आजकल स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन गया है। हम अक्सर खाली समय मिलते ही फोन पर स्क्रॉलिंग शुरू कर देते हैं। लाइफस्टाइल एक्सपर्ट ल्यूक कॉउटिन्हो का कहना है कि स्क्रॉल करना अपने आप में कोई बुराई नहीं है, लेकिन जब हम बोरियत या खुशी में भी बिना सोचे-समझे इसे लगातार करते रहते हैं, तो यह हमारे दिमाग के लिए नुकसानदेह हो जाता है।
दिमाग की थकान का असली कारण क्या?
ल्यूक कॉउटिन्हो के अनुसार, असली समस्या 'ओवरस्टिमुलेशन' है। जब हमारा नर्वस सिस्टम बहुत ज्यादा शोर और सूचनाओं से भर जाता है, तो हमारा दिमाग थक जाता है। इसी थकान को दूर करने के लिए हम अक्सर एक और वीडियो देखने लगते हैं, जिससे घंटों का समय बर्बाद हो जाता है। इससे निपटने के लिए उन्होंने 60 सेकंड के कुछ आसान 'माइक्रो-रिचुअल्स' बताए हैं, जो आपके दिमाग को तुरंत शांति दे सकते हैं।
5-5-5 रीसेट
दिमाग को शांत करने का एक तरीका '5-5-5 रीसेट' है। इसमें आपको नाक से 5 बार धीरे-धीरे सांस लेनी है, 5 सेकंड तक सांस अंदर खींचें और 5 सेकंड तक बाहर छोड़ें।
सन चेक
एक और प्रभावी तरीका 'सन चेक' है। बस 60 सेकंड के लिए फोन छोड़कर खिड़की के पास जाएं और आसमान को देखें। सुबह की धूप लेना इसमें सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है।
ग्रैटिट्यूड वॉक
आप 'ग्रैटिट्यूड वॉक' भी कर सकते हैं, जिसमें अपने घर के एक कोने से दूसरे कोने तक 2 मिनट टहलें और किसी ऐसे व्यक्ति को याद करें जिसके लिए आप आभारी हैं।
म्यूजिक
ग्रैटिट्यूड वॉक के अलावा, अपना पसंदीदा गाना सुनना भी एक 'मेडिसिन' की तरह काम करता है। ल्यूक कहते हैं कि बिना कोई दूसरा काम किए सिर्फ संगीत को सुनना नर्वस सिस्टम को शांत करने का सबसे तेज तरीका है।
सुरक्षा का अहसास
खुद को सुरक्षित महसूस कराना भी सेहत के लिए जरूरी है। इसके लिए एक हाथ छाती और दूसरा पेट पर रखकर 30 सेकंड तक कहें, 'मैं अभी सुरक्षित हूं।'
पानी पीने का सही तरीका
पानी को दवा की तरह धीरे-धीरे घूंट लेकर पीना चाहिए। इससे मन की घबराहट कम होती है। आप किसी अपने को एक छोटा सा मैसेज (बिना इमोजी वाला) भी भेज सकते हैं, जिससे शरीर को सुकून मिलता है।
10 चीजों का डीक्लटर रूल
ल्यूक 'डीक्लटर रिचुअल' की सलाह देते हैं। अपने आस-पास बिखरी हुई 10 चीजों को उठाएं और उन्हें उनकी सही जगह पर धीरे-धीरे रखें। चीजों को व्यवस्थित करने से दिमाग को सुकून मिलता है। ल्यूक का कहना है कि स्क्रॉलिंग छोड़ने के लिए खुद से लड़ें नहीं, बल्कि अपने थके हुए दिमाग को मनोरंजन के बजाय आराम का विकल्प दें।
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