इंदौर: नशे में धुत ड्राइवर पर यातायात पुलिस की कार्रवाई, बस जब्त, निरस्त होगा चालक का लाइसेंस
इंदौर से मंडलेश्वर जा रही यात्री बस को ड्राइवर द्वारा नशे में धुत होकर चलाने का मामला सामने आया है। इस मामले में यातायात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बस को जब्त कर चालक के लाइसेंस को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इंदौर के तेजाजी नगर चौराहा पर यातायात पुलिस को एक नागरिक के जरिए यह सूचना मिली कि मंडलेश्वर जा रही 36 सीटर यात्री बस का चालक बहुत तेज गति से लापरवाही पूर्वक वाहन चला रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई की तब यह पूरा मामला सामने आया।
यातायात पुलिस को मिली शिकायत
इस मामले में यातायात पुलिस को जब एक नागरिक से सूचना प्राप्त हुई तब निरीक्षक बृजराज अजनार, एसआई हरिराम, आरक्षक हरेंद्र और आरक्षक सुरेंद्र की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बस को रुकवाया। जब बस को रुकवाया तो यात्रियों ने भी यही बताया कि बहुत देर से बस चालक लापरवाही पूर्वक और तेज गति से बस चल रहा है।
नशे में धुत था ड्राइवर
पुलिस द्वारा जब चालक से पूछताछ की गई तो उसके शराब के नशे में होने की आशंका हुई। ऐसे में जब ब्रीथ एनालाइजर से परीक्षण किया गया तो उसमें अल्कोहल पाया गया, जो निर्धारित वैधानिक सीमा से बहुत ज्यादा था। ऐसे में पुलिस ने बस में बैठी हुई सवारी को दूसरी व्यवस्था कर मौके से रवाना किया और ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई की गई।
बस जब्त लाइसेंस निरस्त
इस मामले में यातायात पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई का करते हुए बस को जब्त कर लिया है और चालक के लाइसेंस को निरस्त करने के लिए आरटीओ को प्रतिवेदन भेजा है। थाना प्रभारी यातायात अरविंद सिंह ने बताया कि 1 जनवरी से अभी तक शराब पीकर वाहन चलाने वालों की संख्या तकरीबन 25000 से ज्यादा रही है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। शराब पीकर वाहन चलाने वालों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं, जिनकी संख्या 3 से 4 हजार होगी।
JPSC-JSSC विवाद: CM हेमंत सोरेन बोले- जांच मेरे घर तक पहुंचे तो भी न हिचकें अफसर
JPSC JSSC Controversy: JPSC-JSSC परीक्षा विवाद पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जांच एजेंसियों को पूरी छूट है. छात्रों से बातचीत के लिए सरकार ने पांच सदस्यीय समिति बनाई है और पारदर्शी जांच का भरोसा दिलाया. झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ होगी. उन्होंने जांच एजेंसियों को खुली छूट देते हुए कहा कि अगर जांच की आंच उनके घर तक भी पहुंचती है, तब भी अधिकारी बिना किसी हिचकिचाहट के कार्रवाई करें.
विधानसभा में सर्वदलीय बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस पूरे मामले का ठोस समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं और छात्र अपनी मांगों के साथ सरकार के सामने आ सकते हैं. उनकी हर बात को गंभीरता से सुना जाएगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि जांच एजेंसियां पूरी मजबूती से काम कर रही हैं. अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कई अन्य के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है. सरकार नियमित रूप से जांच की प्रगति की समीक्षा कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
माननीय विधानसभा में मीडिया बंधुओं से बातचीत...
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 5, 2026
मेरे युवा साथियों की चिंताएँ हमारे लिए अत्यंत गंभीर विषय हैं। पेपर लीक का विषय केवल झारखंड का नहीं है, बल्कि देश के अनेक राज्यों के युवाओं के सामने यह एक बड़ी राष्ट्रीय समस्या बन चुका है।
हमारी सरकार इस मामले पर पूरी गंभीरता के साथ… pic.twitter.com/AGRsy4sVJy
विधायक दल की बैठक में दिखा सख्त रुख
बुधवार शाम सत्ता पक्ष विधायक दल की बैठक में भी मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जेपीएससी मामले में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि जांचकर्ताओं को पूरी स्वतंत्रता दी गई है और यदि जरूरत पड़े तो किसी भी स्तर तक जांच की जाए.
बैठक में छात्र आंदोलन और युवाओं की चिंताओं पर भी चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार संवाद के जरिए समाधान निकालने की पक्षधर है और छात्रों की हर जायज चिंता का समाधान किया जाएगा.
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आज छात्रों से होगी सरकार की वार्ता
जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और राज्य सरकार के बीच गुरुवार को वार्ता प्रस्तावित है. सरकार ने बातचीत के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई है. इसमें नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, श्रम मंत्री संजय सिंह यादव और विकास आयुक्त अजय सिंह को शामिल किया गया है. सरकार को उम्मीद है कि बातचीत के जरिए छात्रों की मांगों पर सकारात्मक समाधान निकलेगा और गतिरोध समाप्त होगा.
राज्यपाल को भी दी पूरी जानकारी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी. उन्होंने जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती प्रक्रिया में सामने आए आरोपों, चल रही जांच और छात्र आंदोलन की स्थिति से राज्यपाल को अवगत कराया. इस दौरान राज्यपाल ने भी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और युवाओं के विश्वास को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया. मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार छात्रों को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ दोषियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में युवाओं का भरोसा दोबारा मजबूत करना भी है. इसी उद्देश्य से जांच और संवाद, दोनों प्रक्रियाएं साथ-साथ आगे बढ़ाई जा रही हैं.
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