Kerala High Court स्थापना दिवस पर बोले Arjun Ram Meghwal, केरल ने दिखाया महिला नीत विकास का रास्ता
कोच्चि, एक नवंबर केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने रविवार को कहा कि केरलम की जनता ने देश को महिला नीत विकास का मार्ग दिखाया है। केंद्रीय विधि एवं न्याय और संसदीय कार्य राज्य मंत्री मेघवाल यहां केरल उच्च न्यायालय के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। मंत्री ने कहा कि उच्च न्यायालय अपनी स्थापना के 70 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है और यह सफर ‘दिलचस्प’ रहा है, क्योंकि इसने महिला सशक्तीकरण और महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के सिद्धांत दिए हैं।
उन्होंने कहा कि भारत में उच्च न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश न्यायमूर्ति अन्ना चांडी और उच्चतम न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश न्यायमूर्ति एम. फातिमा बीबी ने यह दिखाया कि सतत विकास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए महिलाओं का सशक्तीकरण एक मुख्य सिद्धांत है। मेघवाल ने कहा, ‘‘केरलम की जनता ने देश को महिला नीत विकास का मार्ग दिखाया है।’’ प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने भी कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए दो महिला न्यायाधीशों का जिक्र किया और कहा कि उच्च न्यायालय ने अक्सर इतिहास से आगे रहकर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब उच्च न्यायपालिका में काफी हद तक पुरुषों का वर्चस्व था, केरल उच्च न्यायालय ‘‘एक ऐसा उदाहरण पेश कर रहा था जिसका अनुसरण अंततः पूरा देश करेगा।’’ न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने बताया कि सीजेआई का पद संभालने के बाद, कॉलेजियम ने - संभवतः ‘‘केरल उच्च न्यायालय के व्यावहारिक और प्रगतिशील दृष्टिकोण’’ से प्रभावित होकर - हाल ही में दो प्रतिष्ठित महिला न्यायाधीशों को सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नत किया।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि वे भी शायद उच्च न्यायालय के ‘‘दूरदर्शी दृष्टिकोण’’ से प्रभावित थे, क्योंकि उन्होंने न्यायिक पक्ष में एक आदेश पारित किया और साथ ही राज्यों के बार काउंसिल, बार काउंसिल ऑफ इंडिया तथा जिला और उच्च न्यायालय बार एसोसिएशनों के बहुमत को इस बात के लिए राजी किया कि बार की महिला सदस्यों को 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिले। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि वह इन ‘ऐतिहासिक कदमों’ का श्रेय केरल उच्च न्यायालय को देंगे, क्योंकि उनके प्रयासों से बार की महिला सदस्यों को एक मजबूत, निष्पक्ष और प्रभावी प्रतिनिधित्व मिला। यह उस समय हुआ जब वकीलों के संगठनों या परिषदों को - हल्के-फुल्के अंदाज में ही सही - ‘पुरुषों का क्लब’ (मेन्स क्लब) कहा जाता था।
केरल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन ने कार्यक्रम को संबोधित हुए बताया कि किस तरह इस संस्थान का इतिहास उन लोगों की अभूतपूर्व उपलब्धियों में झलकता है, जिन्होंने न्यायपालिका में लैंगिक समानता और प्रतिनिधित्व की बाधाओं को तोड़कर नई मिसाल कायम की। उन्होंने कहा, ‘‘न्यायमूर्ति अन्ना चांडी भारत में किसी भी उच्च न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश बनीं। उनकी यह उपलब्धि न्याय प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी के इतिहास में एक मील का पत्थर थी।
न्यायमूर्ति एम. फातिमा बीबी 1989 में उच्चतम न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश बनीं और उन्होंने इस ऐतिहासिक सफर को और आगे बढ़ाया।’’
जान दे देंगे, लेकिन झुकेंगे नहीं, दिल्ली की रैली में Mamata Banerjee का भाजपा पर तीखा वार
दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडी गठबंधन ने वोट चोरी और एसआईआर के विरोध में विशाल रैली की। इस दौरान विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने सत्ताधारी दल पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर करने के आरोप लगाए। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए।
ममता बनर्जी ने भाजपा पर चुनाव प्रभावित करने का आरोप लगाया
ममता बनर्जी ने भाजपा पर पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बंगाल एसआईआर का शिकार बना है, लेकिन उनकी पार्टी और राज्य की जनता इसके आगे झुकने वाली नहीं है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए ममता ने कहा, "ज्ञानेश, तुम कब गायब होगे?" उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव आयोग किस तरह सत्ताधारी दल के पक्ष में काम कर रहा है।
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राम जन्मभूमि और वक्फ की संपत्तियों को लेकर भी लगाए आरोप
ममता बनर्जी ने भाजपा पर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "उन्होंने क्या नहीं लूटा है? उन्होंने राम जन्मभूमि और वक्फ संपत्तियों का पैसा लूट लिया।" उन्होंने पुलिस और जांच एजेंसियों पर भी सवाल उठाए। ममता ने आरोप लगाया कि पुलिस अब भाजपा के साथ मिलकर काम कर रही है। भाजपा के पास अपना संगठन नहीं बचा है, इसलिए वह पुलिस से पार्टी का काम करवा रही है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां भी भाजपा के इशारे पर काम कर रही हैं। ममता ने वोट चोरी को देश के लोकतंत्र और संविधान पर हमला बताया।
युवाओं और महिलाओं के मुद्दे भी उठाए
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने युवाओं से रोजगार छीना है और महिलाओं की गरिमा को चोट पहुंचाई है। उन्होंने चुनावी चंदे की रकम के गलत इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया।
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जान दे देंगे, लेकिन घुटने नहीं टेकेंगे
अपने संबोधन के आखिर में ममता बनर्जी ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर लड़ने की अपील की। उन्होंने कहा, "हम अपनी जान दे देंगे, लड़ेंगे, लेकिन घुटने नहीं टेकेंगे।" उन्होंने आगे कहा कि उनकी पार्टी राजनीति और लोकतंत्र के जरिए इसका जवाब देगी और लोकतंत्र को बचाकर वापस लाएगी।
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