मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच अपने नागरिकों को निकालने के लिए अमेरिका ने शुरू कीं चार्टर्ड फ्लाइट
वॉशिंगटन, 5 मार्च (आईएएनएस)। मिडिल ईस्ट में जारी भीषण तनाव के बीच अमेरिका ने अपने हजारों नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी के लिए चार्टर्ड फ्लाइट शुरू कर दी हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका का विदेश विभाग ने कहा, “अमेरिकी नागरिकों को स्वदेश लौटाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बुधवार को अमेरिकी नागरिकों को लेकर एक चार्टर्ड फ्लाइट मिडिल ईस्ट से अमेरिका रवाना हुई।
अधिकारियों ने कहा कि कई देशों में निकासी अभियान का दायरा बढ़ाया जा रहा है और आने वाले दिनों में और उड़ानें भी चलाई जाएंगी।
विदेश विभाग ने बताया कि वह संयुक्त अरब अमीरात, कतर, सऊदी अरब और इजरायल में रहने वाले अमेरिकियों की मदद कर रहा है। विभाग उन अमेरिकी नागरिकों की मदद के लिए ऐतिहासिक कदम उठा रहा है, जो मिडिल ईस्ट से निकलकर अमेरिका लौटना चाहते हैं।
सहायता चाहने वाले नागरिकों से विभाग द्वारा बनाए गए ‘क्राइसिस इंटेक सिस्टम’ के माध्यम से पंजीकरण करने को कहा गया है, ताकि संबंधित विभाग उन्हें वहां से निकालने के लिए इंतजाम देख सके।
उन देशों में जो अमेरिकी विमान या ग्राउंड परिवहन के विकल्प में दिलचस्पी रखते हैं, उनसे क्राइसिस इनटेक फॉर्म भरने या अमेरिकी विभाग की चौबीसों घंटे काम करने वाली इमरजेंसी टास्क फोर्स से संपर्क करने के लिए कहा गया है। 28 फरवरी से हजारों अमेरिकी पहले ही इस इलाके से घर लौट चुके हैं।
विदेश विभाग के सहायक सचिव डायलन जॉनसन ने एक बयान में कहा, “28 फरवरी से, 17,500 से ज्यादा अमेरिकी नागरिक मिडिल ईस्ट से सुरक्षित अमेरिका लौट आए हैं।”
अधिकारियों ने कहा कि कई और अमेरिकी पहले ही मिडिल ईस्ट छोड़ चुके हैं, लेकिन अमेरिका पहुंचने से पहले अभी भी दूसरे देशों से होकर यात्रा कर रहे हैं। अमेरिकी विभाग ने कहा कि उसकी 24 घंटे की इमरजेंसी टास्क फोर्स पूरे इलाके में नागरिकों को यात्रा की जानकारी और दिशा-निर्देश देने में सक्रिय रूप से मदद कर रही है।
जॉनसन ने कहा, विभाग की 24/7 टास्क फोर्स के जरिए हमने विदेश में लगभग 6,500 अमेरिकियों की मदद की है, जिसमें सुरक्षा गाइडेंस और यात्रा में मदद देना शामिल है।
अधिकारियों ने कहा कि डिपार्टमेंट उन अमेरिकियों की मदद करना जारी रखेगा जो मिडिल ईस्ट को छोड़ना चाहते हैं। सुरक्षा कारणों से नागरिकों को निकालने की कोशिश की ऑपरेशनल जानकारी लिमिटेड रहेगी।
अमेरिकी राज्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार ने पूरे इलाके में अमेरिकियों की मदद करने और कमर्शियल फ्लाइट्स, चार्टर्ड एयरक्राफ्ट और ग्राउंड ट्रांसपोर्ट ऑप्शन के जरिए लोगों को निकालने में मदद करने के लिए सैकड़ों लोगों को भेजा है। हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता अमेरिकियों को खतरे से सुरक्षित जगह पर ले जाना है।
बता दें, मिडिल ईस्ट से बड़े पैमाने पर लोगों को पहले भी निकाला गया है, जिसमें इराक युद्ध और 2006 का लेबनान संकट भी शामिल है, जब वाशिंगटन ने हजारों अमेरिकी नागरिकों को इलाके से सुरक्षित निकलने में मदद की थी।
--आईएएनएस
केके/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
डोनाल्ड ट्रंप का दावा, 'एआई की दौड़ में चीन से काफी आगे है अमेरिका'
वाशिंगटन, 5 मार्च (आईएएनएस)। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में अमेरिका ने चीन पर स्पष्ट बढ़त बना ली है। साथ ही उन्होंने चीन पर वैश्विक विंड टर्बाइन बाजार पर कब्जा करने और इन्हें यूरोप को निर्यात करने का आरोप लगाया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रेटपेयर प्रोटेक्शन प्लेज पर व्हाइट हाउस राउंडटेबल बैठक में कहा कि उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की दौड़ में अमेरिका आगे है। उन्होंने कहा, अमेरिका एआई में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। हम चीन से आगे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बड़ी ताकतों के बीच एक रणनीतिक प्रतिस्पर्धा बताते हुए कहा कि जो देश तकनीक में आगे रहेगा, सैन्य रूप से भी सबसे शक्तिशाली बनेगा।
इस दौरान अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा, जो देश एआई में नेतृत्व करेगा, वही सैन्य महाशक्ति होगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने वैश्विक पवन ऊर्जा उद्योग में चीन की भूमिका की आलोचना की और बीजिंग पर विंड टर्बाइन निर्माण के बाजार पर कब्जा करने का आरोप लगाया। ट्रंप ने कहा, वे सारी विंडमिल बनाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चीन बड़ी मात्रा में यूरोप को टर्बाइन एक्सपोर्ट करता है।
ट्रंप के अनुसार, यूरोपियन देशों ने अपनी रिन्यूएबल एनर्जी बढ़ाने के हिस्से के तौर पर बड़े पैमाने पर चीनी विंड टर्बाइन खरीदे हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यूरोप में पवन ऊर्जा को बढ़ावा उम्मीद के मुताबिक काम नहीं कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि चीन खुद अपने देश में इतनी बड़ी संख्या में पवन ऊर्जा परियोजनाओं पर निर्भर नहीं है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर के तेजी से विस्तार की ओर भी इशारा किया और माना कि बीजिंग बड़े पैमाने पर नई ऊर्जा क्षमता बना रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि अमेरिका भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए बिजली बनाने के लिए इसी तरह की कोशिशें कर रहा है।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस्ड कंप्यूटिंग में अमेरिका की लीडरशिप बनाए रखने के लिए बिजली उत्पादन बढ़ाना जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग सप्लाई चेन में हो रहे बदलावों का भी जिक्र किया और कहा कि कई देशों की कंपनियां अब उत्पादन अमेरिका में शिफ्ट कर रही हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि कनाडा और मैक्सिको की कार निर्माता कंपनियां व्यापार नीतियों के कारण अमेरिका में नए प्लांट बना रही हैं। ट्रंप ने जर्मनी, जापान और दक्षिण कोरिया का नाम भी उन देशों के तौर पर लिया, जिनकी ऑटोमोटिव कंपनियां अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ा रही हैं।
ट्रंप ने कहा कि व्यापारिक दबाव के कारण कंपनियों को अमेरिका में उत्पादन स्थानांतरित करने के लिए प्रोत्साहन मिला है।
अपने संबोधन में ट्रंप ने वैश्विक सेमीकंडक्टर निर्माण का भी जिक्र किया और ताइवान का संक्षेप में जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका अपने घरेलू चिप उद्योग को फिर से खड़ा कर रहा है। उन्होंने कहा कि कंपनियां अब अमेरिका में उत्पादन वापस ला रही हैं।
--आईएएनएस
डीसीएच
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