अमेरिका ने इराकी एयरलाइन पर लगे प्रतिबंध हटाए, ईरान पर लगे बैन में ढील देने से किया इनकार
US Lifts Ban on Iraqi Airline: अमेरिकी वित्त विभाग ने इराकी कमर्शियल एयरलाइन फ्लाई बगदाद और उसके दो एयरक्राफ्ट को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से जुड़ी अपनी प्रतिबंधित लिस्ट से हटा दिया है. फ्लाई बगदाद एयरलाइंस को इराक एक्सप्रेस के नाम से भी जाना जाता है. इसके दो बोइंग 737 एयरक्राफ्ट को स्पेशली डेजिग्नेटेड नेशनल्स (एसडीएन) लिस्ट से हटा दिया गया है. यह बात विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय ने बुधवार (स्थानीय समय) को एक बयान में कही.
इराकी एयरलाइन पर जनवरी 2024 में लगाया था प्रतिबंध
फ्लाई बगदाद एयरलाइंस को शुरू में जनवरी 2024 में इस आरोप पर प्रतिबंधित किया गया था कि उसने इराक, सीरिया और लेबनान में आईआरजीसी की कुद्स फोर्स और उसके प्रॉक्सी मिलिशिया को सपोर्ट दिया था. न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, यह बदलाव एक पुनर्विचार प्रक्रिया से गुजरने के बाद किया गया. कई मीडिया आउटलेट्स ने एक अधिकारी के हवाले से कहा, "यह ईरान सरकार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स-कुद्स फोर्स, किसी भी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन या इनमें से किसी का समर्थन करने वाले या उनकी तरफ से काम करने वाले किसी भी व्यक्ति के प्रति अमेरिकी नीति में किसी भी बदलाव का संकेत नहीं है.
अमेरिका और ईरान में होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर चल रही बातचीत
इससे पहले अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने मंगलवार (स्थानीय समय) को कहा था कि ईरान के साथ होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए कुछ ही दिनों में डील हो सकती है. हफ्ते के अंत में दोनों पक्षों के हमले रोकने के बाद अब अमेरिका और ईरान होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने पर बातचीत कर रहे हैं. ईरानी विदेश मंत्रालय की प्रेस रिलीज के अनुसार, इस्माइल बाघेई ने बुधवार (स्थानीय समय) को रिपोर्टरों को बताया कि ईरान और ओमान के बीच प्रस्तावित रूट के भौगोलिक समन्वय पर सहमति बन गई है और वे एक संयुक्त बयान को फाइनल कर रहे हैं जिसमें तय किए गए खास पॉइंट्स बताए जाएंगे.
उन्होंने कहा कि दोनों देश पिछले दो महीनों से प्रस्तावित रास्ते पर बातचीत कर रहे हैं, जिसमें ईरानी अधिकारी तकनीकी, कानूनी, सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़े पहलुओं की समीक्षा कर रहे हैं. बाघेई ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमले और उसके कारण इलाके की सुरक्षा पर पड़ने वाले असर के कारण स्ट्रेट को बंद कर दिया गया था. उन्होंने कहा कि ईरान और ओमान के बीच आपसी समझ का मतलब यह नहीं है कि स्ट्रेट जहाजों के आने-जाने के लिए सुरक्षित हो गया है, क्योंकि ईरान और उसके हितों के खिलाफ अमेरिका की समुद्री नाकाबंदी और दूसरी आक्रामक और धमकी भरी कार्रवाइयां जारी हैं.
CM Bhajanlal Sharma Convoy: सीएम भजनलाल के काफिले पर क्यों उठ रहे हैं सवाल? हादसों के बाद घिरी सुरक्षा व्यवस्था
CM Bhajanlal Sharma Convoy: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अक्सर सार्वजनिक मंचों से लोगों को यह संदेश देते आए हैं कि उनकी सरकारVIP कल्चर को बढ़ावा देने के बजाय आम नागरिकों के हितों को प्राथमिकता देने वाले होते हैं. कई मौकों पर उन्हें ट्रैफिक सिग्नल पर रुकते हुए भी देखा गया, जिसे सकारात्मक और जनता के हित के पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया है. लेकिन दूसरी ओर CM के काफिले से जुड़े सुरक्षा इंतजाम और रास्ते में होने वाली दुर्घटनाओं ने प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हाल ही में कुछ महीनों पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के काफिले के दौरान हुई घटनाओं ने सुरक्षा प्रोटोकॉल, ट्रैफिक मैनेजमेंट और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर नई बहस को जन्म दे दिया है.
