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ईरान के राष्ट्रपति का बड़ा दावा, ‘हमें सीरिया बनाने की कोशिश हुई’, नए सुप्रीम लीडर की जमकर तारीफ

Iran VS US: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने बुधवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में देश के दुश्मनों को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि विदेशी ताकतों ने युद्ध, कड़े प्रतिबंधों और भारी राजनीतिक दबाव का सहारा लेकर ईरान को अस्थिर करने का पूरा प्रयास किया. उनका मुख्य उद्देश्य ईरान की स्थिति को सीरिया जैसी विनाशकारी बनाना था. हालांकि, राष्ट्रपति ने गर्व के साथ कहा कि ईरानी नागरिकों की अटूट एकजुटता और देश के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के कुशल नेतृत्व ने इन सभी नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया. उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान की आजादी और निरंतर विकास विरोधियों को रास नहीं आ रहा है, लेकिन देश की सामूहिक एकता ही बाहरी ताकतों के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार साबित हुई है.

नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की तारीफ

अपने भाषण के दौरान, पेजेशकियन ने इस्लामिक क्रांति के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने याद किया कि किस तरह दिवंगत नेता ने हमेशा सरकार और देश के हितों का पुरजोर समर्थन किया. इसके साथ ही, उन्होंने अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद देश की बागडोर संभालने वाले नए सर्वोच्च नेता और उनके बेटे, मोजतबा खामेनेई के प्रति गहरा विश्वास व्यक्त किया. राष्ट्रपति ने कहा कि नए नेतृत्व ने मुश्किल वक्त में देश को टूटने से बचाया और उन्हें पूरा यकीन है कि मोजतबा खामेनेई के मार्गदर्शन में ईरान की संप्रभुता और स्थिरता हमेशा सुरक्षित रहेगी.

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होर्मुज जलडमरूमध्य और अमेरिका के साथ बातचीत पर नजर

राष्ट्रपति का यह महत्वपूर्ण संबोधन ऐसे नाजुक वक्त में आया है, जब पूरे पश्चिम एशिया में कूटनीतिक और सैन्य तनाव अपने चरम पर है. इस बीच सामरिक मोर्चे पर भी बड़ी हलचल देखने को मिल रही है. अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान और ओमान के बीच एक अहम समझौते पर विचार किया जा रहा है, जिससे तेहरान को सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर अधिक कड़ा नियंत्रण मिल सकता है.

दूसरी ओर, वैश्विक राजनीति में एक बड़ा मोड़ तब आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है. ट्रंप ने दावा किया कि खुद तेहरान ने उनसे कूटनीतिक संपर्क साधा है और आगामी अड़तालीस घंटों में दोनों देशों के बीच के हालात और भविष्य की रणनीतियां पूरी तरह से स्पष्ट हो जाएंगी.

 

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Kamika Ekadashi 2026: 8 या 9 अगस्त, कब मनाई जाएगी कामिका एकादशी? नोट करें तिथि और शुभ मुहूर्त

Kamika Ekadashi 2026: सनातन धर्म में कामिका एकादशी का विशेष महत्व होता है. इस एकादशी को पुण्यकारी माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत काल में युद्धिष्ठिर ने भगवान विष्णु से कामिका एकादशी व्रत के बारे में पूछा था. इस पर श्रीकृष्ण ने बताया था कि श्रावस मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को कामिका एकादशी कहते हैं. इस एकादशी में व्रत करने से तुला दान और यज्ञ के समान फल प्राप्त होता है. यह एक धार्मिक और पवित्र पर्व होता है, जो सभी पापों को नष्ट करता है.

यह एकादशी इतना प्रभावशाली मानी जाती है कि कई बड़े पापों से मुक्ति मिल जाती है. जो लोग इस व्रत को करते हैं उन्हें विष्णु लोक प्राप्त होता है. एकादशी के दिन तुलसी माता की पूजा भी अवश्य करनी चाहिए. साथ ही इस दिन श्रीहरि को तुलसी दल भी अर्पित की जाती है. संध्याकाल में तुलसी पौधे व घर के मंदिर और मुख्य द्वार देसी घी का दीया जलाया जाता है. इस वर्ष कामिका एकादशी की सही तारीख को लेकर कंफ्यूजन बना हुआ है. ऐसे में आपको बताते हैं कि ज्योतिष कामिका एकादशी के लिए कौन सी तिथि बता रहे हैं.

कामिका एकादशी 2026 तिथि (Kamika Ekadashi 2026 Date)

ज्योतिषाचार्य हरीगोपाल शर्मा के अनुसार, इस साल एकादशी तिथि का प्रारंभ 8 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 59 मिनट पर होगा और इसका समापन 9 अगस्त को सुबह 11:03 मिनट पर होगा. ऐसे में उदया तिथि 9 अगस्त 2026 को है, तो इस दिन कामिका एकादशी का व्रत रखा जाएगा. इस व्रत का पारण अगले दिन यानी कि 10 अगस्त 2026 को किया जाने वाला है. पारण के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 50 मिनट से लेकर 8 बजे तक रहने वाला है.

कामिका एकादशी 2026 पूजन विधि (Kamika Ekadashi Pujan Vidhi)

एकादशी पर्व के दिन सुबह सूर्योदय से पूर्व उठें. स्नान आदि करें और घर के मंदिर की सफाई करें. अब एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं. उसके ऊपर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. इसके बाद गंगाजल से स्नान करवाएं, पुष्प अर्पित करें, तिलक लगाएं, अक्षत चढ़ाएं और फिर आरती करें. इसके बाद तुलसी की माला से ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र का जाप करें. अगर साधक 11 मालाओं का जाप करता है तो उसे शुभ फलों की प्राप्ति होगी.

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कामिका एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:22 ए एम से 05:04 ए एम
  • प्रातः सन्ध्या- 04:43 ए एम से 05:47 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- 12:00 पी एम से 12:53 पी एम
  • विजय मुहूर्त- 02:40 पी एम से 03:33 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त- 07:06 पी एम से 07:27 पी एम
  • सायाह्न सन्ध्या- 07:06 पी एम से 08:10 पी एम
  • अमृत काल- 06:42 ए एम से 08:09 ए एम
  • निशिता मुहूर्त- 12:05 ए एम, (10 अगस्त) से 12:48 ए एम, (10 अगस्त)

एकादशी पर बन रहे हैं कई शुभ योग

कामिका एकादशी के दिन इस बार 2 शुभ योगों का संयोग बन रहा है. सुबह 11 बजकर 4 मिनट से लेकर दोपहर 2:43 मिनट तक द्विपुष्कर योग बन रहा है. वहीं, पूरे दिन हर्षण योग का प्रभाव रहने वाला है. वहीं, इसका समापन 10 अगस्त को रात 2 बजकर 4 मिनट पर होने वाला है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन शुभ योगों पर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं तो वे अपने भक्तों के सभी दुखों को हर लेते हैं.

कामिका एकादशी के दिन क्या करें और क्या न करें?

  • कामिका एकादशी के दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी और शाम को तुलसी की पूजा करनी चाहिए.
  • एकादशी व्रत रखें और अपनी क्षमता के अनुसार निर्जला या फलाहार व्रत का पालन करें.
  • ऊं नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र या विष्णु सहस्रनाम का जप करें 
  • भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें.
  • इस दिन दीपदान और जरूरतमंदों को दान अवश्य करना चाहिए.
  • कामिका एकादशी का व्रत सिर्फ उपवास का नहीं होता है. इस दिन मन से जप, तप और ध्यान भी करना चाहिए.
  • कामिका एकादशी के दिन तामसिक भोजन का सेवन बिल्कुल न करें.

क्या न करें?

  • इस दिन तुलसी के पत्ते न तोड़े, पूजा के लिए एक दिन पहले तुलसी तोड़ लें.
  • कामिका एकादशी के दिन बुरे विचारों, व्यवहार और कलेश से दूर रहना चाहिए.
  • क्रोध, झूठ, चुगली और किसी का अपमान करने से बचें।
  • एकादशी तिथि पर घर में किसी को चावल नहीं खाना चाहिए.  
  • इस दिन तामसिक भोजन (मांस, मछली, अंडा, लहसुन, प्याज, शराब आदि) का सेवन न करे.
  • व्रत का पारण द्वादशी तिथि में सही समय पर करें, एकादशी समाप्त होने के बाद ही व्रत खोलें

कामिका एकादशी के दिन करें ये खास उपाय (Kamika Ekadashi Upay)

नाम जप करें- अपनी आत्मा, मन, कर्मों और वचनों की शुद्धि के लिए भगवान के नाम का जप करें जैसे हरे कृष्ण, हरे राम और श्रीराम. अपने कर्मों की स्वच्छता रखें. किसी को दुख न दें और किसी के साथ गलत व्यवहार बिल्कुल न करें. अपने वचन को मधुर रखें.

दान करें- कामिका एकादशी के दिन आपको दान कर्म अवश्य करना चाहिए. आप इस दिन पर फलदान कर सकते हैं. अपने बजट के अनुसार, आप अन्न, वस्त्र और धन आदि का दान कर सकते हैं. 

पीपल के पेड़ की पूजा- एकादशी के दिन हमें पीपल के पेड़ की परिक्रमा करनी चाहिए और उसे जल अर्पित करना चाहिए. इससे कर्ज संबंधि परेशानियों से छुटकारा मिलता है.

FAQs

प्रशन.1- कामिका एकादशी का महत्व

कामिका एकादशी का व्रत करने से साधक को तुला दान जितना पुण्य मिलता है.

प्रशन.2- कामिका एकादशी का व्रत कब रखें?

इस एकादशी के लिए व्रत 9 अगस्त 2026 को रखा जाएगा

प्रशन.3- एकादशी के दिन क्या काम नहीं करते?

एकादशी के दिन चावल और तामसिक भोजन नहीं खाते हैं. इस दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़े जाते हैं.

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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  Sports

Ireland का 2027 World Cup में सीधे क्वालिफाई करने का सपना टूटा, Rain बनी विलेन!

लगातार बारिश के कारण ब्रेडी में अफ़गानिस्तान के ख़िलाफ़ पहला वनडे मैच बिना एक भी गेंद फेंके रद्द हो जाने के बाद, आयरलैंड की 2027 ICC पुरुष वनडे वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफ़ाई करने की उम्मीदें खत्म हो गईं। क्रिकइन्फो की रिपोर्ट के अनुसार, मैच के बारिश की वजह से धुल जाने के कारण आयरलैंड की ICC पुरुष वनडे रैंकिंग में 30 सितंबर, 2026 की कट-ऑफ तारीख से पहले ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन वाली जगहों पर पहुँचने की जो थोड़ी-बहुत गणितीय संभावना थी, वह खत्म हो गई।
 

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अभी ODI रैंकिंग में 12वें नंबर पर मौजूद आयरलैंड को अफ़गानिस्तान से आगे निकलने के लिए अफ़गानिस्तान के ख़िलाफ़ 5-0 से सीरीज़ जीतने और वेस्ट इंडीज़ के भारत के ख़िलाफ़ अपने बचे हुए दोनों ODI मैच हारने की ज़रूरत थी, ताकि वे रैंकिंग में अफ़गानिस्तान, वेस्ट इंडीज़ और ज़िम्बाब्वे से आगे निकलकर दक्षिण अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे में होने वाले 2027 वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफ़ाई कर सकें।


अब यह रास्ता बंद हो जाने के कारण, आयरलैंड को 10 टीमों वाले ICC मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप क्वालिफ़ायर के ज़रिए क्वालिफ़ाई करना होगा। क्वालिफ़िकेशन के नियम के अनुसार, क्वालिफ़ायर जीतने वाली टीम को 12 टीमों वाले वर्ल्ड कप में सीधे एंट्री मिलेगी। दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें वर्ल्ड कप सुपर सीरीज़ में आगे बढ़ेंगी और मुख्य टूर्नामेंट में आखिरी जगह बनाने के लिए मुकाबला करेंगी।
 

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इस क्वालिफ़ायर में ODI रैंकिंग में सबसे कम रैंक वाले दो 'फ़ुल मेंबर' देश (मेज़बान दक्षिण अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे को छोड़कर), ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग 2 की टॉप चार टीमें और वर्ल्ड कप क्वालिफ़ायर प्लेऑफ़ से आगे बढ़ने वाली चार टीमें शामिल होंगी। प्लेऑफ में लीग 2 की निचली चार टीमें और चैलेंज लीग की चार टीमें शामिल होंगी। इस प्रतियोगिता की शीर्ष चार टीमें वर्ल्ड कप क्वालिफ़ायर में आगे बढ़ेंगी।
 
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Thu, 06 Aug 2026 13:09:50 +0530

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