मेकअप के बाद ये गलतियां कर रहीं हैं आपकी स्किन खराब, जानिए चेहरे की चमक बचाने का सही तरीका
नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। ऑफिस या किसी पार्टी में शामिल होना हो या किसी खास मौके पर तैयार होना हो, मेकअप से चेहरा ज्यादा निखरा हुआ नजर आता है लेकिन जितना जरूरी मेकअप करना है, उतना ही जरूरी उसे सही तरीके से हटाना भी है। कई लोग घंटों मेकअप लगाए रखते हैं और रात में थकान के कारण बिना हटाए ही सो जाते हैं। यही छोटी सी गलती धीरे-धीरे त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है।
त्वचा विशेषज्ञों के मुताबिक, मेकअप को सही तरीके से साफ न करना परेशानी पैदा कर सकता है। चेहरे पर लंबे समय तक मेकअप, धूल, प्रदूषण और पसीना जमा रहने से त्वचा के रोमछिद्र बंद हो सकते हैं। इससे मुंहासे, त्वचा का रूखापन, जलन, लालिमा और बेजान त्वचा जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। इसलिए मेकअप के बाद एक सही स्किन केयर रूटीन अपनाना बेहद जरूरी है।
मेकअप हटाने की शुरुआत सही क्लीनिंग से होनी चाहिए। खासतौर पर वाटरप्रूफ मस्कारा, लंबे समय तक टिकने वाली लिपस्टिक और फुल कवरेज फाउंडेशन को केवल फेसवॉश से हटाना काफी नहीं होता। ऐसे प्रोडक्ट्स को हटाने के लिए मेकअप रिमूवर या ऑयल बेस्ड क्लेंजर का इस्तेमाल किया जा सकता है। चेहरे को जोर-जोर से रगड़ने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे त्वचा पर खिंचाव और जलन हो सकती है।
आंखों के मेकअप को हटाते समय ज्यादा सावधानी की जरूरत होती है। कॉटन पैड पर मेकअप रिमूवर लगाकर कुछ सेकंड आंखों पर रखें और फिर हल्के हाथों से साफ करें। इससे आई मेकअप आसानी से निकल जाता है और आंखों के आसपास की नाजुक त्वचा को नुकसान भी नहीं पहुंचता।
मेकअप हटाने के बाद डबल क्लीजिंग त्वचा को ज्यादा अच्छी तरह साफ करने में मदद करती है। इसमें पहले ऑयल बेस्ड क्लींजर से मेकअप और गंदगी हटाई जाती है। इसके बाद पानी वाले फेस क्लींजर से त्वचा को साफ किया जाता है। इससे मेकअप के बचे हुए कण और अतिरिक्त तेल भी निकल जाते हैं।
क्लीजिंग के बाद त्वचा को संतुलित रखने के लिए टोनर का इस्तेमाल किया जाता है। टोनर त्वचा की नमी बनाए रखने और उसे आराम देने में मदद करता है। हालांकि हर किसी की त्वचा अलग होती है, इसलिए त्वचा के प्रकार के हिसाब से टोनर चुनना चाहिए। हायलूरोनिक एसिड त्वचा को हाइड्रेट रखने में मदद करता है, जबकि एलोवेरा और ग्लिसरीन त्वचा को शांत और मुलायम बनाए रखने में सहायक होते हैं।
स्किन केयर का सबसे जरूरी हिस्सा मॉइस्चराइजर है। कई लोग सोचते हैं कि ऑयली त्वचा पर मॉइस्चराइजर की जरूरत नहीं होती, लेकिन ऐसा नहीं है। ऑयली स्किन के लिए हल्के जेल बेस्ड मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं ड्राई स्किन वालों को ज्यादा हाइड्रेटिंग और क्रीम बेस्ड मॉइस्चराइजर की जरूरत होती है। मॉइस्चराइजर त्वचा की सुरक्षा परत को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है।
--आईएएनएसप
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ईरान के राष्ट्रपति का बड़ा दावा, ‘हमें सीरिया बनाने की कोशिश हुई’, नए सुप्रीम लीडर की जमकर तारीफ
Iran VS US: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने बुधवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में देश के दुश्मनों को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि विदेशी ताकतों ने युद्ध, कड़े प्रतिबंधों और भारी राजनीतिक दबाव का सहारा लेकर ईरान को अस्थिर करने का पूरा प्रयास किया. उनका मुख्य उद्देश्य ईरान की स्थिति को सीरिया जैसी विनाशकारी बनाना था. हालांकि, राष्ट्रपति ने गर्व के साथ कहा कि ईरानी नागरिकों की अटूट एकजुटता और देश के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के कुशल नेतृत्व ने इन सभी नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया. उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान की आजादी और निरंतर विकास विरोधियों को रास नहीं आ रहा है, लेकिन देश की सामूहिक एकता ही बाहरी ताकतों के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार साबित हुई है.
नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की तारीफ
अपने भाषण के दौरान, पेजेशकियन ने इस्लामिक क्रांति के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने याद किया कि किस तरह दिवंगत नेता ने हमेशा सरकार और देश के हितों का पुरजोर समर्थन किया. इसके साथ ही, उन्होंने अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद देश की बागडोर संभालने वाले नए सर्वोच्च नेता और उनके बेटे, मोजतबा खामेनेई के प्रति गहरा विश्वास व्यक्त किया. राष्ट्रपति ने कहा कि नए नेतृत्व ने मुश्किल वक्त में देश को टूटने से बचाया और उन्हें पूरा यकीन है कि मोजतबा खामेनेई के मार्गदर्शन में ईरान की संप्रभुता और स्थिरता हमेशा सुरक्षित रहेगी.
होर्मुज जलडमरूमध्य और अमेरिका के साथ बातचीत पर नजर
राष्ट्रपति का यह महत्वपूर्ण संबोधन ऐसे नाजुक वक्त में आया है, जब पूरे पश्चिम एशिया में कूटनीतिक और सैन्य तनाव अपने चरम पर है. इस बीच सामरिक मोर्चे पर भी बड़ी हलचल देखने को मिल रही है. अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान और ओमान के बीच एक अहम समझौते पर विचार किया जा रहा है, जिससे तेहरान को सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर अधिक कड़ा नियंत्रण मिल सकता है.
दूसरी ओर, वैश्विक राजनीति में एक बड़ा मोड़ तब आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है. ट्रंप ने दावा किया कि खुद तेहरान ने उनसे कूटनीतिक संपर्क साधा है और आगामी अड़तालीस घंटों में दोनों देशों के बीच के हालात और भविष्य की रणनीतियां पूरी तरह से स्पष्ट हो जाएंगी.
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