नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए आज कर सकते हैं नामांकन:कार्यकर्ताओं में गुस्सा, CM हाउस के बाहर रो रहे; बोले- जान दे देंगे-जाने नहीं देंगे
बिहार के CM नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना लगभग तय माना जा रहा है। चर्चा है कि नीतीश कुमार आज विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन कर सकते हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि नीतीश कुमार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी मौजूद रहने की उम्मीद है। अमित शाह आज 12 बजे पटना पहुंचेंगे। इधर सीएम नीतीश के राज्यसभा के लिए नामांकन की खबरों की बीच जदयू कार्यकर्ता सीएम हाउस पहुंचने लगे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि, नीतीश कुमार बिहार के हैं। उन्हें कहीं नहीं जाने देंगे। हम अपनी जान दे देंगे। CM हाउस के बाहर कार्यकर्ता रो रहे हैं। इधर, बुधवार शाम 6 बजे से CM आवास पर अहम बैठक बुलाई गई। इसमें JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और मंत्री विजय चौधरी मौजूद रहे। बैठक के बीच विजय चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अंतिम फैसला नीतीश कुमार को लेना है। वहीं, उनके बेटे निशांत कुमार के नाम की भी चर्चा हो रही है। पार्टी ने अभी तक इन चर्चाओं का खंडन नहीं किया है। वहीं, उमेश कुशवाहा फिर से JDU के प्रदेश अध्यक्ष होंगे। मीटिंग में नीतीश कुमार ने उनके नाम पर मुहर लगाई है। नीतीश के राज्यसभा जाने की खबरों पर नेताओं के बयान बिहार की सियासी हलचल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए
हिमाचल से कांग्रेस राज्यसभा कैंडिडेट का ऐलान:कांगड़ा जिले के अध्यक्ष को मैदान में उतारा; CM सुक्खू की मौजूदगी में आज नामांकन भरेंगे
हिमाचल प्रदेश से कांग्रेस हाईकमान ने राज्यसभा के लिए अपने कैंडिडेट की घोषणा कर दी है। पार्टी ने कांगड़ा के युवा नेता अनुराग शर्मा को प्रत्याशी बनाया है। हाईकमान ने आज सुबह 5 राज्यों में 6 उम्मीदवारों के साथ अनुराग के नाम की भी घोषणा कर दी है। वह अभी कांगड़ा जिला कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। अनुराग शर्मा आज ही विधानसभा में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस विधायकों की मौजूदगी में रिटर्निंग ऑफिसर एवं सेक्रेटरी के पास नामांकन भरेंगे। इससे पहले सीएम सुक्खू विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायक दल की मीटिंग लेंगे। अनुराग शर्मा मुख्यमंत्री सुक्खू के करीबी रहे हैं। वह अभी इंटरनेशनल बीड़ बिलिंग पैरा ग्लाइडिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं, जो कि इंटरनेशनल लेवल की पैरा ग्लाइडिंग चैम्पियनशिप का आयोजन करती है। इंदू गोस्वामी का कार्यकाल 9 अप्रैल को पूरा हो रहा BJP की मौजूदा राज्यसभा सांसद इंदू गोस्वामी का 6 साल का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को पूरा हो रहा है। लिहाजा इससे पहले नए सांसद का चुनाव होना है। आज नामांकन भरे जाने हैं। कल इनकी छंटनी होगी। जरूरत पड़ी तो 16 मार्च को वोटिंग होगी। फिलहाल बीजेपी ने अब तक प्रत्याशी उतारने को लेकर फैसला नहीं लिया, क्योंकि बीजेपी के पास पूर्ण बहुमत नहीं है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर कह चुके हैं कि बीजेपी छेड़खानी के मूड में नहीं है। ऐसे में यदि बीजेपी कैंडिडेट नहीं देती तो अनुराग शर्मा का राज्यसभा का टिकट पक्का माना जा रहा है। कांग्रेस का कांगड़ा कार्ड हिमाचल की सत्ता की चाबी तय करने वाले कांगड़ा जिला को साधने के लिए कांग्रेस ने यह कार्ड खेला है। कांगड़ा जिला में 15 विधानसभा क्षेत्र है। बीजेपी की मौजूदा सांसद इंदू गोस्वामी भी कांगड़ा जिला के बैजनाथ से संबंध रखती है और कांग्रेस ने भी बैजनाथ के ही नेता को प्रत्याशी बनाया है। हालांकि, अनुराग का नाम काफी चौंकाने वाला है। इससे पहले चर्चा में पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह इत्यादि के नाम थे। मगर सीएम सुक्खू ने इन दिग्गजों के बजाय युवा नेता पर भरोसा जताया। कैंडिडेट की लिस्ट… कांग्रेस के पास बहुमत से 5 विधायक ज्यादा हिमाचल में सत्तारूढ़ कांग्रेस के पास 68 विधायकों वाली विधानसभा में 40 विधायक हैं जो कि पूर्ण बहुमत से 5 विधायक ज्यादा है। वहीं, विपक्षी भाजपा के पास 28 विधायक हैं। ऐसे में यदि विपक्ष प्रत्याशी उतारता है तो बीजेपी को 7 विधायकों की जरूरत पड़ेगी। फरवरी 2024 में घटे सियासी घटनाक्रम के बाद इसकी उम्मीद कम लग रही है, क्योंकि उस दौरान भी स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने दल बदल कानून के तहत कांग्रेस के 6 विधायकों को अयोग्य ठहराया था। 2024 में राज्यसभा चुनाव के कारण सरकार पर आया था संकट राज्य में फरवरी 2024 में हुए राज्यसभा चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस बहुमत के बावजूद चुनाव हार गई थी। उस दौरान कांग्रेस के पास 40 विधायक थे, जबकि 3 निर्दलीय MLA भी कांग्रेस के साथ एसोसिएट थे। वहीं बीजेपी के पास बहुमत से 10 विधायक कम थे। फिर भी 25 विधायकों वाली BJP ने अपना प्रत्याशी उतारा और राज्यसभा चुनाव जीता। पिछले चुनाव में कांग्रेस के 6 विधायकों समेत 3 निर्दलीय ने भी BJP प्रत्याशी हर्ष महाजन को वोट दिया। इससे हर्ष महाजन और कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी को 34-34 वोट मिले। लॉटरी सिस्टम से हर्ष महाजन चुनाव जीत गए। इसके बाद सरकार गिरने की नौबत आई। मगर स्पीकर की सूझबूझ ने सरकार को बचा लिया। स्पीकर ने दल बदल कानून के तहत क्रॉस वोट करने वाले कांग्रेस के विधायकों को अयोग्य ठहराया। बाद में 3 निर्दलीय ने भी इस्तीफा दिया और फिर 9 सीटों पर उप चुनाव हुए। इन उप चुनाव में कांग्रेस के फिर से 40 विधायक हो गए, जबकि बीजेपी के 25 से बढ़कर 28 विधायक हुए। हम इस खबर को अपडेट कर रहे हैं…
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