सौंफ: गर्मियों में तन-मन को ठंडा रखने का देसी टॉनिक, सेवन के कई फायदे
नई दिल्ली, 6 मार्च (आईएएनएस)। सर्दियों की विदाई के साथ गर्मी के मौसम का आगमन हो चुका है। ऐसे में गर्मियों की तपती धूप में शरीर को अंदर से ठंडक देना सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। आयुर्वेद औषधीय गुणों से भरपूर सौंफ के सेवन की सलाह देता है, जिससे शरीर न केवल अंदर से शीतल रहता है बल्कि तन-मन दोनों को कई लाभ मिलते हैं।
आयुर्वेद के अनुसार, सबसे सरल और प्राकृतिक तरीका है सौंफ का सेवन। सौंफ की तासीर ठंडी मानी जाती है, जो शरीर के तापमान को नियंत्रित रखती है। लू से बचाव करती है और पेट की गर्मी-जलन को शांत करती है। आयुर्वेद में इसे पित्त दोष संतुलित करने वाली जड़ी-बूटी कहा जाता है, इसलिए गर्म मौसम में सौंफ का पानी, शरबत या चाय पीना बहुत फायदेमंद होता है। यह न सिर्फ ठंडक देती है, बल्कि पाचन को दुरुस्त रखती है और रोजमर्रा की कई परेशानियों से राहत दिलाती है।
सौंफ में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और दर्द निवारक गुण भरपूर होते हैं। यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है, गैस, ब्लोटिंग या पेट फूलना, अपच, कब्ज और ऐंठन जैसी समस्याओं को दूर करती है। भोजन के बाद सौंफ चबाने या सौंफ की चाय पीने से पेट की भारीपन और असहजता कम होती है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के अनुसार, सौंफ पाचन क्रिया को सुचारू रखती है और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसी पुरानी समस्याओं में भी राहत देती है।
गर्मियों में सौंफ का खास फायदा यह है कि यह शरीर से अतिरिक्त गर्मी निकालती है, सूजन कम करती है, थकान दूर करती है और मन को तरोताजा रखती है। नियमित सेवन से वजन नियंत्रण में मदद मिलती है, हार्मोन बैलेंस होता है और त्वचा की चमक बढ़ती है। यह मुंह की बदबू दूर करती है, सांस की तकलीफ में आराम देती है और शरीर से अतिरिक्त पानी निकालने में सहायक होती है।
सौंफ की चाय या शरबत बनाने का तरीका आसान है। इसके लिए 1 चम्मच सौंफ के बीजों को 1 कप पानी में 5-10 मिनट उबालें, छानकर गर्म पीएं। स्वाद के लिए शहद या नींबू मिला सकते हैं। वहीं, शरबत बनाने के लिए सौंफ को पीस लें और पानी में छान लें। स्वाद के लिए हल्कि चीनी या शहद मिला सकते हैं। खाली पेट सौंफ का पानी पीने से डिटॉक्स होता है और दिनभर ठंडक बनी रहती है। सौंफ-मिश्री का मिश्रण भी गर्मी में बहुत अच्छा काम करता है।
सौंफ एक सस्ता, घरेलू और प्रभावी उपाय है, जो गर्मियों में प्राकृतिक ठंडक और सेहत दोनों देता है, हालांकि अधिक मात्रा में सेवन से बचें। गर्भवती महिलाएं या कोई स्वास्थ्य समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लें।
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आयुष्मान कार्ड पर क्या क्या मिलता है कवरेज, यहां जाने सटीक जानकारी
अगर आप अपने और अपने परिवार की सेहत को लेकर फिक्रमंद रहते हैं, तो आज की यह जानकारी आपके बहुत काम आने वाली है. हम अक्सर देखते हैं कि किसी बीमारी के आने पर इलाज के खर्च की चिंता बीमारी से भी बड़ी लगने लगती है. इसी चिंता को दूर करने के लिए सरकार की एक बहुत ही खास योजना है, जिसका नाम है आयुष्मान भारत योजना.
क्या है आयुष्मान कार्ड और क्यों है यह जरूरी?
सबसे पहले सरल शब्दों में यह समझ लेते हैं कि आखिर यह आयुष्मान कार्ड क्या बला है. असल में, यह एक ऐसा सरकारी कार्ड है जो आपको अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा देता है. इसे 'प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' भी कहा जाता है. सरकार का मकसद सिर्फ इतना है कि देश का कोई भी गरीब या जरूरतमंद परिवार पैसों की कमी की वजह से अच्छे इलाज से वंचित न रह जाए. जब आपके पास यह कार्ड होता है, तो आप किसी भी लिस्टेड सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में जाकर अपना इलाज बिना जेब से पैसे दिए करवा सकते हैं.
करोड़ों लोगों तक पहुंच रही है मदद
इस योजना की कामयाबी का अंदाजा आप नेशनल हेल्थ अथॉरिटी की अक्टूबर 2025 की रिपोर्ट से लगा सकते हैं. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि अब तक देश भर में लगभग 40.45 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं. इसका मतलब है कि करीब 14.69 करोड़ परिवारों को अब अपनी सेहत की चिंता करने की जरूरत नहीं है. आंकड़े बताते हैं कि अब तक 9 करोड़ से ज्यादा लोग अस्पतालों में भर्ती होकर इस कार्ड के जरिए अपना सफल इलाज करवाया है. सरकार ने इन इलाज पर अब तक करीब 1,29,386 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जो सीधे तौर पर आम जनता की भलाई में लगे हैं.
