IIFA Awards 2026 की विनर्स का ऐलान,‘धुरंधर’का दिखा जलवा, इन 12 कैटेगरी जीते अवॉर्ड, देखें पूरी लिस्ट
मनोरंजन IIFA Awards 2026 Winners Full list: बॉलीवुड के इंटरनेशनल इंडियन फिल्म एकेडमी (IIFA) अवार्ड्स के 26वें एडिशन के विनर्स की घोषणा कर दी गई है. शुक्रवार को आईफा के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर सभी विनर्स के नामों का खुलासा किया गया. आईफा अवॉर्ड्स में रणवीर सिंह की धुरंधर, (Dhurandhar) सैयारा (Saiyaara ) और विक्की कौशल छावा (chhaava ) का जलवा दिखा. पहले नंबर पर फिल्म धुरंधर ने सबसे ज्यादा 12 कैटेगरी में अपने नाम अवॉर्ड किए. वहीं, दूसरी तरफ 'सैयारा' और 'छावा' ने भी कई अवार्ड जीते. OTT कैटेगरी में आर्यन खान की 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' का दबदबा रहा. आइए आईफा अवॉर्ड विनर्स की पूरी लिस्ट जानते हैं.
पॉपुलर कैटेगरी
बेस्ट अंतर्राष्ट्रीय फिल्म: अवतार: फायर एंड ऐश (20वीं सेंचुरी स्टूडियो, जॉन लैंडौ, जेम्स कैमरून)
बेस्ट पिक्चर : ज्योति देशपांडे, आदित्य धर और लोके
बेस्ट डायरेक्टर: आदित्य धर - धुरंधर
बेस्ट लीड एक्ट्रेस: अनीत पड्डा - सैयारा
बेस्ट लीड एक्टर: रणवीर सिंह - धुरंधर
बेस्ट मेल डेब्यू: अहान पांडे - सैयारा
बेस्ट फीमेल डेब्यू: राशा थडानी - आजाद
बेस्ट एक्ट्रेस (सहायक भूमिका): हुमा कुरेशी - जॉली एलएलबी 3
बेस्ट एक्टर (सहायक भूमिका): संजय दत्त - धुरंधर
नेगेटिव रोल में बेस्ट एक्टर: अक्षय खन्ना - धुरंधर
बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर: शाश्वत सचदेव - धुरंधर
सर्वश्रेष्ठ कहानी (मूल): आदित्य धर - धुरंधर
सर्वश्रेष्ठ कहानी : होमबाउंड (बशारत पीर, सुमित रॉय, नीरज घेवान )
बेस्ट सॉन्ग: इरशाद कामिल - सैयारा
बेस्ट प्लेबैक सिंगर (मेल): फहीम अब्दुल्ला - सैयारा
बेस्ट प्लेबैक सिंगर (महिला): श्रेया घोषाल - सैयारा (रीप्राइज)
टेक्निकल अवॉर्ड्स
बेस्ट सिनेमैटोग्राफी: विकाश नौलखा - धुरंधर
सर्वश्रेष्ठ पटकथा: आदित्य धर - धुरंधर
बेस्ट डायलॉग: आदित्य धर-धुरंधर
बेस्ट एडिटिंग: शिवकुमार वी. पणिक्कर - धुरंधर
बेस्ट कोरियोग्राफी: बॉस्को लेस्ली मार्टिस - आवन जावन, वॉर 2
बेस्ट साउंड डिजाइन डिजाइन: बिश्वदीप चटर्जी - धुरंधर
बेस्ट बैकग्राउंड स्कोर: ए आर रहमान - छावा
बेस्ट विजुअल इफेक्ट्स: असेम्बलेज एंटरटेनमेंट, रिडिफाइन- छावा
डिजिटल फिल्म कैटेगरी
बेस्ट पिक्चर – बारामूला
बेस्ट स्टोरी (ओरिजिनल) – बारामूला
बेस्ट डायरेक्शन – 'स्टोलन' करण तेजपाल
बेस्ट लीड परफॉर्मेंस (मेल) – अभिषेक बनर्जी ('स्टोलन')
बेस्ट परफॉर्मेंस (मुख्य भूमिका - महिला) – सान्या मल्होत्रा ('मिसेज')
डिजीटल सीरीज कैटगरी
बेस्ट सीरीज – 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड'
बेस्ट डायरेक्शन – आर्यन खान ('द बैड्स ऑफ बॉलीवुड')
बेस्ट परफॉर्मेंस (सहायक भूमिका - पुरुष) – राघव जुयाल ('द बैड्स ऑफ बॉलीवुड')
बेस्ट परफॉर्मेंस (सपोर्टिंग रोल- फीमेल)-आन्या सिंह (द बैड्स ऑफ बॉलीवुड)
बेस्ट परफॉर्मेंस (लीड- मेल)- जयदीप अहलावत ('पाताल लोक 2')
बेस्ट एक्ट्रेस (लीड) – तिलोत्तमा शोम (पाताल लोक 2)
बेस्ट डॉक्यूसीरीज/डॉक्यूफिल्म: द रोशन (नेटफ्लिक्स, राकेश रोशन और शशि रंजन)
बेस्ट रियलिटी/नॉन-स्क्रिप्टेड: द ट्रेटर्स (प्राइम वीडियो )
आईफा अवॉर्ड्स 2027 के बारे में जानिए
27वें आईफा अवॉर्ड्स (IIFA 2027) का शानदार इवेंट 22 और 23 जनवरी 2027 को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अबू धाबी के यास आइलैंड स्थित एतिहाद एरिना में किया जाएगा. इस दो दिन के भव्य अवॉर्ड फंक्शन में बॉलीवुड के मेगास्टार सलमान खान, करीना कपूर खान, शाहिद कपूर और जाह्नवी कपूर जैसे कई दिग्गज सितारे शामिल होंगे और अपनी परफॉर्मेंस से मंच पर आग लगाएंगे. अगर मेजबानी की बात करें, तो मुख्य अवॉर्ड नाइट को मशहूर फिल्म मेकर करण जौहर और एक्टर वरुण धवन होस्ट करते नजर आएंगे, जबकि डिजिटल अवॉर्ड्स वाले दिन इसकी कमान पंकज त्रिपाठी और अली फजल के हाथों में होगी.
