डिप्टी CM केशव मौर्य के हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग:उड़ते वक्त धुआं निकला, डिस्प्ले अचानक बंद; लखनऊ एयरपोर्ट पर उतारा
लखनऊ में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। उड़ान के दौरान हवा में उनके हेलीकॉप्टर से अचानक धुआं निकलने लगा। इसके बाद हेलीकॉप्टर को अमौसी एयरपोर्ट डायवर्ट कर दिया गया। दरअसल, डिप्टी सीएम केशव मौर्य लखनऊ से कौशांबी जा रहे थे। उन्हें बाबू सिंह डिग्री कॉलेज मैदान, सयारा में दो दिवसीय सरस महोत्सव कार्यक्रम का उद्घाटन करना था। उन्होंने शनिवार सुबह हेलीकॉप्टर से ला मार्टिनियर स्कूल के ग्राउंड से उड़ान भरी थी। सूत्रों के मुताबिक, हेलीकॉप्टर उड़ान के बाद 50 किलोमीटर दूर बछरावां तक पहुंच गया था। तभी हेलीकॉप्टर डिस्प्ले बोर्ड अचानक बंद हो गया। पायलट तुरंत समझ गया कि हेलीकॉप्टर में तकनीकी गड़बड़ आ गई है। पायलट ने तुरंत लखनऊ ATC से संपर्क किया। अमौसी एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग की इजाजत मांगी। इजाजत मिलते ही पायलट ने हेलीकाप्टर को एयरपोर्ट की तरफ मोड़ा गया। तभी उससे धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते केबिन में धुआं भर गया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बीच हेलीकॉप्टर को अमौसी में उतारा गया। हेलीकॉप्टर के लैंड करते ही सुरक्षा और तकनीकी टीमों ने तुरंत उसे घेर लिया। उपमुख्यमंत्री को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अब वह दूसरे हेलीकॉप्टर से कौशांबी जाएंगे। बता दें कि ला मार्टिनियर कॉलेज (La Marts) से अमौसी एयरपोर्ट (चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा) की हवाई दूरी लगभग 11-12 किलोमीटर है। 2 तस्वीरें- खबर अपडेट की जा रही है...
शंकराचार्य बोले-दुर्भाग्य है कि धर्मयुद्ध के लिए निकलना पड़ रहा:'जिंदा हिंदू लखनऊ चलें'- लिखे पोस्टर बांटे; गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध सभा करेंगे
बहुत दुर्भाग्य की बात है कि धर्म युद्ध के लिए निकलना पड़ रहा है। अपने ही देश में, अपने ही वोट से चुनी सरकार के सामने, अपनी ही गौ-माता को बचाने के लिए हम लोगों को आंदोलन करना पड़ रहा है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ये बातें काशी में लखनऊ रवाना होने से पहले शनिवार को कही। शंकराचार्य ने इस आंदोलन को “गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध सभा” का नाम दिया। वह 11 मार्च को लखनऊ पहुंचेंगे। यहां हजारों संतों की मौजूदगी में सभा करेंगे। इसमें सरकार से गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग करेंगे। शंकराचार्य ने 30 जनवरी को योगी सरकार को 40 दिन का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने तब कहा था- गाय को राष्ट्रमाता घोषित करें। वरना आंदोलन करेंगे। शंकराचार्य काशी से जौनपुर, सुल्तानपुर, अमेठी, रायबरेली, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर होते हुए 5 दिन बाद लखनऊ पहुंचेंगे। यात्रा में 20 से अधिक गाड़ियां हैं। 500 से अधिक श्रद्धालु साथ हैं। इस दौरान लोगों को पोस्टर बांटे गए। इनमें लिखा है- जिंदा हिंदू लखनऊ चलें। इससे पहले, शंकराचार्य सुबह 8.30 बजे मठ से निकलकर गौशाला पहुंचे। गाय की पूजा की। फिर पालकी पर सवार हुए। मठ से 300 मीटर दूर स्थित चिंतामणि गणेश मंदिर पहुंचे। यहां 11 बटुकों ने उनका स्वागत किया। फिर पूजा-अर्चना कर संकट मोचन मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया और अपने संकल्प को दोहराया। इसके बाद शंखनाद और जयकारों के बीच अपनी वैनिटी वैन से लखनऊ के लिए रवाना हुए। तस्वीरें- डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य के लखनऊ में स्वागत वाले बयान पर शंकराचार्य ने कहा- जिसके मन में जो है, यही मौका है, बोल दे। जो गाय के पक्ष में है, वो बोल रहा है। अपनी अभिव्यक्तियों से वे बता रहे हैं कि हम किधर हैं। जो हिम्मती लोग हैं, वो बोलेंगे कि मैं गाय के पक्ष में हूं। जो अंदर से मक्कार है, कालनेमि है, वो कुछ नहीं बोलेंगे। शंकराचार्य के जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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