उत्तराखंड Uttarakhand में हेलीकॉप्टर हादसे पर कर्नाटक के सीएम और राज्यपाल ने जताया शोक
कर्नाटक की राज्यपाल सुधा यादव और मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में राज्य के पांच पर्यटकों की मौत पर शनिवार को शोक व्यक्त किया। शुक्रवार को उत्तराखंड के जोशीमठ में हुए हेलीकॉप्टर हादसे में मारे गए छह लोगों में बेंगलुरु पुलिस का एक निरीक्षक भी शामिल था। शिवकुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा कि उनकी सरकार प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता मुहैया कराने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने भी पिछले दो-तीन वर्षों के दौरान उस स्थान का दौरा किया है। इस स्थिति में कर्नाटक के हमारे लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली में सभी संबंधित सरकारें और अधिकारी भी इस मामले पर करीबी नजर रख रहे हैं।
मैंने उन्हें सभी आवश्यक जानकारी दे दी है।’’ हादसे में जान गंवाने वाले पांच पुरुष यात्रियों की पहचान हासन के व्यवसायी प्रताप, बेंगलुरु पुलिस की केंद्रीय अपराध शाखा के निरीक्षक अरुण सालुंके, अधिवक्ता शंकर गौड़ा और सुधीर के. तथा पोल्ट्री व्यवसायी एच. एस. नटराज के रूप में हुई है। हेलीकॉप्टर के पायलट कैप्टन हिमांशु की भी हादसे में मौत हो गई। इस घटना को ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद’’ बताते हुए शिवकुमार ने कहा कि संबंधित लोग तीर्थाटन के लिए यात्रा पर निकले थे, जिससे यह त्रासदी और भी हृदयविदारक हो गई।
उन्होंने कहा, ‘‘यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है। दिवंगत आत्माओं को शांति मिले। मैं प्रार्थना करता हूं कि हमारे सभी पर्यटक भविष्य में अधिक सावधानी बरतें।
हमें आगे से ज्यादा सतर्क रहना होगा।’’ दस अक्टूबर को मंदिरों को बंद किए जाने का जिक्र करते हुए शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने वहां के संतों से बात की थी, जिनमें केदारनाथ में रहने वाले कर्नाटक के संत भी शामिल थे। वहीं, राज्यपाल सुधा यादव ने शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘जोशीमठ के पास हुए भीषण हेलीकॉप्टर हादसे से मैं बेहद दुखी हूं, जिसमें छह लोगों की जान चली गई।
इस दुखद दुर्घटना में लोगों की जान जाने से गहरा दुख पहुंचा है। मैं दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करती हूं। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।’’ बयान में कहा गया, ‘‘राज्यपाल कार्यालय प्रभावित परिवारों को सभी आवश्यक सहायता और सहयोग मुहैया कराने तथा मृत तीर्थयात्रियों के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ कर्नाटक पहुंचाने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ करीबी समन्वय बनाए हुए है।’’
SRFTI परिसर में पुलिस तैनाती और गश्त से निजता का हनन, छात्र संघ ने लगाए गंभीर आरोप
सत्यजीत राय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एसआरएफटीआई) के छात्र संघ ने शनिवार को आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी अब भी संस्थान के प्रशासनिक भवन के प्रवेश द्वार पर तैनात हैं और छात्रावासों के आसपास सहित पूरे परिसर में गश्त कर रहे हैं। कोलकाता प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में छात्र संघ ने परिसर में पुलिसकर्मियों की लगातार तैनाती और गश्त पर चिंता जताई। छात्र संघ ने आरोप लगाया कि छात्रावासों के आसपास पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से छात्रों की निजता का उल्लंघन हो रहा है और उनकी आवाजाही तथा आपसी बातचीत की स्वतंत्रता सीमित हो रही है।
आरोपों को खारिज करते हुए एसआरएफटीआई के रजिस्ट्रार दीपक कुमार ने कहा कि संस्थान ने छात्रों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाए जाने के दावों को पूरी तरह झूठा और फर्जी बताया। छात्र संघ के महासचिव नचिकेत ने कहा, ‘‘शनिवार को अधिकारियों के लिए आधिकारिक अवकाश का दिन होने के बावजूद पुलिसकर्मी प्रशासनिक भवन के प्रवेश द्वार पर तैनात रहे।
उन्हें परिसर में विशेष रूप से छात्रावासों के आसपास लगातार गश्त करते हुए भी देखा गया।’’ छात्र संघ ने छात्रावासों के आसपास पुलिस की तैनाती और गश्त तत्काल बंद करने की मांग की। ये आरोप संस्थान प्रशासन और छात्रों के बीच जारी गतिरोध के बीच सामने आए हैं। छात्र परिसर में बाहरी लोगों द्वारा कथित हमलों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं और पर्याप्त सुरक्षा, जवाबदेही तथा कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
यह आंदोलन 27 सितंबर को एक कार्यक्रम के दौरान कथित हमले और इसके बाद चार अक्टूबर को हुई एक अन्य घटना के बाद शुरू हुआ था। इस दौरान छात्रों ने धरना भी दिया और परिसर की सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुईं। हालांकि, संस्थान प्रशासन का कहना है कि छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi