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Explainer: आम आदमी पार्टी की पंजाब चुनाव के लिए पहली लिस्ट जारी, क्या हैं इसके मायने? 40 उम्मीदवारों के नामों से समझिए रणनीति
Explainer: पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में अभी कुछ महीने बाकी हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी (AAP) ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर चुनावी मुकाबले का बिगुल बजा दिया है. 31 अक्टूबर 2026 को पार्टी ने 40 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित किए. सीएम भगवंत मान एक बार फिर संगरूर जिले की धूरी सीट से चुनाव लड़ेंगे. विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवा को कोटकपूरा और मंत्री संजीव अरोड़ा को लुधियाना वेस्ट से उम्मीदवार बनाया गया है.
सवाल यह है कि चुनाव से काफी पहले 40 उम्मीदवारों के नाम घोषित करने के पीछे AAP की क्या रणनीति है? क्या पार्टी अपने मौजूदा विधायकों पर भरोसा जता रही है या नए चेहरों के लिए भी रास्ता खोल रही है? इस पहली सूची से पंजाब की राजनीति के कई संकेत मिलते हैं.
पहली सूची में किन नेताओं को मिला टिकट?
AAP की 40 प्रत्याशियों की सूची में सीएम भगवंत मान के अलावा कई मंत्री, मौजूदा विधायक और पार्टी के प्रमुख नेता शामिल हैं. सूची के कुछ प्रमुख नाम ये हैं...
धूरी: भगवंत मान
कोटकपूरा: कुलतार सिंह संधवां
अजनाला: कुलदीप सिंह धालीवाल
अमृतसर साउथ: डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर
होशियारपुर: ब्रम शंकर शर्मा जिम्पा
मोहाली: कुलवंत सिंह
लुधियाना वेस्ट: संजीव अरोड़ा
लुधियाना ईस्ट: दलजीत सिंह ग्रेवाल भोला
मोगा: डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा
जलालाबाद: जगदीप कंबोज गोल्डी
तलवंडी साबो: बलजिंदर कौर
पटियाला: अजीतपाल सिंह कोहली
सूची में माझा, दोआबा और मालवा तीनों क्षेत्रों की सीटों को जगह दी गई है. यानी पार्टी ने किसी एक इलाके पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है.
चुनाव से पहले टिकट घोषित करने की क्या है रणनीति?
पंजाब में विधानसभा की कुल 117 सीटें हैं. AAP ने अभी 40 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं. इस तरह पार्टी ने चुनावी तैयारी का एक बड़ा हिस्सा समय से पहले शुरू कर दिया है. इसका पहला फायदा उम्मीदवारों को मिल सकता है. उन्हें चुनाव की तारीख घोषित होने से पहले ही अपने क्षेत्र में प्रचार, जनसंपर्क और संगठन को मजबूत करने का समय मिलेगा.
अक्सर चुनाव की घोषणा के बाद टिकट मिलने पर प्रत्याशियों को कम समय में पूरा चुनावी अभियान तैयार करना पड़ता है. ऐसे में पहले से उम्मीदवार घोषित करने से पार्टी अपने नेताओं को क्षेत्र में सक्रिय कर सकती है. इसके अलावा, जिन सीटों पर उम्मीदवारों के नाम सामने आ चुके हैं, वहां संगठन भी उसी चेहरे के इर्द-गिर्द काम शुरू कर सकता है.
AAP पहले भी चुनाव से काफी पहले उम्मीदवारों के नाम घोषित करने की रणनीति अपनाने की बात कह चुकी है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी कहा था कि पार्टी इस बार भी समय से पहले उम्मीदवारों की घोषणा करने की परंपरा जारी रखेगी.
भगवंत मान को धूरी से दोबारा उतारने के क्या मायने हैं?
पहली सूची में सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री भगवंत मान के नाम की है. पार्टी ने उन्हें उनकी मौजूदा सीट धूरी से ही उम्मीदवार बनाया है. 2022 के विधानसभा चुनाव में भी मान ने धूरी से जीत हासिल की थी. उन्हें इसी सीट से दोबारा उतारने का फैसला पार्टी के लिए राजनीतिक और प्रतीकात्मक दोनों लिहाज से अहम है.
मुख्यमंत्री का अपनी मौजूदा सीट से चुनाव लड़ना मतदाताओं के सामने सरकार के कामकाज का सीधा हिसाब रखने का मौका भी देता है. AAP इस चुनाव में अपनी सरकार के पांच साल के कामकाज को मुद्दा बनाने की तैयारी कर रही है. ऐसे में धूरी का चुनावी मुकाबला भगवंत मान के लिए व्यक्तिगत चुनाव के साथ-साथ सरकार के प्रदर्शन की परीक्षा भी बन सकता है.
क्या मौजूदा विधायकों पर पार्टी का भरोसा कायम है?
उम्मीदवारों के चयन को लेकर AAP ने साफ किया था कि टिकट का फैसला केवल पुराने चुनावी प्रदर्शन या विधायक के दोबारा चुनाव लड़ने के आधार पर नहीं होगा. पार्टी लोगों के बीच कराए गए सर्वे और मौजूदा विधायकों के कामकाज पर मिले फीडबैक को भी महत्व देगी.
मुख्यमंत्री मान ने कहा था कि जिन नेताओं के प्रति जनता की राय सकारात्मक होगी, उन्हें टिकट देने में प्राथमिकता मिल सकती है. पार्टी नेतृत्व ने यह भी संकेत दिया था कि सभी मौजूदा विधायकों को तीसरी बार टिकट मिलना तय नहीं है.
पहली सूची में कई मौजूदा नेताओं और जनप्रतिनिधियों को जगह मिलना बताता है कि पार्टी फिलहाल उन चेहरों पर भरोसा जता रही है, जिनकी अपने क्षेत्रों में राजनीतिक मौजूदगी है. हालांकि, 40 नामों की पहली सूची से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि बाकी सभी मौजूदा विधायकों के टिकट सुरक्षित हैं. अगली सूचियों में नए चेहरों को मौका देने या कुछ विधायकों को हटाने का फैसला भी सामने आ सकता है.
क्या AAP ने विपक्ष को चुनावी चुनौती दे दी है?
पंजाब में AAP के सामने कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी जैसी पार्टियों की चुनौती होगी. चुनाव से पहले उम्मीदवार घोषित करके पार्टी विपक्षी दलों पर भी दबाव बनाना चाहती है. जब AAP के प्रत्याशी अपने क्षेत्रों में प्रचार शुरू कर देंगे, तब दूसरी पार्टियों को भी उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति पर जल्द फैसला करना पड़ सकता है.
इसके साथ ही पार्टी ने अपने चुनावी मुद्दों की दिशा भी स्पष्ट की है. भगवंत मान के मुताबिक, AAP बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, सड़कों और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में किए गए काम को लेकर जनता के बीच जाएगी. यानी पार्टी की कोशिश है कि चुनाव को सरकार के कामकाज और विकास के मुद्दों पर केंद्रित किया जाए.
117 में से 40 नाम घोषित, आगे क्या होगा?
पंजाब विधानसभा में कुल 117 सीटें हैं और AAP ने पहली सूची में 40 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं. बाकी 77 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान आगे किया जाना है. पार्टी ने संकेत दिया है कि सभी सीटों के लिए चयन प्रक्रिया सर्वे, जनता के फीडबैक और जीतने की संभावना को ध्यान में रखकर आगे बढ़ेगी.
इसलिए पहली सूची को पार्टी की पूरी चुनावी रणनीति नहीं, बल्कि उसकी शुरुआती राजनीतिक दिशा के तौर पर देखना चाहिए. आने वाली सूचियों से यह साफ होगा कि AAP कितने मौजूदा विधायकों को दोबारा मौका देती है, कितने नए चेहरों को मैदान में उतारती है और किन क्षेत्रों में संगठनात्मक बदलाव करती है.
पहली सूची से क्या संदेश निकलता है?
AAP ने 40 उम्मीदवारों की घोषणा करके यह संकेत दिया है कि वह पंजाब चुनाव को आखिरी समय की लड़ाई नहीं बनाना चाहती. पार्टी अपने प्रत्याशियों को पहले से मैदान में उतारकर उन्हें जनता के बीच काम करने का समय देना चाहती है. भगवंत मान को धूरी से दोबारा टिकट देना सरकार के कामकाज को चुनावी मुद्दा बनाने की रणनीति से जुड़ा है, जबकि सर्वे और जनता के फीडबैक पर जोर देना बताता है कि पार्टी टिकट वितरण में जीत की संभावना को अहम मान रही है.
हालांकि, असली तस्वीर अगली सूचियों और विपक्षी दलों की तैयारियों के बाद ही स्पष्ट होगी. फिलहाल इतना तय है कि AAP ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव का राजनीतिक काउंटडाउन तेज कर दिया है.
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