'घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रही कांग्रेस', हरिद्वार में विपक्ष पर जमकर बरसे गृह मंत्री अमित शाह
Amit Shah in Hardwar: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को हरिद्वार पहुंचे. जहां उन्होंने 2000 पुलिस आरक्षीयों को नियुक्ति प्रमाण पत्र दिए. साथ ही सीएए के तहत पाकिस्तानी हिंदुओं को नागरिकता प्रमाण पत्र दिए. इसके बाद 1100 से ज्यादा की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इसके बाद शाह ने जनसभा को संबोधित किया.
कांग्रेस-सपा, बसपा पर जमकर साधा निशाना
इस दौरान शाह ने कांग्रेस-सपा, ममता समेत विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा. केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि, मैं आज उत्तराखंड की जनता को बताने आया हूं कि जब ये देव भूमि अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही थी. अलग राज्य अलग पहचान, उत्तराखंड की संस्कृति इसको बचाने के लिए उत्तराखंड के युवा मैदान में उतरे. उस वक्त कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने सहन ना हो सके ऐसा दमन हमारे उत्तराखंड के युवाओं पर किया था.
उत्तराखंड के लिए युवाओं ने दिया बलिदान- अमित शाह
शाह ने कहा कि अनेक युवाओं को गोली लगी, उन्होंने बलिदान दिया. रामपुर तिराहा की घटना आज भी उत्तराखंड वाले भूले नहीं हैं. उस वक्त भाजपा के वरिष्ठ नेता और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड की रचना करने का काम किया. उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के तथाकथित विद्वान कह रहे थे कि ये छोटे राज्य कैसे टिकेंगे. इनकी अर्थ व्यवस्थाएं कैसे चलेंगी. अटल जी ने तीन छोटे राज्य बनाए थे. उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और झारखंड. आज तीनों राज्य विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं.
'धामी ने समस्याओं को चुन-चुन कर समाप्त किया'
गृह मंत्री ने कहा कि आज हमारी सरकार के नौ साल पूरे हो रहे हैं मुझे याद का त्रिवेंद्र सिंह रावत जी को मुख्यमंत्री बनाया था. पहले कार्यक्रम में मैं आया था तब मैंने कहा था कि अटल जी ने बनाया है मोदी जी संवारने का काम करेंगे. शाह ने कहा कि ये नौ साल उत्तराखंड के विकास के नौ साल हैं. ये चार साल सीएम धामी ने एक-एक समस्या को चुन-चुनकर समाप्त कर दिया. जिसके कारण उत्तराखंड आज विकास के रास्ते पर चल रहा है.
कांग्रेस, सपा, बसपा, ममता, डीएमके ने किया CAA का विरोध- शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि, आज यहां पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हुए लगभग 200 लोगों को नागरिकता दी गई. शाह ने कहा कि जब मैं सीएए का कानून लेकर आया तब कांग्रेस, सपा, बसपा, ममता, डीएमके सभी लोग संसद में हो हल्ला करने लगे. शाह ने कहा कि इस देश पर हमारे हिंदू शरणार्थी बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हैं.
'भारत पर जिनता मोदी का अधिकार उतना शरणार्थियों का'
सिख शरणार्थी आए हैं बौद्ध शरणार्थी या जैन शरणार्थी आए हैं इस देश पर उनका इतना ही अधिकार है जितना नरेंद्र मोदी का अधिकार है. वो हमारे देश के नागरिक हैं. मगर तुष्टिकरण की राजनीति के कारण उनको नागरिकता से वंचित रखा, ढेर सारी यातनाएं झेलकर हमारे देश में शरणार्थी बनकर आए हैं. अपना धर्म बचाने के लिए, अपने परिवार की महिलाओं का सम्मान बचाने के लिए क्या भारत उनको नागरिकता नहीं देगा. शाह ने कहा कि राहुल बाबा जितना विरोध करना है कर दो हम नागरिकता देकर रहेंगे. आप हमें नहीं रोक सकते.
चुन-चुनकर भारत से निकालेंगे घुसपैठिएं- अमित शाह
गृह मंत्री शाह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी ऊर्जा घुसपैठियों को बचाने में लगा रही है. उत्तराखंड में हमारे मुख्यमंत्री धामी जी ने लगभग 10 हजार से ज्यादा अतिक्रमण उखाड़कर फेंक दिए. शाह ने कहा कि पूरे देश में जहां-जहां घुसपैठिएं हैं. केदारनाथ धाम से लेकर कन्याकुमारी तक.. एक-एक घुसपैठिए को हम चुनचुनकर भारत से बाहर निकालने के काम करेंगे. राहुल बाबा को जितना विरोध करना है उतना विरोध कर लें वो एसआईआर का भी विरोध कर रहे हैं उनको हर चीज में नकारात्मकता दिखाई देती है.
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उत्तराखंड के आदिवासी गांवों में योग से जागरूकता की नई पहल, बनास खेड़ा में लगा विशाल निशुल्क योग शिविर
Patanjali Yoga Camps in Uttarakhand: भारत सरकार के जनजातीय मामलों के मंत्रालय की महत्वाकांक्षी 'आदिवासी आदि ग्राम परियोजना' के तहत उत्तराखंड के आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. इस परियोजना का उद्देश्य आदिवासी समुदायों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है. इसके तहत हरिद्वार स्थित पतंजलि दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट को ऐसे कार्यक्रमों के संचालन की जिम्मेदारी दी गई है, जो गांव-गांव जाकर हेल्थ अवेयरनेस और योग से जुड़ी गतिविधियां आयोजित करेंगे.
उत्तराखंड के 64 गांवों में होंगे कार्यक्रम
इस परियोजना के अंतर्गत उत्तराखंड के 64 गांवों का चुना गया है जिनमें विभिन्न सामाजिक और स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. इसी क्रम में बनास खेड़ा गांव में महिला पतंजलि योग समिति के सहयोग से निशुल्क महा योग शिविर का आयोजन किया गया है. इस शिविर में स्थानीय आदिवासी समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया. खासतौर पर महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की उत्साहपूर्ण कार्यक्रम के भागीदार बने.
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प्रतिभागियों ने किए योग अभ्यास
योग शिविर के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया गया. इसके साथ ही प्राकृतिक स्वास्थ्य तकनीकों और संतुलित जीवनशैली के महत्व के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई. योग प्रशिक्षकों ने ग्रामीणों को बताया कि नियमित योग अभ्यास से शरीर स्वस्थ रहता है, मानसिक तनाव कम होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. उन्होंने यह भी समझाया कि योग केवल बीमारियों के उपचार का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एक अनुशासित और संतुलित जीवन जीने की कला है.
बाबा रामदेव ने बताई प्राचीन भारत की जीवनशैली
इस अवसर पर बाबा रामदेव ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और दिव्य जीवन शैली है, जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत करती है. उन्होंने कहा कि पतंजलि का उद्देश्य देश के हर व्यक्ति तक योग के बारे में बताना है, ताकि लोग स्वस्थ और जागरूक जीवन जी सकें. वहीं, आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि आदिवासी समुदाय हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है. उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना समाज की जिम्मेदारी है.
ग्रामीणों को दिया जा रहा स्वाथ्य जागरुकता का संदेश
इस परियोजना के तहत आने वाले समय में भी इन गांवों में नियमित रूप से मुफ्त योग शिविर, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, प्राकृतिक चिकित्सा परामर्श और जीवनशैली सुधार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इन कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और उन्हें प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने के लिए बढ़ावा दिया जा रहा है.
बनास खेड़ा का शिविर ग्रामीणों के लिए लाभदायक
बनास खेड़ा में आयोजित यह योग शिविर ग्रामीणों के लिए बेहद लाभदायक साबित हुआ है. इससे न सिर्फ स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी बल्कि लोगों में योग और प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा. पतंजलि दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट को उम्मीद है कि ऐसे कार्यक्रम आदिवासी क्षेत्रों में एक स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण होगा.
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