नेपाल में मतदाताओं को बदलाव की उम्मीद, शुरुआती रुझानों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी आगे
काठमांडू, 6 मार्च (आईएएनएस)। नेपाल में शुक्रवार को जारी मतगणना के शुरुआती रुझानों से देश में राजनीतिक बदलाव की उम्मीदें नजर आ रही हैं। शुरुआती नतीजों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) 96 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बालेंद्र शाह उर्फ बालेन शाह भी केपी शर्मा ओली से भारी मतों से आगे चल रहे हैं।
एक नई राजनीतिक पार्टी के बेहतर प्रदर्शन की खबरों ने भ्रष्टाचार से परेशान नागरिकों के बीच उम्मीद की नई लहर पैदा कर दी है।
नेपाल चुनाव आयोग के संयुक्त सचिव और प्रवक्ता नारायण प्रसाद भट्टाराई के मुताबिक, शुरुआती नतीजों में नेपाली कांग्रेस दूसरे, नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) तीसरे और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी चौथे स्थान पर चल रही है।
मतदाता भी मतगणना प्रक्रिया पर करीब से नजर रखे हुए हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि चुनाव के नतीजे देश में सार्थक सुधार लाएंगे।
कनाडा से नेपाल लौटी मतदाता डॉ. अनुपमा ने कहा कि एक नई पार्टी के उभरने से लोगों में नई उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि इस बार नेपाल में बदलाव आएगा क्योंकि एक नई पार्टी आगे बढ़ रही है। हम कनाडा से वापस आए हैं और अपनी कनाडाई नागरिकता भी छोड़ दी है। हम एक बदले हुए नेपाल की उम्मीद कर रहे हैं और अब भ्रष्टाचार नहीं चाहते।”
एक अन्य मतदाता डॉ. प्रह्लाद उप्रेती ने कहा कि इस साल हुए युवाओं के विरोध प्रदर्शनों के बाद यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “जेन जी के विरोध प्रदर्शनों के बाद यह बहुत अहम चुनाव है। लोग बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं और अगर नई पार्टियां जीतती हैं तो हम चाहते हैं कि यह बदलाव संस्थागत रूप ले।”
जानकारों का कहना है कि उभरते ट्रेंड पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों से लोगों की बढ़ती निराशा और वोटरों, खासकर युवा पीढ़ी में, ज्यादा जवाबदेही और सुधार की इच्छा को दिखाते हैं।
फिलहाल नया बनेश्वर स्थित सहकारी प्रशिक्षण केंद्र में मतगणना जारी है। सभी निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना पूरी होने के बाद अंतिम परिणाम घोषित किए जाएंगे।
सभी चुनाव क्षेत्रों में गिनती की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आखिरी नतीजे आने की उम्मीद है। ताजा अपडेट के अनुसार बालेन शाह चार हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से आगे चल रहे हैं।
--आईएएनएस
केके/वीसी
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लो जी! अब नीतीश कुमार के बाद एक और बड़े नेता की होगी छुट्टी, अगर ये फॉर्मूला कर गया काम
बिहार की सियासत में इन दिनों खलबली मची हुई है. इसकी वजह है प्रदेश मुखिया और सुशासन बाबू के नाम से मशहूर नीतीश कुमार. जी हां बिहार सीएम ने जब से राज्यसभा के लिए नामांकन भरा है तब से ही प्रदेश कि सियासत गर्मा गई है. सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक कई नेताओं की बयानबाजियां शुरू हो गई है और इसके साथ ही राजनीतिक हलकों में कई तरह के अटकलें भी लगाई जा रही हैं. इसमें नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री. जेडीयू की सदस्यता समेत कई तरह की बातें सामने आ रही हैं. इसी कड़ी में अब एक और बड़ी खबर सामने आई है. राजनीतिक सूत्रों की मानें तो नीतीश कुमार के बाद एक एक और कद्दावर नेता की छुट्टी होने वाली है. जानिए कौन है वो नेता और क्या है उसकी छुट्टी की वजह.
नीतीश के बाद अब किस नेता पर लटकी तलवार
सूरज की तपिश तो बढ़ ही रही है लेकिन इसके साथ ही बिहार का सियासी पारा भी इन दिनों हाई है. क्योंकि यहां पर चुनाव के तीन महीने बाद ही उथल-पुथल शुरू हो गई है. पहले नीतीश कुमार ने कदम बढ़ाते हुए राज्यसभा के लिए नामांकन भर दिया. यानी अब वो प्रदेश की सियासत नहीं करेंगे बल्कि संसद के उच्च सदन में अपनी मौजूदगी दर्ज करवाना चाहते हैं.
नीतीश के इस फैसले को लेकर भले ही बीजेपी की ओर से प्रतिक्रियाओं में उनकी जमकर तारीख की गई हो. लेकिन उनकी अपनी ही पार्टी यानी जेडीयू में एक धड़ा ऐसा है जो नहीं चाहता कि नीतीश कुमार बिहार छोड़े या फिर सीएम का पद छोड़ें. इसको लेकर कई नेता और कार्यकर्ता उनके निवास के बाहर लगातार धरना दिए बैठे हैं. कुछ कार्यकर्ताओं ने तो अनशन तक शुरू कर दिया है. उनका कहना है कि बिहार की सियासत को बिना नीतीश कुमार के देखा नहीं जा सकता है. नीतीश कुमार के 10 फैसलों ने बिहार की फिजा बदल दी. इसे क्राइम स्टेट से डेवलपिंग स्टेट बना दिया.
एक तरफ नीतीश के जाने के फैसले पर ही बवाल मचा हुआ है वहीं दूसरी तरफ अब एक और खबर सामने आ रही है. सूत्रों की मानें तो नीतीश कुमार के बाद एक और बड़े नेता की छुट्टी हो सकती है. इस बड़े नेता का नाम है विजय कुमार सिन्हा. जी हां प्रदेश के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के नाम की चर्चा इन दिनों हो रही है.
क्यों हो सकती है विजय कुमार सिन्हा की छु्टटी?
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के नाम की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि नीतीश कुमार के बाद बिहार के सीएम के लिए जो नाम सामने आ रहे हैं वो बीजेपी के नेताओं के ही हैं. इनमें सबसे प्रबल दावेदार सम्राट चौधरी को माना जा रहा है. सूत्रों की मानें तो सम्राट चौधरी इस रेस में सबसे आगे हैं क्योंकि वह न सिर्फ अमित शाह के करीबी हैं बल्कि नितिन नबीन के भी खास है. यही नहीं वोट बैंक और कुशवाह समीकरण भी वह फिट बैठते हैं.
यह तय माना जा रहा है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में बीजेपी का ही साएम बनाया जाएगा. ऐसी स्थिति में यह कहा जा रहा है कि प्रदेश में जैसे पहले फॉर्मूला था कि जेडीयू का सीएम और बीजेपी के दो डिप्टी सीएम. ऐसे में अगर सम्राट चौधरी बीजेपी के सीएम बनते हैं तो दो या एक ही डिप्टी सीएम रखा जाएगा. इसके लिए सबसे ज्यादा चर्चा नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के नाम की हो रही है.
सम्राट चौधरी सीएम बने तो क्या होगा?
अब सवाल उठता है कि अगर सम्राट चौधरी सीएम बने तो डिप्टी सीएम के तौर पर विजय कुमार सिन्हा की छुट्टी हो सकती है. अगर सम्राट और विजय में कोई नहीं सीएम बना और कोई तीसरा ही सीएम पार्टी ने खड़ा कर दिया तो इन दोनों ही नेताओं की छुट्टी हो सकती है. ऐसे में बिहार में अभी उथल-पुथल का दौर खत्म नहीं हुआ है. आने वाले दिनों में कई बड़े उलट-फेर या फिर कद्दावर नेताओं की छुट्टी देखी जा सकती है.
इसके संकेत राजनीति सूत्रों से मिलने लगे हैं. अब 9 माार्च को राज्यसभा के उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकते हैं जबकि 16 मार्च को चुनाव में वोट डाले जाएंगे. ऐसे में राज्यसभा चुनाव के बाद बीजेपी तुरंत इस मुद्दे पर फैसला ले सकती है और बिहार की सियासत में कई बड़े बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं.
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