सेबी ने फोर्स मोटर्स से पुराने वित्तीय नतीजों और स्टॉक की गतिविधियों को लेकर जानकारी मांगी
मुंबई, 5 मार्च (आईएएनएस)। बाजार नियामक सेबी ने फोर्स मोटर्स लिमिटेड से पुराने वित्तीय नतीजों और फरवरी 2024 के दौरान कंपनी के शेयर की गतिविधियों को लेकर जानकारी मांगी है।
एक नियामक फाइलिंग में कंपनी ने कहा कि बाजार नियामक ने 4 फरवरी, 2026 को एक ईमेल भेजा था। इसमें 30 सितंबर, 2024 को समाप्त हुई तिमाही और छमाही के अनऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय परिणामों की जानकारी मांगी गई है।
इन परिणामों की घोषणा मूल रूप से 29 अक्टूबर, 2024 को की गई थी। सेबी ने विशेष रूप से आय परिणामों की घोषणा से संबंधित घटनाओं के क्रोनोलॉजी की मांग की है।
नियामक ने कंपनी से इंसाइडर्स, प्रबंधकीय सूचना प्रणाली (एमआईएस), नामित व्यक्तियों और उसके संरचित डिजिटल डेटाबेस से एक हिस्से के बारे में जानकारी देने को भी कहा है।
पुणे स्थित ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी ने कहा कि नियामक द्वारा उठाए गए मुद्दों के संबंध में उसे कोई अनियमितता या गैर-अनुपालन नहीं मिला है।
कंपनी ने यह भी कहा कि उसे इस पूछताछ के कारण अपने वित्तीय संचालन पर कोई खास असर पड़ने की उम्मीद नहीं है।
डिस्क्लोजर के बाद कंपनी के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआत में शेयर दबाव में आए और सत्र के दौरान 6 प्रतिशत से अधिक गिर गए, लेकिन बाद में दिन में उनमें सुधार हुआ।
अंत में फोर्स मोटर्स के शेयर 365 रुपए या 1.70 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 21,815 रुपए पर बंद हुए। हालांकि, हाल के हफ्तों में शेयर में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
पिछले एक सप्ताह में फोर्स मोटर्स के शेयर 14.21 प्रतिशत गिरे, जबकि पिछले दो सप्ताहों में इनमें करीब 9 प्रतिशत की गिरावट आई।
हालांकि, मासिक आधार पर शेयर में 3.44 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस वर्ष की शुरुआत से अब तक शेयर में 4.85 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
पिछले तीन महीनों में शेयर में करीब 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि पिछले छह महीनों में इसमें 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
लंबी अवधि में शेयर ने निवेशकों को अच्छा मुनाफा दिया है। पिछले एक वर्ष में शेयरों की कीमत में 193 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले दो वर्षों में शेयर ने करीब 240 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।
पिछले तीन वर्षों में शेयर की कीमत में करीब 1,640 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है।
--आईएएनएस
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अमेरिका-ईरान तनाव पर ऊर्जा सुरक्षा का मुद्दा उठा, ‘AAP’ ने सरकार से मांगी स्पष्ट जानकारी
Punjab News: आम आदमी पार्टी ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर चिंता जताई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में देश की तेल आपूर्ति और ऊर्जा नीति को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आनी चाहिए, ताकि लोगों के मन में किसी तरह की आशंका न रहे.
सुरक्षा के लिए रणीनीति बताए सरकार- मनीष सिसोदिया
मनीष सिसोदिया ने कहा कि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के रूप में विदेशों से आयात करता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी तरह का युद्ध या तनाव सीधे तौर पर तेल की कीमतों और सप्लाई को प्रभावित कर सकता है. उन्होंने कहा कि हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच एक ट्रेड डील हुई थी, जिसके बाद ऊर्जा आयात को लेकर कई चर्चाएं सामने आईं. ऐसे में अब जब अमेरिका और ईरान के बीच हालात तनावपूर्ण हैं, तो देश के नागरिक यह जानना चाहते हैं कि सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा के लिए क्या रणनीति तैयार की है.
समय रहते वैकल्पिक स्त्रोतों पर स्पष्टता जरूरी
पंजाब प्रभारी ने आगे कहा कि ऊर्जा सुरक्षा केवल एक आर्थिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा विषय है. पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों का सीधा असर महंगाई पर पड़ता है. अगर वैश्विक स्तर पर तेल की सप्लाई प्रभावित होती है, तो उसका असर भारत जैसे बड़े आयातक देश पर भी पड़ सकता है. इसलिए जरूरी है कि सरकार समय रहते वैकल्पिक स्रोतों और दीर्घकालिक रणनीति पर स्पष्टता दे.
अपने नागरिकों के हित होनी चाहिए प्राथमिकता
सिसोदिया ने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा संतुलन और कूटनीतिक समझदारी पर आधारित रही है. ऐसे में मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए सरकार को देश के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के बीच भारत की प्राथमिकता अपने नागरिकों के हित और आर्थिक स्थिरता होनी चाहिए.
भ्रम की स्थति पैदा न होने दें
पार्टी की ओर से यह भी कहा गया कि हाल के दिनों में कुछ अंतरराष्ट्रीय सैन्य गतिविधियों और घटनाओं की खबरें सामने आई हैं, जिनका असर क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ सकता है. ऐसे में भारत सरकार की ओर से आधिकारिक बयान और स्थिति की जानकारी सामने आना जरूरी है, ताकि किसी तरह की भ्रम की स्थिति न बने.
तेल की कीमतों पर भारत की क्या है तैयारी
मनीष सिसोदिया ने कहा कि भारत एक बड़ा और जिम्मेदार देश है. दुनिया में उसकी अलग पहचान है. इसलिए वैश्विक तनाव के समय भारत की भूमिका और उसकी तैयारियों को लेकर स्पष्टता रहना जरूरी है. उन्होंने कहा कि देश की जनता जानना चाहती है कि मौजूदा हालात में तेल की आपूर्ति, कीमतों और कूटनीतिक स्तर पर भारत की रणनीति क्या है.
तेल बाजार को लेकर क्या कदम उठाए जाएंगे
AAP नेता ने बताया कि इतिहास में वैश्विक संघर्षों का असर अक्सर तेल बाजार पर देखा गया है. ऐसे में सरकार को यह बताना चाहिए कि अगर हालात लंबे समय तक तनावपूर्ण रहते हैं, तो देश में आपूर्ति और कीमतों को स्थिर रखने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे.
AAP ने किया केंद्र से ये आग्रह
आम आदमी पार्टी ने कहा कि उसका उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि देश की ऊर्जा जरूरतें सुरक्षित रहें और आम लोगों पर किसी तरह का अतिरिक्त बोझ न पड़े. पार्टी ने सरकार से आग्रह किया कि वह ऊर्जा नीति और अंतरराष्ट्रीय हालात पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करे, ताकि लोगों का भरोसा बना रहे.
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