महाराष्ट्र में गैरकानूनी एग डोनेशन रैकेट पर एनसीडब्ल्यू का संज्ञान, कई महिलाओं के शोषण का खुलासा
मुंबई, 5 मार्च (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के बदलापुर में सामने आए एक बड़े गैरकानूनी इंसानी अंडे (एग) निकालने और बेचने के रैकेट को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को मामले की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं।
21 फरवरी को एक मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन ने महाराष्ट्र के डीजीपी को निर्देश दिया कि पूरे नेटवर्क की पहचान कर समयबद्ध तरीके से जांच पूरी की जाए। आयोग ने प्रभावित महिलाओं को तत्काल मेडिकल और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने को भी कहा है।
इसके साथ ही डीजीपी से पांच दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) आयोग को सौंपने को कहा गया है। इस बीच महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग ने भी पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर मामले की गंभीरता पर चर्चा की है।
बता दें कि इस रैकेट का खुलासा तब हुआ जब एक महिला ने एक हेल्थ सेंटर को शिकायत दी कि उससे एग डोनेशन की प्रक्रिया कराई गई, लेकिन उसे तय की गई राशि नहीं दी गई। शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू हुई, जिसमें सामने आया कि कई महिलाओं को आर्थिक तंगी का फायदा उठाकर इस अवैध नेटवर्क में फंसाया गया था।
पुलिस को संदेह है कि इस रैकेट के जरिए कम से कम 40 महिलाओं का शोषण किया गया। जांच में एक बेहद गंभीर मामला भी सामने आया, जिसमें एक पीड़ित महिला से 33 बार अंडे निकाले गए। विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी बार एग निकालना महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है और इससे गंभीर शारीरिक जटिलताएं पैदा हो सकती हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि यह पूरा ऑपरेशन असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (रेगुलेशन) एक्ट, 2021 का उल्लंघन करते हुए चलाया जा रहा था। इस कानून के तहत एक महिला को जीवन में केवल एक बार एग डोनेशन की अनुमति है और इसके बदले किसी तरह के व्यावसायिक लाभ पर रोक है।
पुलिस के मुताबिक, इस रैकेट में शामिल लोग आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को 25,000 से 30,000 देने का लालच देते थे। इसके बाद उन्हें प्राइवेट घरों में हार्मोनल इंजेक्शन दिए जाते थे और फिर अंडे निकालने के लिए अलग-अलग आईवीएफ सेंटर भेजा जाता था।
मामले में अब तक कम से कम चार महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें इस पूरे नेटवर्क की संदिग्ध सरगना सुलक्षणा गाडेकर का नाम भी शामिल है। पुलिस अन्य आरोपियों और जुड़े क्लीनिकों की पहचान करने में जुटी हुई है।
--आईएएनएस
एसएके/पीयूष
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ओमान ने 'युद्ध खत्म करने' का किया आग्रह, विदेश मंत्रालय बोला,'फंसे लोगों को स्वदेश भेजने की कर रहे कोशिश'
मस्कट, 5 मार्च (आईएएनएस)। मध्य पूर्व में संघर्ष के छठे दिन ओमान ने फिर शांति अपील की। गुरुवार को उन्होंने दुनिया की भलाई के लिए सकारात्मक कदम उठाने की सिफारिश की।
ओमान ने शांति अपील करते हुए वादा किया है कि वो अंतर्राष्ट्रीय एयरलाइंस के साथ मिलकर खाड़ी में फंसे लोगों को निकालने में मदद करेगा।
ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए संघर्ष रोकने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इस युद्ध को खत्म किया जाए।
उन्होंने कहा कि ओमान अपनी जमीन पर फंसे सभी लोगों को उनके घर भेजने में मदद करेगा। इसके लिए ओमान सरकार अलग-अलग देशों की सरकारों और अंतर्राष्ट्रीय एयरलाइंस के साथ मिलकर फ्लाइट्स का इंतजाम कर रही है।
बुसैदी ने कहा कि यह मदद हर किसी के लिए होगी, चाहे उसका पासपोर्ट किसी भी देश का हो। उनके मुताबिक, हर इंसान को सुरक्षित रहने का अधिकार है।
यह पहली बार नहीं है कि ओमान ने शांति की अपील की हो; इससे पहले भी वे ऐसा कर चुका है। मंगलवार को भी उन्होंने देशों से संयम बरतने का आग्रह किया था।
ओमान के विदेश मंत्री बदर बिन हमद अल-बुसैदी ने मंगलवार को कहा था कि अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान को लेकर चल रहे युद्ध से क्षेत्र में व्यापक संघर्ष की आशंका बनी हुई है, ऐसे में स्थिति को शांत करने के लिए अभी भी रास्ते खुले हैं। मध्यस्थ के रूप में ओमान को मिले समर्थन को स्वीकार करते हुए बदर बिन हमद ने कहा कि ओमान तत्काल युद्धविराम और जिम्मेदार क्षेत्रीय कूटनीति की ओर लौटने की अपनी अपील को दोहराता है।
उन्होंने एक्स पर लिखा, “बाहर निकलने के लिए रैंप उपलब्ध हैं। चलिए इनका इस्तेमाल करते हैं।”
लगातार चौथे दिन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के जनरल इब्राहिम जब्बारी ने चेतावनी दी थी कि अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के जवाब में ईरान क्षेत्र के सभी आर्थिक केंद्रों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगा। इसके साथ ही कई यूएस बेस को टारगेट करना शुरू कर दिया गया था।
--आईएएनएस
केआर/
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