JPSC-JSSC विवाद: CM हेमंत सोरेन बोले- जांच मेरे घर तक पहुंचे तो भी न हिचकें अफसर
JPSC JSSC Controversy: JPSC-JSSC परीक्षा विवाद पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जांच एजेंसियों को पूरी छूट है. छात्रों से बातचीत के लिए सरकार ने पांच सदस्यीय समिति बनाई है और पारदर्शी जांच का भरोसा दिलाया. झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ होगी. उन्होंने जांच एजेंसियों को खुली छूट देते हुए कहा कि अगर जांच की आंच उनके घर तक भी पहुंचती है, तब भी अधिकारी बिना किसी हिचकिचाहट के कार्रवाई करें.
विधानसभा में सर्वदलीय बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस पूरे मामले का ठोस समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं और छात्र अपनी मांगों के साथ सरकार के सामने आ सकते हैं. उनकी हर बात को गंभीरता से सुना जाएगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि जांच एजेंसियां पूरी मजबूती से काम कर रही हैं. अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कई अन्य के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है. सरकार नियमित रूप से जांच की प्रगति की समीक्षा कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
माननीय विधानसभा में मीडिया बंधुओं से बातचीत...
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 5, 2026
मेरे युवा साथियों की चिंताएँ हमारे लिए अत्यंत गंभीर विषय हैं। पेपर लीक का विषय केवल झारखंड का नहीं है, बल्कि देश के अनेक राज्यों के युवाओं के सामने यह एक बड़ी राष्ट्रीय समस्या बन चुका है।
हमारी सरकार इस मामले पर पूरी गंभीरता के साथ… pic.twitter.com/AGRsy4sVJy
विधायक दल की बैठक में दिखा सख्त रुख
बुधवार शाम सत्ता पक्ष विधायक दल की बैठक में भी मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जेपीएससी मामले में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि जांचकर्ताओं को पूरी स्वतंत्रता दी गई है और यदि जरूरत पड़े तो किसी भी स्तर तक जांच की जाए.
बैठक में छात्र आंदोलन और युवाओं की चिंताओं पर भी चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार संवाद के जरिए समाधान निकालने की पक्षधर है और छात्रों की हर जायज चिंता का समाधान किया जाएगा.
यह भी पढ़ें: Jharkhand News: स्वच्छ भारत मिशन 2.0 को मिली रफ्तार, झारखंड के 50 शहरी निकायों के लिए 4.23 करोड़ रुपये जारी
आज छात्रों से होगी सरकार की वार्ता
जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और राज्य सरकार के बीच गुरुवार को वार्ता प्रस्तावित है. सरकार ने बातचीत के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई है. इसमें नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, श्रम मंत्री संजय सिंह यादव और विकास आयुक्त अजय सिंह को शामिल किया गया है. सरकार को उम्मीद है कि बातचीत के जरिए छात्रों की मांगों पर सकारात्मक समाधान निकलेगा और गतिरोध समाप्त होगा.
राज्यपाल को भी दी पूरी जानकारी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी. उन्होंने जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती प्रक्रिया में सामने आए आरोपों, चल रही जांच और छात्र आंदोलन की स्थिति से राज्यपाल को अवगत कराया. इस दौरान राज्यपाल ने भी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और युवाओं के विश्वास को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया. मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार छात्रों को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ दोषियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में युवाओं का भरोसा दोबारा मजबूत करना भी है. इसी उद्देश्य से जांच और संवाद, दोनों प्रक्रियाएं साथ-साथ आगे बढ़ाई जा रही हैं.
यह भी पढ़ें: Jharkhand News: पैतृक गांव में मनाई गई शिबू सोरेन की पुण्यतिथि, देशभर के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
अमेरिका ने इराकी एयरलाइन पर लगे प्रतिबंध हटाए, ईरान पर लगे बैन में ढील देने से किया इनकार
US Lifts Ban on Iraqi Airline: अमेरिकी वित्त विभाग ने इराकी कमर्शियल एयरलाइन फ्लाई बगदाद और उसके दो एयरक्राफ्ट को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से जुड़ी अपनी प्रतिबंधित लिस्ट से हटा दिया है. फ्लाई बगदाद एयरलाइंस को इराक एक्सप्रेस के नाम से भी जाना जाता है. इसके दो बोइंग 737 एयरक्राफ्ट को स्पेशली डेजिग्नेटेड नेशनल्स (एसडीएन) लिस्ट से हटा दिया गया है. यह बात विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय ने बुधवार (स्थानीय समय) को एक बयान में कही.
इराकी एयरलाइन पर जनवरी 2024 में लगाया था प्रतिबंध
फ्लाई बगदाद एयरलाइंस को शुरू में जनवरी 2024 में इस आरोप पर प्रतिबंधित किया गया था कि उसने इराक, सीरिया और लेबनान में आईआरजीसी की कुद्स फोर्स और उसके प्रॉक्सी मिलिशिया को सपोर्ट दिया था. न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, यह बदलाव एक पुनर्विचार प्रक्रिया से गुजरने के बाद किया गया. कई मीडिया आउटलेट्स ने एक अधिकारी के हवाले से कहा, "यह ईरान सरकार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स-कुद्स फोर्स, किसी भी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन या इनमें से किसी का समर्थन करने वाले या उनकी तरफ से काम करने वाले किसी भी व्यक्ति के प्रति अमेरिकी नीति में किसी भी बदलाव का संकेत नहीं है.
अमेरिका और ईरान में होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर चल रही बातचीत
इससे पहले अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने मंगलवार (स्थानीय समय) को कहा था कि ईरान के साथ होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए कुछ ही दिनों में डील हो सकती है. हफ्ते के अंत में दोनों पक्षों के हमले रोकने के बाद अब अमेरिका और ईरान होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने पर बातचीत कर रहे हैं. ईरानी विदेश मंत्रालय की प्रेस रिलीज के अनुसार, इस्माइल बाघेई ने बुधवार (स्थानीय समय) को रिपोर्टरों को बताया कि ईरान और ओमान के बीच प्रस्तावित रूट के भौगोलिक समन्वय पर सहमति बन गई है और वे एक संयुक्त बयान को फाइनल कर रहे हैं जिसमें तय किए गए खास पॉइंट्स बताए जाएंगे.
उन्होंने कहा कि दोनों देश पिछले दो महीनों से प्रस्तावित रास्ते पर बातचीत कर रहे हैं, जिसमें ईरानी अधिकारी तकनीकी, कानूनी, सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़े पहलुओं की समीक्षा कर रहे हैं. बाघेई ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमले और उसके कारण इलाके की सुरक्षा पर पड़ने वाले असर के कारण स्ट्रेट को बंद कर दिया गया था. उन्होंने कहा कि ईरान और ओमान के बीच आपसी समझ का मतलब यह नहीं है कि स्ट्रेट जहाजों के आने-जाने के लिए सुरक्षित हो गया है, क्योंकि ईरान और उसके हितों के खिलाफ अमेरिका की समुद्री नाकाबंदी और दूसरी आक्रामक और धमकी भरी कार्रवाइयां जारी हैं.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation









