Delhi के Mangolpuri में जूता फैक्टरी में लगी आग, चार लोगों की मौत के बाद उठे सवाल
उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र में एक जूता कारखाने में आग लगने से चार लोगों की मौत के बाद विभिन्न एजेंसियों ने अपनी-अपनी अधिकार क्षेत्र संबंधी सीमाओं का हवाला दिया है। वहीं, कारखाने में सुरक्षा संबंधी निरीक्षण को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जबकि इकाई के पास वैध फैक्टरी लाइसेंस और प्रदूषण संबंधी मंजूरी थी। इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि कारखाने के पास 2024 में जारी वैध लाइसेंस और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) का अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) था, जो 2039 तक वैध था।
अधिकारी ने कहा कि कारोबार सुगमता नीति के तहत फैक्टरी लाइसेंसिंग विभाग ने परिसर का निरीक्षण नहीं किया था, क्योंकि इकाई के पास वैध लाइसेंस और एनओसी थी। प्रारंभिक जांच में आग लगने की संभावित वजह के तौर पर मजदूरों की लापरवाही सामने आई है। हालांकि, जांच जारी है और आग लगने के कारण का अभी निर्णायक रूप से पता नहीं चल पाया है।
अधिकारी ने कहा, ‘‘सभी दस्तावेजों और मौके पर किए गए सत्यापन के बाद रिपोर्ट सौंपी जाएगी।’’ दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (डीएसआईआईडीसी) के एक अधिकारी ने कहा कि इस क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों की निगरानी के लिए कई एजेंसियां जिम्मेदार हैं। अधिकारी के अनुसार, डीएसआईआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र में नालों और सड़कों के रखरखाव के लिए जिम्मेदार है, जबकि अग्नि सुरक्षा, भवन संबंधी नियमों और प्रदूषण से जुड़े मामले अन्य एजेंसियों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
उत्तराखंड Uttarakhand में हेलीकॉप्टर हादसे पर कर्नाटक के सीएम और राज्यपाल ने जताया शोक
कर्नाटक की राज्यपाल सुधा यादव और मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में राज्य के पांच पर्यटकों की मौत पर शनिवार को शोक व्यक्त किया। शुक्रवार को उत्तराखंड के जोशीमठ में हुए हेलीकॉप्टर हादसे में मारे गए छह लोगों में बेंगलुरु पुलिस का एक निरीक्षक भी शामिल था। शिवकुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा कि उनकी सरकार प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता मुहैया कराने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने भी पिछले दो-तीन वर्षों के दौरान उस स्थान का दौरा किया है। इस स्थिति में कर्नाटक के हमारे लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली में सभी संबंधित सरकारें और अधिकारी भी इस मामले पर करीबी नजर रख रहे हैं।
मैंने उन्हें सभी आवश्यक जानकारी दे दी है।’’ हादसे में जान गंवाने वाले पांच पुरुष यात्रियों की पहचान हासन के व्यवसायी प्रताप, बेंगलुरु पुलिस की केंद्रीय अपराध शाखा के निरीक्षक अरुण सालुंके, अधिवक्ता शंकर गौड़ा और सुधीर के. तथा पोल्ट्री व्यवसायी एच. एस. नटराज के रूप में हुई है। हेलीकॉप्टर के पायलट कैप्टन हिमांशु की भी हादसे में मौत हो गई। इस घटना को ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद’’ बताते हुए शिवकुमार ने कहा कि संबंधित लोग तीर्थाटन के लिए यात्रा पर निकले थे, जिससे यह त्रासदी और भी हृदयविदारक हो गई।
उन्होंने कहा, ‘‘यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है। दिवंगत आत्माओं को शांति मिले। मैं प्रार्थना करता हूं कि हमारे सभी पर्यटक भविष्य में अधिक सावधानी बरतें।
हमें आगे से ज्यादा सतर्क रहना होगा।’’ दस अक्टूबर को मंदिरों को बंद किए जाने का जिक्र करते हुए शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने वहां के संतों से बात की थी, जिनमें केदारनाथ में रहने वाले कर्नाटक के संत भी शामिल थे। वहीं, राज्यपाल सुधा यादव ने शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘जोशीमठ के पास हुए भीषण हेलीकॉप्टर हादसे से मैं बेहद दुखी हूं, जिसमें छह लोगों की जान चली गई।
इस दुखद दुर्घटना में लोगों की जान जाने से गहरा दुख पहुंचा है। मैं दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करती हूं। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।’’ बयान में कहा गया, ‘‘राज्यपाल कार्यालय प्रभावित परिवारों को सभी आवश्यक सहायता और सहयोग मुहैया कराने तथा मृत तीर्थयात्रियों के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ कर्नाटक पहुंचाने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ करीबी समन्वय बनाए हुए है।’’
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