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चारधाम यात्रा 2026- ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू:घर बैठे कर सकते हैं आवेदन, 9 स्टेप में जानिए पूरा प्रोसेस; 19 अप्रैल से शुरू होगी यात्रा

उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा के लिए शुक्रवार (6 मार्च) सुबह 7 बजे से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। पर्यटन विभाग ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वेबसाइट और मोबाइल एप दोनों माध्यमों से रजिस्ट्रेशन पोर्टल खोल दिया है। पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल के अनुसार, श्रद्धालु 4 तरीकों से अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं- सरकार ने यात्रियों की सुविधा और किसी भी समस्या के समाधान के लिए 24 घंटे सक्रिय टोल-फ्री नंबर जारी किया है हेल्पलाइन नंबर: 0135-1364 9 स्टेप में जानिए पूरा प्रोसेस 1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट खोलें- चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के लिए मोबाइल या कंप्यूटर में ब्राउजर खोलें और उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वेबसाइट: https://registrationandtouristcare.uk.gov.in 2. रजिस्टर/साइन-अप का विकल्प चुनें- वेबसाइट खुलने के बाद होमपेज पर Register / Sign Up का विकल्प दिखाई देगा। नए यूजर को पहले अपना अकाउंट बनाना होगा। 3. मोबाइल नंबर और बेसिक जानकारी भरें- रजिस्ट्रेशन फॉर्म में अपना नाम, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और राज्य जैसी जरूरी जानकारी भरनी होती है। 4. OTP से मोबाइल नंबर वेरिफाई करें- फॉर्म भरने के बाद आपके मोबाइल नंबर पर OTP आएगा। OTP दर्ज करते ही आपका अकाउंट वेरिफाई हो जाएगा। 5. लॉग-इन कर डैशबोर्ड खोलें- अकाउंट बनने के बाद उसी वेबसाइट पर मोबाइल नंबर और पासवर्ड से लॉग-इन करें। लॉग-इन करते ही आपका डैशबोर्ड खुल जाएगा। 6. ‘Add / Register for Yatra’ पर क्लिक करें- डैशबोर्ड में Add / Register for Yatra का विकल्प दिखाई देगा। इस पर क्लिक करके यात्रा पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू करें। 7. यात्रा की डिटेल भरें- अब जिस धाम में जाना है, उसका चयन करें और यात्रा की तारीख, यात्रियों की संख्या और अन्य जरूरी जानकारी भरें। एक अकाउंट से परिवार या ग्रुप के अन्य सदस्यों को भी जोड़ा जा सकता है। 8. पहचान पत्र अपलोड करें- हर यात्री के लिए पहचान पत्र अपलोड करना जरूरी होता है। इसके लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज लगाए जा सकते हैं। 9. रजिस्ट्रेशन सबमिट कर पास डाउनलोड करें- सभी जानकारी भरने के बाद फॉर्म सबमिट करें। इसके बाद आपकी चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन स्लिप या QR कोड पास जनरेट हो जाएगा, जिसे डाउनलोड कर यात्रा के दौरान साथ रखना जरूरी है। 22 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। यह तिथि महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) के अवसर पर ऊखीमठ में पारंपरिक पंचांग गणना के बाद घोषित की गई थी। इस साल केदारनाथ यात्रा पिछले साल की तुलना में पहले शुरू हो रही है। 2025 में धाम के कपाट 2 मई को खुले थे, जबकि इस बार 22 अप्रैल को खुलेंगे। यानी श्रद्धालु इस बार 10 दिन पहले बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे। भाई दूज पर बंद हुए थे धाम के कपाट इससे पहले 23 अक्टूबर 2025 को भाई दूज के अवसर पर केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए गए थे। कपाट बंद होने के बाद बाबा की डोली पैदल मार्ग से रवाना होकर लगभग 55 किलोमीटर की यात्रा तय करते हुए 25 अक्टूबर को उखीमठ पहुंची थी, जहां ओंकारेश्वर मंदिर में शीतकालीन प्रवास शुरू हुआ। मंदिर समिति के अनुसार 2025 की यात्रा के दौरान 17,68,795 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए। 2013 की आपदा के बाद यह दूसरा अवसर था जब इतनी बड़ी संख्या में भक्त धाम पहुंचे। 23 अप्रैल को खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट बद्रीनाथ धाम के कपाट 2026 में 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे। बसंत पंचमी के मौके पर नरेंद्रनगर राजदरबार में पंचांग गणना के बाद यह तिथि तय की गई थी। चमोली में स्थित बद्रीनाथ धाम के कपाट इस बार पिछले साल के मुकाबले 11 दिन पहले खुलेंगे। वहीं उत्तरकाशी के गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर विधि-विधान से भक्तों के लिए खोले जाएंगे। 2025 में कब बंद हुए थे बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 2025 में उत्तरकाशी में स्थित गंगोत्री धाम के कपाट 22 अक्टूबर को विधि-विधान के साथ बंद किए गए। इसके अगले दिन ही दिन 23 अक्टूबर को यमुनोत्री धाम के कपाट विधि विधान से बंद कर दिए गए थे इसके बाद यात्रियों के लिए इन दोनों धामों में नियमित दर्शन बंद हो गए और शीतकालीन पूजा की व्यवस्थाएं शुरू कर दी गईं। वहीं चमोली जिले में स्थित बद्रीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद किए गए थे। फिलहाल बद्रीनाथ की शीतकालीन पूजा जोशीमठ के नरसिंह मंदिर में चल रही है। पिछले पांच सालों में श्रद्धालुओं के आंकड़े बद्रीनाथ धाम में अप्रैल 2026 तक काम पूरा करने का लक्ष्य बद्रीनाथ धाम में पीएम नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत मास्टर प्लान पूरा होने के बाद धाम साफ और परिसर बड़ा दिख रहा है। ड्रीम प्रोजेक्ट का उद्देश्य अगले 50 सालों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बद्रीनाथ को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना है। करीब 424 करोड़ रुपए की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को अप्रैल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि अगली चारधाम यात्रा से पहले श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्थाएं मिल सकें। यह मास्टर प्लान 85 एकड़ क्षेत्र में तीन चरणों में लागू किया जा रहा है। फेज-1 में शेषनेत्र और बद्रीश झील का सौंदर्याकरण, अलकनंदा रिवर फ्रंट और वन-वे लूप रोड का काम अंतिम चरण में है। फेज-2 में मंदिर परिसर का विस्तार और अस्पताल का निर्माण शामिल है। ----------------------------------- ये खबरें भी पढ़ें… बद्रीनाथ-केदारनाथ में मोबाइल बैन करने की तैयारी: BKTC अध्यक्ष बोले- ब्लॉगिंग करने वालों पर कार्रवाई होगी; गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक लग सकती है बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले श्रद्धालुओं के लिए नए नियम बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) इस मुद्दे पर जल्द बैठक करेगी। (पढें पूरी खबर)

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Aaj Ka Panchang 6 March 2026: आज संकष्टी चतुर्थी पूजा, जानें जानें शुक्रवार के शुभ और अशुभ मुहूर्त

Aaj Ka Panchang 6 March 2026: हिन्दू पंचांग की मदद से हर दिन के लिए पूजा-पाठ या व्रत से जुड़े शुभ मुहूर्त निकलते हैं। साथ ही इससे सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का भी पता लगाया जाता है। जानें 6 मार्च 2026 यानी शुक्रवार के दिन के शुभ और अशुभ मुहूर्त क्या है?

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IND vs NZ Final: भारत-न्यूजीलैंड फाइनल अगर बारिश से धुला तो कौन बनेगा चैंपियन? जानें सारे समीकरण

IND vs NZ T20 World cup Final: भारत रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में न्यूज़ीलैंड से भिड़ेगा। भारत के पास खिताब बचाने का मौका है। हालांकि, इससे पहले कोई भी टीम ऐसा नहीं कर पाई है। ऐसे में अगर सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली टीम इंडिया को ऐसा करना है तो 19 साल का इतिहास बदलना होगा। भारत सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराकर फाइनल में पहुंचा और पाकिस्तान और श्रीलंका के बाद लगातार टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी टीम बन गई।

आईसीसी टूर्नामेंट में अगर किसी एक टीम ने भारत को सबसे ज्यादा परेशान किया है तो वो न्यूजीलैंड है। कीवी टीम टी20 विश्व कप में कभी भी भारत से हारी नहीं है। इतने बड़े मैच के साथ, फैंस यह भी जानना चाहते हैं कि अगर मौसम या दूसरी स्थितियों ने फाइनल पर असर डाला तो क्या होगा।

आईसीसी के नियमों के मुताबिक, ऑर्गनाइज़र पहले तय दिन पर मैच पूरा करने की कोशिश करेंगे, भले ही बारिश के कारण मैच को छोटा ही क्यों न करना पड़े। अगर उस दिन मैच पूरा नहीं हो पाता है, तो एक रिज़र्व डे रखा जाता है। खेल वहीं से जारी रहेगा जहां से रुका था, न कि दोबारा शुरू होगा। हालांकि, अगर रिज़र्व डे के बाद भी बारिश किसी नतीजे को रोकती है, तो दोनों टीमों को टूर्नामेंट का जॉइंट विनर घोषित किया जाएगा। एक और चांस यह भी है कि मैच टाई हो जाए। ऐसे में, विनर का फैसला सुपर ओवर से होगा, जिसमें दोनों टीमों को बैटिंग और बॉलिंग के लिए एक एक्स्ट्रा ओवर मिलेगा।

अगर सुपर ओवर भी टाई हो जाता है, तो तब तक सुपर ओवर होगा, जब तक नतीजा न आ जाए। यह नियम 2019 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल के विवादित नतीजे के बाद लाया गया था। पहले, सिर्फ एक सुपर ओवर खेला जाता था और अगर वह टाई होता था, तो जिस टीम के हिस्से ज्यादा बाउंड्री (चौके-छक्के) आई होती थी, वो जीत जाती थी। अब, सुपर ओवर तब तक जारी रहेंगे जब तक कोई एक टीम जीत न जाए। 

Sat, 07 Mar 2026 12:36:16 +0530

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