Dinner Walk Benefits: रात के खाने के बाद 10 मिनट टहलने की डालें आदत, मिल सकते हैं ये 5 बड़े फायदे
Dinner Walk Benefits: ऑफिस की भागदौड़ के बाद घर पहुंचना, जल्दी-जल्दी डिनर करना और फिर सीधे बिस्तर पर लेट जाना... आजकल ज्यादातर लोगों की यही दिनचर्या बन गई है। इस भागदौड़ में न तो फिटनेस के लिए समय बचता है और न ही परिवार के साथ कुछ पल बिताने का मौका मिलता है।
अगर आप भी इसी रूटीन का हिस्सा हैं, तो डिनर के बाद सिर्फ 10 मिनट की हल्की वॉक आपकी इस आदत में छोटा लेकिन असरदार बदलाव ला सकती है। इससे खाना पचाने में मदद मिल सकती है, शरीर हल्का महसूस हो सकता है और रोजमर्रा की सेहत को बेहतर बनाए रखने में भी फायदा मिल सकता है।
1. खाना आसानी से पचाने में मदद मिलती है
खाना खाने के तुरंत बाद लेटने के बजाय कुछ देर पैदल चलने से भोजन पचने में आसानी हो सकती है। इससे गैस, पेट फूलना और भारीपन जैसी परेशानियां कम हो सकती हैं।
2. ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद मिल सकती है
डिनर के बाद थोड़ी देर टहलने से खाने के बाद बढ़ने वाला ब्लड शुगर लेवल संभालने में मदद मिल सकती है। यही वजह है कि कई डॉक्टर भी रोज हल्की वॉक करने की सलाह देते हैं।
3. वजन बढ़ने का खतरा कम हो सकता है
सिर्फ 10 मिनट की वॉक जिम की जगह नहीं ले सकती, लेकिन इसे रोज की आदत बनाने से कैलोरी बर्न करने में मदद मिलती है। इसके साथ वजन को कंट्रोल में रखना भी आसान हो सकता है।
4. रात में अच्छी नींद आने में मदद मिल सकती है
रात को हल्की वॉक करने से शरीर और दिमाग दोनों को आराम महसूस हो सकता है। इससे तनाव कम करने और बेहतर नींद लेने में मदद मिल सकती है।
5. दिल को स्वस्थ रखने में मददगार
रोजाना पैदल चलना दिल की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। इससे शरीर में खून का प्रवाह बेहतर रहता है और लंबे समय तक फिट रहने में मदद मिल सकती है।
क्या 10 मिनट की वॉक, 1 घंटे के जिम की जगह ले सकती है?
नहीं। 10 मिनट की वॉक और 1 घंटे का जिम दोनों के फायदे अलग-अलग हैं। डिनर के बाद टहलना पाचन और ब्लड शुगर के लिए फायदेमंद हो सकता है, जबकि जिम मांसपेशियों को मजबूत बनाने और पूरी बॉडी की फिटनेस के लिए जरूरी माना जाता है।
डिनर के बाद वॉक करते समय रखें इन बातों का ध्यान
- खाना खाते ही तेज गति से न चलें।
- 5 से 10 मिनट बाद आराम से टहलना शुरू करें।
- 10 से 15 मिनट की हल्की वॉक काफी होती है।
- अगर किसी बीमारी का इलाज चल रहा है, तो पहले डॉक्टर की सलाह लें।
(Disclaimer): यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यदि आपको डायबिटीज, हृदय रोग या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो अपनी दिनचर्या या व्यायाम में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
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Healthy Food Tips: पिज्जा-बर्गर में जो चीज़ खा रहे हैं, क्या वह सच में असली है? जानिए रियल चीज़ और चीज़ एनालॉग का फर्क
Real Cheese vs Cheese Analogue: आजकल पिज्जा, बर्गर, पास्ता और दूसरे फास्ट फूड में चीज़ का खूब इस्तेमाल होता है। लेकिन जो चीज़ आपको दिखाई दे रही है, वह हमेशा दूध से बना असली चीज़ ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है। कई रेस्टोरेंट और पैक्ड फूड में चीज़ एनालॉग का भी इस्तेमाल किया जाता है।
दोनों देखने में लगभग एक जैसे लगते हैं, इसलिए सिर्फ देखकर अंतर समझना आसान नहीं होता। असली फर्क इन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और तैयार करने के तरीके में होता है।
असली चीज़ क्या होता है?
असली चीज़ मुख्य रूप से दूध से बनाया जाता है। इसमें दूध, कल्चर, एंजाइम और नमक मिलाया जाता है। यही वजह है कि इसका स्वाद, खुशबू और बनावट नेचुरल होती है। अगर पैकेट पर 'रियल चीज़' या सिर्फ 'चीज़' लिखा है, तो यह आमतौर पर दूध से तैयार उत्पाद होता है।
चीज़ एनालॉग क्या होता है?
चीज़ एनालॉग ऐसा उत्पाद है, जिसे देखने और पिघलने में चीज़ जैसा बनाया जाता है। इसमें दूध के साथ वेजिटेवल ऑयल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे तैयार करने में लागत कम आती है, इसलिए कई फास्ट फूड, फ्रोजन फूड और प्रोसेस्ड फूड में इसका इस्तेमाल किया जाता है।
दोनों में क्या अंतर है?
असली चीज़ दूध से तैयार किया जाता है, जबकि चीज़ एनालॉग में दूध के साथ या उसकी जगह वेजिटेवल ऑयल और दूसरी चाजें शामिल हो सकती है। यही बजह है कि चीज़ एनालॉग की कीमत अक्सर असली चीज़ से कम होती है। दोनों देखने में एक जैसे ही लगते हैं, लेकिन इन्हें बनाने का तरीका और क्वालिटी अलग होती है।
कैसे पहचानें कि आप सही चीज़ खरीद रहे हैं?
अगर आप बाजार से पैक्ड चीज़ खरीद रहे हैं, तो सिर्फ पैकेट की डिजाइन देखकर फैसला न करें। सबसे पहले उस पर लिखी जानकारी ध्यान से पढ़ें। अगर पैक पर 'चीज़ एनालॉग', 'एनालॉग चीज़' या 'चीज़ का विकल्प' लिखा है, तो समझ लें कि यह दूध से बना असली चीज़ नहीं है। साथ ही पैकेट पर दी गई सामग्री की सूची भी जरूर पढ़ें।
क्या चीज़ एनालॉग खाना सुरक्षित है?
चीज़ एनालॉग एक कानूनी खाद्य उत्पाद है और इसे तय खाद्य मानकों के अनुसार बनाया जाता है। ग्राहक को यह जानकारी जरूर होनी चाहिए कि वह असली चीज़ खरीद रहा है या उसका विकल्प। इसलिए किसी भी पैक्ड फूड को खरीदने से पहले उसका लेबल पढ़ना अच्छी आदत है।
खरीदते समय ध्यान में रखें ये बातों
- पैकेट पर लिखी जानकारी और लेबल जरूर पढ़ें।
- इंग्रेडिएंट्स लिस्ट देखे बिना चीज़ न खरीदें।
- सिर्फ कम कीमत देखकर फैसला न करें।
- अगर आप दूध से बना असली चीज़ चाहते हैं, तो उत्पाद का नाम और उसकी सामग्री जरूर जांच लें।
(Disclaimer): यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी पैक्ड फूड को खरीदने से पहले उसके पैकेट पर दी गई सामग्री और लेबल जरूर पढ़ें।
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