Sankashti Chaturthi Vrat Katha: बप्पा को प्रसन्न करने के लिए भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी पर जरूर पढ़े ये व्रत कथा, मिलेगी हर संकट से मुक्ति!
Bhalchandra Sankashti Chaturthi Vrat Katha: सनातन धर्म में चतुर्थी तिथि को अत्यंत शुभ माना जाता है. हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है. यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित होता है, जिन्हें विघ्नहर्ता कहा जाता है. चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से पूजा करने पर भगवान गणेश भक्तों के सभी कष्ट दूर करते हैं. इस व्रत में पूजा के साथ व्रत कथा पढ़ना या सुनना भी बहुत जरूरी माना जाता है. माना जाता है कि बिना कथा के व्रत अधूरा माना जाता है. कथा का पाठ करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है.
भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, एक समय देवताओं पर बड़ा संकट आ गया. इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए सभी देवता भगवान शिव के पास पहुंचे. उस समय भगवान शिव, माता पार्वती और उनके दोनों पुत्र भगवान कार्तिकेय और भगवान गणेश भी वहीं उपस्थित थे. देवताओं ने भगवान शिव से प्रार्थना की कि वे उनके संकट को दूर करने का उपाय बताएं. उनकी बात सुनकर भगवान शिव ने अपने दोनों पुत्रों की ओर देखा और कहा कि तुम दोनों में से कौन देवताओं के संकट को दूर कर सकता है.
भगवान शिव और माता पार्वती के सामने खड़ा हुआ ये प्रसन्न
भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय दोनों ने इस कार्य को करने की इच्छा जताई. अब भगवान शिव और माता पार्वती के सामने यह प्रश्न खड़ा हो गया कि आखिर किसे इस कार्य के लिए भेजा जाए. तब भगवान शिव ने एक उपाय निकाला. उन्होंने दोनों पुत्रों से कहा कि जो सबसे पहले पूरी पृथ्वी की परिक्रमा करके वापस आएगा, वही देवताओं की मदद करने जाएगा. भगवान शिव की बात सुनते ही भगवान कार्तिकेय अपने वाहन मोर पर सवार होकर पृथ्वी की परिक्रमा करने के लिए निकल पड़े.
गणेश जी ने माता-पिता की 7 बार ली परिक्रमा
दूसरी ओर भगवान गणेश ने सोचा कि उनका वाहन तो छोटा सा मूषक है. ऐसे में वे जल्दी पृथ्वी का चक्कर नहीं लगा पाएंगे. कुछ देर सोचने के बाद उन्होंने एक बुद्धिमान उपाय निकाला. भगवान गणेश उठे और अपने माता-पिता, भगवान शिव और माता पार्वती की सात बार परिक्रमा कर ली. परिक्रमा पूरी करने के बाद वे शांत होकर वहीं बैठ गए और कार्तिकेय के लौटने का इंतजार करने लगे.
बप्पा की बुद्धिमानी से प्रसन्न हुए भगवान शिव और माता पार्वती
कुछ समय बाद जब भगवान कार्तिकेय वापस लौटे तो उन्होंने देखा कि गणेश जी पहले से ही वहां मौजूद हैं. तब भगवान शिव ने समझाया कि माता-पिता ही संपूर्ण संसार के समान होते हैं. इसलिए उनकी परिक्रमा करना पूरे जगत की परिक्रमा करने के बराबर माना जाता है. भगवान गणेश की इस बुद्धिमानी से भगवान शिव और माता पार्वती बहुत प्रसन्न हुए. उन्होंने गणेश जी को देवताओं के संकट दूर करने के लिए भेजा. तभी से भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और संकटों को दूर करने वाला देवता माना जाता है.
व्रत कथा पढ़ने का महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार, संकष्टी चतुर्थी के दिन पूजा के समय व्रत कथा अवश्य पढ़नी चाहिए. इससे भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं. साथ ही भक्तों के जीवन से बाधाएं और संकट दूर होते हैं.
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कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, सेंसेक्स 300 अंक गिरा, आईटी शेयरों में बढ़त
मुंबई, 6 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला।
इस दौरान 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद (80,015.90) से 356.91 अंकों यानी 0.45 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79,658.99 पर खुला, तो वहीं एनएसई निफ्टी अपने पिछले बंद (24,765.90) से 109.50 अंक या 0.44 प्रतिशत गिरकर 24,656.40 पर खुला।
खबर लिखे जाने तक (सुबह 9.30 बजे के करीब) सेंसेक्स 316.09 अंकों यानी 0.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79,699.81 पर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं निफ्टी 86.60 (0.35 प्रतिशत) अंक गिरकर 24,679.30 पर कारोबार करता नजर आया।
शुरुआती कारोबार में व्यापक बाजार सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन कर रहे थे। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.48 प्रतिशत तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.64 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी आईटी इंडेक्स में सबसे ज्यादा 1.23 प्रतिशत की तेजी देखी गई, जबकि निफ्टी ऑटो (0.60 प्रतिशत), निफ्टी एफएमसीजी (0.02 प्रतिशत) और निफ्टी बैंक (0.85 प्रतिशत) में गिरावट दर्ज की गई।
ध्यान देने वाली बात है कि पिछले कारोबारी दिन गुरुवार को घरेलू बाजार लगातार चार दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए तेजी के साथ हरे निशान में खुला और अच्छी बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 899.71 अंक या 1.14 प्रतिशत की तेजी के साथ 80,015.90 पर बंद हुआ, तो वहीं निफ्टी 285.40 अंक या 1.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,765.90 पर बंद हुआ।
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने बताया कि निफ्टी में 24,550 से 24,500 का दायरा फिलहाल अहम सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 24,850 का स्तर निकटतम रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है।
एक्सपर्ट के अनुसार, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) 37.55 पर है, जो ओवरसोल्ड स्तर से ऊपर आने के बाद बाजार में धीरे-धीरे सुधार के संकेत दे रहा है।
मार्केट एक्सपर्ट शाह ने आगे कहा कि पिछले सत्र में विदेशी निवेशक (एफआईआई) ने लगातार पांचवें सत्र में बिकवाली जारी रखते हुए करीब 3,752 करोड़ रुपए के शेयर बेच दिए। दूसरी ओर घरेलू निवेशक (डीआईआई) ने सातवें दिन भी खरीदारी जारी रखी और 5,000 करोड़ रुपए से अधिक के शेयर खरीदे। इससे विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद बाजार को कुछ सहारा मिला।
एक्सपर्ट ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और बाजार में बढ़ती अस्थिरता को देखते हुए निवेशकों को फिलहाल संयम और सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने कहा कि गिरावट के दौरान मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ही ध्यान देना बेहतर रहेगा।
नई खरीदारी की रणनीति तभी बनानी चाहिए जब निफ्टी 25,000 के स्तर के ऊपर स्पष्ट और मजबूत ब्रेकआउट दे। ऐसा होने पर बाजार में तेजी की भावना मजबूत होगी और एक स्थायी बुलिश ट्रेंड बनने की पुष्टि हो सकती है।
--आईएएनएस
डीबीपी/
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