इलाज के साथ और क्या-क्या मिलता है?
अक्सर लोगों को लगता है कि आयुष्मान कार्ड का मतलब सिर्फ डॉक्टर की फीस या बेड का खर्चा है. लेकिन असलियत में इसके फायदे बहुत बड़े हैं. जब आप अस्पताल में भर्ती होते हैं, तो कार्ड के जरिए आपकी जांच (जैसे ब्लड टेस्ट, एक्स-रे), डॉक्टर की सलाह, और ऑपरेशन का सारा खर्च सरकार उठाती है. इसके अलावा, आपको अस्पताल में मिलने वाली दवाइयां और वहां इस्तेमाल होने वाले मेडिकल सामान के लिए भी अपनी तरफ से कोई पैसा नहीं देना पड़ता. यह पूरी तरह से कैशलेस सुविधा है, यानी आपको बिल भरने के लिए कैश की जरूरत नहीं पड़ती.
खाने-पीने और रहने की भी चिंता खत्म
सिर्फ दवाइयां ही नहीं, आयुष्मान कार्ड के तहत भर्ती मरीज के खाने-पीने का इंतजाम भी अस्पताल की तरफ से मुफ्त किया जाता है. कई बार इलाज के दौरान मरीज और उसके परिवार को खाने-पीने के लिए काफी पैसे खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन इस योजना में इसे भी शामिल किया गया है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि गरीब परिवार को इलाज के दौरान अपनी जमा-पूंजी खर्च नहीं करनी पड़ती और वह पूरा ध्यान मरीज की देखभाल पर लगा सकते हैं।
अस्पताल से घर आने के बाद की सुविधा
ज्यादातर लोग नहीं जानते कि आयुष्मान कार्ड का फायदा सिर्फ अस्पताल में भर्ती रहने तक ही सीमित नहीं है. अस्पताल से छुट्टी (Discharge) मिलने के बाद भी आपको अगले 15 दिनों तक की देखभाल और दवाइयों की सुविधा मिलती है. अक्सर देखा जाता है कि अस्पताल से आने के बाद भी काफी दिनों तक दवाइयां चलती हैं और बीच-बीच में चेकअप के लिए डॉक्टर के पास जाना पड़ता है. इस कार्ड की मदद से आप उन 15 दिनों की दवाइयां और जरूरी जांचें भी मुफ्त पा सकते हैं। यह सुविधा मरीज को पूरी तरह ठीक होने में बहुत मदद करती है.
अब मिलेगा ₹10 लाख तक का फायदा
अब एक ऐसी बात जो आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है. वैसे तो पूरे देश में आयुष्मान कार्ड पर साल भर में 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की मदद मिलती है. लेकिन अगर आप दिल्ली में रहते हैं, तो आपके लिए एक खुशखबरी है. दिल्ली में रहने वाले लोगों को केंद्र सरकार की तरफ से 5 लाख रुपये की मदद तो मिलती ही है, साथ ही दिल्ली सरकार भी अपनी तरफ से 5 लाख रुपये की अलग से मदद जोड़ देती है. इस तरह दिल्ली वालों को कुल मिलाकर 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिल जाती है. यह एक बहुत बड़ी रकम है जो किसी भी बड़े से बड़े ऑपरेशन या गंभीर बीमारी के इलाज के लिए काफी है.
कार्ड बनवाने के लिए कौन-कौन से कागज चाहिए?
अगर आप भी इस सुविधा का लाभ लेना चाहते हैं और अभी तक अपना कार्ड नहीं बनवाया है, तो कुछ जरूरी कागजात अपने पास तैयार रखें. आपको अपनी पहचान के लिए आधार कार्ड या पैन कार्ड की जरूरत होगी. इसके साथ ही आपको अपने घर के पते का कोई सबूत देना होगा. अपना मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी भी पास रखें ताकि आपको जरूरी अपडेट मिलते रहें. इसके अलावा, अगर आप किसी विशेष जाति से हैं, तो उसका प्रमाण पत्र और आपकी कमाई कितनी है, इसका आय प्रमाण पत्र भी मांग जा सकता है. इन सबकी फोटोकॉपी या ओरिजिनल कॉपी अपने पास स्कैन करके रख लें ताकि कार्ड बनवाते समय कोई परेशानी न हो.
आप कब बनाएंगे ये कार्ड?
अंत में यही कहेंगे कि आयुष्मान कार्ड आज के समय में हर जरूरतमंद परिवार की सबसे बड़ी ताकत है. यह न सिर्फ आपको बीमारियों से लड़ने की हिम्मत देता है, बल्कि आपके परिवार को कर्ज के बोझ से भी बचाता है. अगर आपके पास यह कार्ड है, तो आप निश्चिंत होकर अच्छे से अच्छे अस्पताल में जा सकते हैं. और अगर नहीं है, तो आज ही सीखो ऐप की मदद से इसे बनवा लें. याद रखें, अच्छी सेहत ही सबसे बड़ी दौलत है, और सरकार इस दौलत को सुरक्षित रखने में आपकी पूरी मदद कर रही है.
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