रूट डायवर्जन और ट्रैफिक से आम लोगों की बढ़ रही परेशानी
CM का काफिला जब भी किसी मार्ग से गुजरता है तो उससे पहले पुलिस और प्रशासनिक अमला पूरे रास्ते को खाली कराने में जुट जाता है. कई स्थानों पर आम लोगों के वाहनों को लंबे समय तक के लिए रोक दिया जाता है, जबकि सुरक्षा कारणों से यातायात को कुछ देर के लिए डायवर्ट भी किया जाता है. यह व्यवस्था VVIP सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा होती है, लेकिन अब यह सवाल उठ रहे हैं कि जब इस दौरान किसी आम नागरिक को नुकसान उठाना पड़े या सुरक्षा में चूक के कारण दुर्घटना हो जाए, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा.
CM के काफीले से हुए कई हादसे
अभी कुछ समय पूर्व ही मुख्यमंत्री के काफिले से जुड़े कुछ हादसों ने इस बात की चिंता बढ़ा दी है कि क्या राज्य में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी है. विपक्ष ने भी आरोप लगाएं हैं कि अगर मुख्यमंत्री खुद VIP संस्कृति खत्म करने की बात करते हैं, तो फिर उनके काफिले की व्यवस्था ऐसी क्यों है जिसमें आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है या दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहे. वहीं, सरकार का कहना है कि CM की सुरक्षा प्राइमरी है और सभी व्यवस्थाएं निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप की जाती हैं.
कैसे रुकेंगे हादसे?
हालांकि, कहा जाता है कि किसी भी मुख्यमंत्री या संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की सुरक्षा महत्वपूर्ण होती है. लेकिन इसके साथ-साथ यह भी जरूरी होता है कि सुरक्षा व्यवस्था ऐसी हो जिससे आम नागरिकों को जान-माल का कोई खतरा न हो. अगर बार-बार काफिले से जुड़े हादसे सामने आते हैं तो सिक्योरिटी मैनेजमेंट की समीक्षा करना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है. मॉडर्न टेक्नोलॉजी, बेहतर ट्रैफिक समन्वय और प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों के माध्यम से ऐसी घटनाओं को काफी हद तक नियंत्रित जा सकता है.
क्या यह प्रशासन का बड़ा फेलियर है?
विपक्ष इन घटनाओं को भजनलाल सरकार की प्रशासनिक विफलता बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं. उनका मानना है कि अगर किसी दुर्घटना में आम नागरिकों के प्रभावित होते हैं तो सिर्फ औपचारिक जांच पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि आखिर चूक कहां हुई है और भविष्य में उसे रोकने के लिए कौन से प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे. वहीं, दूसरी ओर सरकार का पक्ष है कि हर घटना की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा करवाई जाएं और जरूरत पड़ने पर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल में सुधार भी किए जाएं.
कैसे निकलेगा इसका समाधान?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री की छवि सिर्फ उनके बयानों से नहीं बल्कि प्रशासनिक व्यवस्थाओं से भी तय की जाती है. अगर एक तरफ सरकार वीआईपी संस्कृति को खत्म करने का संदेश देती है और दूसरी तरप काफिले से जुड़े विवाद लगातार सामने आते हैं, तो स्वाभाविक रूप से जनता के मन में इन घटनाओं को लेकर सवाल उठेंगे. ऐसे में राजस्थान सरकार के लिए जरूरी है कि वह पारदर्शिता के साथ इन घटनाओं की समीक्षा करें, सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट को और ज्यादा प्रभावी बनाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि CM की सुरक्षा के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा भी समान रूप से प्राथमिकता मिल सके. तभी VIP कल्चर को समाप्त करने का संदेश व्यवहारिक रूप से भी मजबूत होगा.
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