकसान होता है तो उनकी रणनीति क्या होगी. ट्रंप ने कहा कि वह मिस्टर वीटो बनकर डेमोक्रेट्स के लाए हर उस बिल को रोकेंगे, जो उनकी नीतियों के खिलाफ होगा. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर अपने प्रशासन के अधिकारियों और सहयोगियों को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए राष्ट्रपति की माफी देने की शक्ति का इस्तेमाल करेंगे.
Trump:
— Clash Report (@clashreport) November 2, 2026
I will become Mr. Veto if the Democrats win. pic.twitter.com/ZIhNUUSt3P
ट्रंप बोले- हर बिल पर वीटो लगाऊंगा
'पॉड फोर्स वन' पॉडकास्ट पर न्यूयॉर्क पोस्ट की पत्रकार मिरांडा डिवाइन से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अगर रिपब्लिकन चुनाव नहीं जीतते हैं तो वह हर उस बिल पर वीटो लगाएंगे, जिसे डेमोक्रेट्स कांग्रेस से पास कराएंगे. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि मैं मिस्टर वीटो बन जाऊंगा. मैं उन्हें सब कुछ बर्बाद नहीं करने दूंगा. ट्रंप ने आगे कहा कि अगर उनकी पार्टी चुनाव हारती है तो वह लगातार वीटो का इस्तेमाल करेंगे. इससे डेमोक्रेट्स को आखिरकार बातचीत की मेज पर आना पड़ेगा और दोनों पक्षों के बीच कुछ समझौते हो सकते हैं.
ट्रंप ने उम्मीद जताई कि रिपब्लिकन चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करेंगे और उन्हें ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा. हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर डेमोक्रेट्स को बहुमत मिलता है तो वह उन्हें अपनी नीतियां बदलने से रोकने की पूरी कोशिश करेंगे.
अपनी आर्थिक नीतियों को बचाने के लिए करेंगे वीटो का इस्तेमाल
ट्रंप ने कहा कि डेमोक्रेट्स सत्ता में आने पर उनकी सरकार की कई अहम नीतियों को बदलने की कोशिश कर सकते हैं. इनमें टैक्स में दी गई छूट और बंदूक रखने के अधिकार से जुड़े नियम शामिल हैं. ट्रंप ने कहा कि वह राष्ट्रपति के वीटो अधिकार का इस्तेमाल करके ऐसे फैसलों को रोक सकते हैं.
उन्होंने अपनी सरकार की आर्थिक नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने टिप्स, ओवरटाइम और बुजुर्गों की सोशल सिक्योरिटी से होने वाली आय पर टैक्स में राहत दी है. ट्रंप का दावा है कि डेमोक्रेट्स इन फैसलों को वापस लेना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि वह ऐसा नहीं होने देंगे.
सर्वे में कई राज्यों में डेमोक्रेट्स को बढ़त
मिडटर्म चुनाव से पहले सामने आए न्यूयॉर्क टाइम्स और सिएना यूनिवर्सिटी के सर्वे में कई अहम राज्यों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार रिपब्लिकन प्रत्याशियों से आगे दिखाई दे रहे हैं. इन नतीजों से सीनेट में रिपब्लिकन बहुमत को चुनौती मिलती दिख रही है.
सर्वे के मुताबिक, टेक्सास, कंसास, मेन, ओहायो और अलास्का जैसे रिपब्लिकन प्रभाव वाले राज्यों में भी डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को बढ़त मिली है. वहीं, आयोवा में दोनों पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला है. मिशिगन में भी डेमोक्रेटिक उम्मीदवार आगे चल रहे हैं.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation











