'संडे ऑन साइकिल' कार्यक्रम को राष्ट्रीय एकता दिवस और ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल सप्ताह के उपलक्ष्य में मनाया गया
नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्विमिंग पूल कॉम्प्लेक्स, तालकटोरा स्टेडियम में फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल का 97वां संस्करण एक सप्ताह, सात काम, एक ग्रह’ थीम के तहत राष्ट्रीय एकता दिवस और ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल सप्ताह के उपलक्ष्य में मनाया गया।
नवंबर की पहली सुबह, जब दिल्ली में तापमान गिर रहा था, तब लगभग 1,000 फिटनेस के शौकीन लोग राष्ट्रीय राजधानी में इकट्ठा हुए। यह इवेंट फिट इंडिया द्वारा आयोजित देश भर में संडे ऑन साइकिल कैंपेन का हिस्सा था, जिसमें पूरे देश में एक साथ लोगों ने हिस्सा लिया। इस इवेंट में फिटनेस, स्पोर्ट्स, योग, एकेडेमिया और साइकिलिंग के फील्ड से कई अतिथि आए थे।
इवेंट में विशेष अतिथि के तौर पर उपस्थित जेलर और जाने-माने बॉडीबिल्डर दीपक शर्मा ने कहा, यहां फिटनेस की ऊर्जा सच में बहुत ज्यादा है। यह देखकर अच्छा लगता है कि युवा इस पहल को इतने जोश से अपना रहे हैं। जिम्मेदार नागरिक होने के नाते, हमें ऐसे इवेंट्स में सक्रिय रूप से हिस्सा लेना चाहिए और फिटनेस को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का जरूरी हिस्सा बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा, दो साल से भी कम समय में देश भर में लगभग 37 लाख लोग संडे ऑन साइकिल से जुड़े हैं, लोगों में फिटनेस के प्रति बढ़ती जागरूकता को दिखाती है। फिटनेस ही असली दौलत है। हमें फिटनेस की डोज, आधा घंटा रोज के लक्ष्य के साथ जीना चाहिए।
दीपक, एक अवॉर्ड-विनिंग बॉडीबिल्डर थे, जिन्हें कई ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज और नेशनल लेवल के अवॉर्ड मिले हैं।
ज्योति भारती, एक नेशनल लेवल की टेबल टेनिस प्लेयर, फिटनेस कोच और सर्टिफाइड योग प्रशिक्षक, और पंखुड़ी श्रीवास्तव, योगा और मेडिटेशन कोच, और फिट इंडिया एंबेसडर भी कार्यक्रम का हिस्सा थीं।
इस इवेंट में नवयोग समुदाय कम्युनिटी के जाने-माने प्रतिनिधि भी शामिल हुए, जिनमें संतोष श्रीवास्तव (वित्त अधिकारी, श्री लाल बहादुर शास्त्री नेशनल संस्कृत यूनिवर्सिटी), स्वदेश सिंह (राजनीति शास्त्र विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय), योगेश शर्मा (असिस्टेंट प्रोफेसर, कालिंदी कॉलेज, यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली), कृष्ण कन्हैया (एनसीईआरटी में योग विशेषज्ञ), और योग गुरु नवदीप जोशी (नवयोग ग्राम के फाउंडर और श्री लाल बहादुर शास्त्री नेशनल संस्कृत यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर) शामिल थे।
नमो क्लब्स और साइकिलिंग सलाहकार कमेटी के प्रतिनिधि, टर्बनेटर्स साइक्लिंग क्लब के जगदीप सिंह पुरी और साइकिलिंग सलाहकार कमेटी के सदस्य दलीप सिंह सभरवाल भी इस जश्न में शामिल हुए।
यह इवेंट फिट इंडिया एंबेसडर और योग और मेडिटेशन कोच पंखुड़ी श्रीवास्तव के नेतृत्व में नशा मुक्त भारत शपथ के साथ शुरू हुआ। इसमें प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवनशैली को चुनने और नशा मुक्त समाज बनाने में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
सुबह एक तय रूट पर 5 किलोमीटर की साइकिलिंग राइड हुई, जिसमें सभी आयु वर्ग के प्रतिभागियों को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन की गई कई दिलचस्प गतिविधियां थीं।
97वां एडिशन में राहगिरी फाउंडेशन, माय भारत, फिटस्पायर, साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया, नशा मुक्त भारत अभियान, नेशनल कैडेट कॉर्प्स, नेशनल सर्विस स्कीम, मिशन लाइफ और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का सहयोग शामिल है।
--आईएएनएस
पीएके
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महीनों की मंदी के बाद फिर गुलजार हुआ कासिमेडु मछली बाजार, मछलियों के दाम में भारी उछाल
पिछले कुछ महीनों से सुस्त पड़ा चेन्नई का कासिमेडु मछली बाजार एक बार फिर ग्राहकों से गुलजार हो गया है. पुरट्टासी व्रत, नवरात्रि उत्सव और फिर चक्रवात व भारी बारिश की चेतावनी के कारण बाजार में पिछले महीनों से सन्नाटा था और बिक्री में भारी गिरावट आई थी लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है.
मछली बाजार में उमड़ी ग्राहकों की भीड़
रविवार को छुट्टी होने के कारण सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग ताजी मछली खरीदने के लिए कासिमेडु बाजार पहुंचे. पिछले रविवार को जहां बाजार आम दिनों की तरह शांत था, वहीं इस हफ्ते यहां भारी भीड़ देखने को मिली.
मंदी के दौरान मछलियों के दाम काफी गिर गए थे लेकिन अब दामों में तेज उछाल आया है. सीर फिश (वंजरम), पॉमफ्रेट, सोल फिश, बैराकुडा (कोडुवा), रीफ कॉड, शीला, झींगा और केकड़ा सहित कई तरह की मछलियों के दाम काफी बढ़ गए हैं.
त्योहार और चक्रवात के बाद बढ़े मछलियों के दाम
सीर फिश (वंजरम) का दाम पहले 800 रुपए था, जो अब बढ़कर 1,300 रुपए प्रति किलो हो गया है. बैराकुडा (कोडुवा) 600 से बढ़कर 800 रुपए, शंकरा 300 से 500 रुपए, एंकोवीज (नेथिली) 200 से 400 रुपए हो गई है.
इसी तरह ब्लैक पॉमफ्रेट 500 से 900 रुपए, व्हाइट पॉमफ्रेट 700 से 1,000 रुपए, शीला 350 से 550 रुपए, केकड़ा 350 से 600 रुपए, झींगा 350 से 500 रुपए हो गया है. रीफ कॉड (पारई) 400 से 600 रुपए, सोल फिश (नाक्कू) 400 से 600 रुपए, कटलफिश (कदंबा) 300 से 500 रुपए और टाइगर प्रॉन्स 700 से बढ़कर 1200 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है.
पटरी पर लौटने लगा कासिमेडु बाजार
कुल मिलाकर महीनों से मंदी झेल रहा कासिमेडु बाजार अब फिर से पटरी पर लौट आया है और रविवार को छुट्टी के दिन मछली खरीदने आए ग्राहकों की भारी भीड़ से बाजार में रौनक लौट आई है.
बता दें कि कासिमेडु मछली बाजार, जिसे रॉयपुरम मछली पकड़ने के बंदरगाह के रूप में भी जाना जाता है, चेन्नई (तमिलनाडु) का सबसे प्रसिद्ध और दक्षिण भारत के सबसे बड़े समुद्री भोजन बाजारों में से एक है. बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित यह बाजार अपनी बेजोड़ ताजगी, भारी मात्रा में व्यापार और जीवंत तटीय संस्कृति के लिए जाना जाता है.
स्रोत- आईएएनएस
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