Responsive Scrollable Menu

बदलते मौसम पशुओं की ऐसे करें देखभाल, नहीं तो कम हो जाएगा दूध, अपनाएं यह देसी उपाय

Animal Husbandry: कुछ दिनों से मौसम अचानक बदल रहा है. ऐसे में किसान भाइयों को अपने पशुओं पर ध्यान देना चाहिए. आमतौर पर इंसान की तबीयत में गड़बड़ होती है, तो वह खुद होकर समस्या बता सकता है. लेकिन पशु ऐसा नहीं कर सकते हैं. ऐसे में किसान भाइयों को उनके लक्षण देख उनका ध्यान रखना चाहिए. मौसम बदलते ही पशुओं की कई बदलाव शुरू हो जाते हैं. जैसे कि अगर खेत में काम करने वाला पशु है, तो वह काम करने में जल्दी थक जाएगा. वहीं, दुधारू पशु है तो उसका दूध उत्पादन कम होगा. इसके अलावा खाना पहले से कम होगा. इसके अलावा उनके मुंह से झाग भी आ सकती है. पशुओं का गोबर बदबू करने लगता है. अगर इस तरह के लक्षण नजर आते हैं, तो पशुओं की तबीयत पर बदलते मौसम का असर पड़ रहा है.

Continue reading on the app

Nepal Election 2026 : 'Gen Z' आंदोलन के बाद पहली बार वोटिंग, 1.89 करोड़ मतदाता लिखेंगे नया भविष्य

काठमांडू : पड़ोसी देश नेपाल में आज लोकतंत्र का महापर्व मनाया जा रहा है, जहाँ 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा के चुनाव के लिए मतदान जारी है। साल 2025 में हुए हिंसक Gen Z विरोध प्रदर्शनों के बाद यह देश का पहला संसदीय चुनाव है। नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने भी मतदान किया।

भ्रष्टाचार और पुराने राजनीतिक कुलीन वर्ग के प्रति जनता के गुस्से के कारण पिछली केपी शर्मा ओली सरकार गिर गई थी, जिसके बाद अस्थाई रूप से सुशीला कार्की ने अंतरिम सरकार की कमान संभाली थी। सुबह 7 बजे से शुरू हुई यह चुनावी प्रक्रिया शाम 5 बजे तक चलेगी, जिसमें नेपाल की जनता अपने नए नेतृत्व का चुनाव करेगी।

​मतदान के लिए युवाओं का जोश

​नेपाल के चुनाव आयोग के अनुसार, इस बार 1.89 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं। मतदाताओं में 96.60 लाख पुरुष और 92.40 लाख महिलाएं शामिल हैं। काठमांडू की सड़कों पर मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जहाँ युवाओं में विशेष उत्साह है।

राजधानी के लोकप्रिय मेयर और पूर्व रैपर बलेंद्र 'बालेन' शाह ने भी अन्नपूर्णा विनायक स्कूल केंद्र पर अपना वोट डाला। वोट डालने के बाद नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि जो भी जीतेगा, वह नेपाल के विकास और आम जनता के जीवन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

​6500 से अधिक उम्मीदवार और चुनावी मैदान का गणित

​इस महामुकाबले में प्रतिनिधि सभा की सीटों के लिए 6,500 से अधिक उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। चुनाव दो प्रणालियों के तहत हो रहा है: 'फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट' प्रणाली के तहत 3,406 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के लिए 3,135 उम्मीदवारों की सूची जारी की गई है।

चुनाव आयोग ने पूरी तैयारी कर ली है और कार्यवाहक मुख्य चुनाव आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने भी काठमांडू के वार्ड नंबर 29 में अपना मतदान संपन्न किया है।

​मैदान में प्रमुख चेहरे और त्रिकोणीय संघर्ष

​नेपाल की राजनीति के कई दिग्गज और नए चेहरे इस बार आमने-सामने हैं। पूर्व प्रधानमंत्री और कम्युनिस्ट पार्टी के नेता केपी शर्मा ओली पिछली बार सत्ता से बेदखल होने के बाद वापसी की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, नेपाली कांग्रेस के गगन थापा भ्रष्टाचार निवारण और रोजगार सृजन के वादे के साथ मैदान में हैं। इन सबके बीच 'जेन-जी' आंदोलन से उभरे नए चेहरों और बलेंद्र शाह जैसे युवा नेताओं की लोकप्रियता पारंपरिक नेताओं के लिए कड़ी चुनौती बनी हुई है, जो शहरी मतदाताओं को आकर्षित कर रहे हैं।

​सुरक्षा के कड़े इंतजाम: 3 लाख कर्मी और हेलीकॉप्टरों की तैनाती

​चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए नेपाल सरकार ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। नेपाल सेना के समन्वय से एक एकीकृत सुरक्षा योजना लागू की गई है, जिसके तहत देशभर में 3,00,000 से अधिक सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है।

दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों से मतपेटियों को सुरक्षित रूप से जिला मुख्यालयों तक पहुँचाने के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से शांति बनाए रखने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सहयोग करने का आग्रह किया है।

​भ्रष्टाचार और आर्थिक संकट: चुनाव के सबसे बड़े मुद्दे

​नेपाल के मतदाताओं के लिए इस बार सबसे बड़ा मुद्दा राजनीतिक भ्रष्टाचार है। युवाओं के नेतृत्व में हुए 'जेन-जी' आंदोलन ने स्पष्ट कर दिया था कि जनता अब पुराने ढर्रे के शासन से तंग आ चुकी है। बेरोजगारी की उच्च दर, गिरती अर्थव्यवस्था और बेहतर शासन की मांग वोटिंग पैटर्न को प्रभावित कर रही है।

इसके अलावा, एवरेस्ट क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन की चिंताएं और भारत-चीन के साथ विदेश नीति व व्यापारिक संबंध भी इस चुनाव के महत्वपूर्ण विषय बने हुए हैं।

​परिणामों की घोषणा: 24 घंटे में शुरू होगी गिनती

​मतदान प्रक्रिया शाम को समाप्त होते ही मतपेटियों को सुरक्षित केंद्रों पर पहुँचाया जाएगा। कार्यवाहक मुख्य चुनाव आयुक्त भंडारी ने बताया कि 165 FPTP सीटों के लिए परिणामों की घोषणा मतदान संपन्न होने के 24 घंटे के भीतर शुरू करने की योजना है।

हालांकि, आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत 110 सीटों के आवंटन के लिए वोटों की गिनती में दो से तीन दिन अतिरिक्त लग सकते हैं। पूरा देश अब उत्सुकता से परिणामों का इंतजार कर रहा है, जो नेपाल की नई आर्थिक और राजनीतिक दिशा तय करेंगे।

Continue reading on the app

  Sports

Sanju Samson: संजू सैमसन बैन क्यों ट्रेंड कर रहा? क्या सेमीफाइनल में बैन होंगे? क्या है ICC का नियम

Why sanju samson is ban trending: टी20 वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज के खिलाफ 50 गेंदों पर नाबाद 97 रन ठोककर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाने वाले संजू सैमसन अब एक अलग वजह से चर्चा में हैं। ईडन गार्डन्स में मैच जिताने के बाद उनका जश्न अब आईसीसी के रडार पर बताया जा रहा। सवाल यह है क्या इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल से पहले उन पर कोई कार्रवाई होगी?

मैच खत्म होते ही सैमसन ने हेलमेट उतारकर जमीन पर फेंका और घुटनों पर बैठ गए। वह भावुक पल था। सोशल मीडिया पर इसे 'ट्रू केरल स्टोरी' कहा गया। कई फैंस ने लिखा कि उन्होंने अलग-अलग धर्मों के अंदाज में आभार जताया। पहले बाहें फैलाकर इस्लामी अंदाज, फिर क्रॉस का निशान और अंत में हाथ जोड़कर प्रार्थना।

जियोहॉटस्टार पर पार्थिव पटेल से बातचीत में सैमसन ने कहा, 'मैं आस्था में विश्वास रखता हूं, लेकिन इसे निजी रखना चाहता हूं। यह मेरे लिए बहुत खास पल था।'

क्यों संजू बैन हो सकते?
ICC की चिंता धार्मिक इशारों को लेकर नहीं, बल्कि हेलमेट फेंकने को लेकर है। आईसीसी कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.2 के तहत क्रिकेट उपकरण या कपड़ों के दुरुपयोग पर रोक है। इसमें हेलमेट, बैट या स्टंप फेंकना शामिल है, चाहे वह गुस्से में हो या जश्न में।

संजू के खिलाफ क्या कार्रवाई हो सकती
अगर संजू के हेलमेट फेंकने को लेवल-1 उल्लंघन माना जाता, तो अधिकतम सजा मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना और 1 से 2 डिमेरिट पॉइंट हो सकती है। इस स्तर पर मैच बैन बहुत रेयर है। लेवल-2 में मामला तब जाता है, जब मैच रेफरी आरोप को गंभीर माने या खिलाड़ी 24 महीनों में 4 डिमेरिट पॉइंट जमा कर ले।

उदाहरण के तौर पर हरमनप्रीत कौर को दो मैचों का बैन इसलिए झेलना पड़ा था क्योंकि उपकरण दुरुपयोग के साथ अंपायरों पर सार्वजनिक टिप्पणी भी जुड़ी थी। वहीं इसी टूर्नामेंट में 18 फरवरी को जॉर्ज मुंशी को आउट होने के बाद हेलमेट फेंकने पर 1 डिमेरिट पॉइंट मिला था।

धार्मिक इशारों को लेकर क्या है नियम?
धार्मिक इशारों पर ICC का रुख साफ है कि अगर कोई इशारा उकसाने वाला या किसी धर्म का अपमान करने वाला हो, तो एंटी-रेसिज्म कोड के तहत लेवल-3 या 4 का मामला बन सकता, लेकिन सैमसन का जश्न शांत और समावेशी माना जा रहा, इसलिए इस एंगल से कार्रवाई की संभावना बेहद कम है।

भारत 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड से भिड़ेगा। सैमसन टीम के साथ मुंबई पहुंच चुके। अभी तक ICC की ओर से कोई आधिकारिक आरोप या सजा की घोषणा नहीं हुई है। भारतीय खेमे को उम्मीद है कि मामला जुर्माने या डिमेरिट पॉइंट तक सीमित रहेगा।

सूर्यकुमार यादव के साथ मिडिल ऑर्डर की कमान संभाल रहे सैमसन इस वक्त शानदार फॉर्म में हैं। ऐसे में अगर कोई कड़ी कार्रवाई होती है, तो भारत के लिए यह बड़ा झटका होगा। फिलहाल सबकी नजर ICC के फैसले पर है।

Thu, 05 Mar 2026 10:16:17 +0530

  Videos
See all

Nitish Kumar News | पटना में फूट-फूटकर रोने लगे JDU नेता #nitishkumar #bihar #jdu #biharpolitics #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-05T05:38:01+00:00

Bihar News | Nitish Kumar दिल्ली आएंगे...बिहार किसके हवाल ? JDU Workers Protest | Bihar Politics #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-05T05:32:11+00:00

Iran Israel War | ईरान के पास इतने ड्रोन दुनिया हो रही हैरान! | Khamenei | Iran | USA #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-05T05:36:54+00:00

Nitish Kumar News live : नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा | Breaking news | Bihar Politics | Rajya Sabha #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-05T05:37:28+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers