राजस्थान के युवक की ईरान के हमले में मौत:क्रूड ऑयल कंपनी के जहाज पर थे, मिसाइल आकर गिरी, शव की तलाश जारी
अमेरिका-इजराइल और ईरान की वॉर में राजस्थान के एक युवक की मौत हो गई। संभवत: इस युद्ध में किसी भारतीय की ये पहली मौत है। नागौर जिले के रहने वाला युवक क्रूड ऑयल कंपनी के शिप पर जॉब करता था। जानकारी के अनुसार 1 मार्च की सुबह ओमान के एक पोर्ट पर ईरान की मिसाइल उनके जहाज पर गिरी थी। हादसे में शिप पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। दिलीप शिप के अगले हिस्से में पायलट आशीष कुमार के साथ थे। आशीष बिहार के रहने वाले थे, जिनका शव मिल गया है। वहीं, दिलीप के बॉडी अभी नहीं मिली है। ये शिप स्काईलाइट कंपनी का था। कंपनी की तरफ से परिजनों को मौत की सूचना दे दी गई है। खबर अपडेट की जा रही है…
UAE में फंसे भारतीयों को राजस्थानी बिजनेसमैन ने बचाया:200 इंडियंस को गाड़ियों से दुबई में अपने फार्महाउस ले गए, खाने-पीने की नि:शुल्क व्यवस्था की
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण तमाम भारतीय दुबई सहित अन्य देशों में फंसे हुए हैं। फ्लाइट्स कैंसिल होने के कारण ये लोग भारत लौट नहीं पा रहे। इसमें नौकरीपेशा से लेकर टूरिस्ट तक शामिल हैं। तमाम लोगों के पैसे भी खत्म हो गए हैं। उनके वहां ठहरने से लेकर खाने-पीने तक की दिक्कत आ गई है। ऐसी मुसीबत की घड़ी में राजस्थान के रहने वाले बिजनेसमैन धीरज जैन मददगार बनकर सामने आए हैं। मूलरूप से नागौर जिले के मेड़ता सिटी के रहने वाले धीरज जैन ने 200 से अधिक भारतीयों को अलग-अलग इलाकों से गाड़ी भेजकर बुलावाया। इसके बाद दुबई के अजमान स्थित अपने फार्म हाउस में इनके ठहरने, खाने-पीने की मुफ्त व्यवस्था कराई। पहले ये PHOTOS देखिए … धीरज जैन बोले- फ्लाइट कैंसिल होने से परेशानी धीरज जैन पिछले करीब 11 वर्षों से यूएई में रियल एस्टेट डेवलपर हैं। उन्होंने बताया- अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जंग जैसे हालात बनने के बाद यूएई में एहतियातन कई फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं। इसके साथ ही होटल बुकिंग भी रद्द होने लगीं। अचानक फ्लाइट और होटल कैंसल होने से बड़ी संख्या में भारतीय यात्री दुबई सहित अन्य शहरों में फंस गए। कई लोग सीमित बजट में यात्रा पर आए थे, ऐसे में अतिरिक्त खर्च उठाना उनके लिए संभव नहीं था। उनके सामने ठहरने और खाने-पीने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई थी। सोशल मीडिया पर नंबर जारी कर की मदद की पेशकश धीरज जैन के अनुसार, जैसे ही उन्हें भारतीयों के फंसे होने की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत सोशल मीडिया पर अपना मोबाइल नंबर जारी कर दिया। उन्होंने संदेश दिया कि जो भी भारतीय यूएई में फंसा है और जिसके पास रुकने की व्यवस्था नहीं है, वह अजमान स्थित उनके फॉर्म हाउस में ठहर सकता है। संदेश जारी होने के बाद उनके पास लगातार कॉल आने लगे और मदद का सिलसिला शुरू हो गया। 11 गाड़ियां लगाकर खुद पहुंचाया सुरक्षित ठिकाने तक धीरज जैन ने बताया - कई लोगों के पास उनके फार्म हाउस तक पहुंचने के लिए परिवहन की सुविधा भी नहीं थी। ऐसे में उन्होंने अपनी 11 गाड़ियां लगाईं और दुबई व अन्य शहरों से लोगों को खुद बुलवाया। वर्तमान में उनके फार्म हाउस में करीब 200 भारतीय ठहरे हुए हैं। सभी हालात सामान्य होने और फ्लाइट्स दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर 300 लोग ठहर सकें, इसकी तैयारी की जा रही है। मैं जा सकता था, लेकिन सेवा को प्राथमिकता दी धीरज जैन ने कहा - भारत में उनके परिजन चिंतित थे और वे चाहें तो अपनी प्राइवेट व्यवस्था से देश लौट सकते थे, लेकिन उन्होंने संकट की इस घड़ी में यूएई में रुककर लोगों की मदद करना ज्यादा जरूरी समझा। भारतीयों के अलावा अन्य देशों के नागरिकों के भी कॉल आ रहे हैं और उन्हें भी यथासंभव मदद दी जा रही है।
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