Assam Flood से हालात और बिगड़े, 6 नई मौतों के साथ कुल संख्या 95 हुई
गुवाहाटी, पांच अगस्त असम में बुधवार को बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई तथा छह और लोगों की मौत के साथ मृतकों की संख्या बढ़कर 95 हो गई है, जबकि 14 जिलों में प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 1.6 लाख हो गई है। अधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की ओर से बुधवार शाम जारी बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटे में बाढ़ के कारण छह लोगों की मौत हुई है।
बुलेटिन के अनुसार, शिवसागर और बिस्वनाथ जिलों में बाढ़ के पानी में डूबने से दो-दो लोगों की मौत हुई, जबकि गोलाघाट और मोरीगांव में एक-एक व्यक्ति की जान चली गई। इन मौतों के साथ इस साल की बाढ़ में जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर 95 हो गई है। प्राधिकरण की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, बिस्वनाथ, चराइदेव, दरांग, धेमाजी, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप मेट्रोपॉलिटन, कार्बी आंगलोंग, लखीमपुर, नगांव, शिवसागर, सोनितपुर, तिनसुकिया और उदलगुड़ी जिलों में 1,60,600 से अधिक लोग अब भी प्रभावित हैं।
शिवसागर सबसे अधिक प्रभावित जिला रहा, जहां 57,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए। इसके बाद गोलाघाट में करीब 34,000 और जोरहाट में 25,000 लोग प्रभावित हैं। मंगलवार से बाढ़ की स्थिति और बिगड़ गई है।
उस दिन पांच जिलों में 1.22 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए थे। एएसडीएमए ने बताया कि प्रशासन छह जिलों में 105 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित कर रहा है, जहां वर्तमान में 44,523 प्रभावित लोगों की देखभाल की जा रही है। प्राधिकरण ने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच 528.44 क्विंटल चावल, 126.72 क्विंटल दाल, 73.21 क्विंटल नमक और 2,519.64 लीटर सरसों के तेल का वितरण किया गया है।
एएसडीएमए ने कहा कि वर्तमान में असम के 563 गांव बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं और राज्य में 16,951.76 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है। राज्य के विभिन्न जिलों में बाढ़ के पानी से तटबंधों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। वर्तमान में धानसिरी नदी नुमालीगढ़ में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
व्यापक बाढ़ के कारण राज्य में 35,025 घरेलू पशु और मुर्गियां प्रभावित हुई हैं, जबकि 8,529 अन्य बह गए।
Vikram Misri ने Sri Lanka नेतृत्व से की मुलाकात, 35 करोड़ डॉलर के ऋण समझौते का हुआ आदान-प्रदान
कोलंबो, पांच अगस्त विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बुधवार को श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने श्रीलंका में भारत के सहयोग से जारी विकास परियोजनाओं समेत प्रमुख द्विपक्षीय परियोजनाओं की समीक्षा भी की। मिसरी एक दिवसीय दौरे पर कोलंबो पहुंचे हैं।
उन्होंने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायके, प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या और विदेश मंत्री विजिता हेराथ से भी अलग-अलग मुलाकात की। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय मुद्दों और परियोजनाओं पर जारी सहयोग की व्यापक समीक्षा की।’’ कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दोनों पक्षों के बीच वार्ता आपसी हितों से जुड़े मुद्दों और श्रीलंका में भारत के सहयोग से चल रही विकास परियोजनाओं समेत प्रमुख द्विपक्षीय परियोजनाओं की समीक्षा पर केंद्रित रही। इसमें कहा गया, ‘‘बैठक के बाद, दोनों पक्षों ने भारतीय मूल्य में 35 करोड़ अमेरिकी डॉलर की ऋण सुविधा को लेकर समझौतों का आदान-प्रदान किया, जो चक्रवात दित्वाह के मद्देनजर भारत द्वारा दिए गए 45 करोड़ अमेरिकी डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज का हिस्सा है।
यह ऋण सुविधा चक्रवात के बाद पुनर्निर्माण, बुनियादी ढांचा विकास और खरीद आवश्यकताओं की पूर्ति में मदद करेगी।’’ विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने विभिन्न परियोजनाओं के कार्यान्वयन में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। मिसरी ने विदेश मंत्री विजिता हेराथ से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों ने प्राथमिकता वाले प्रमुख क्षेत्रों में जारी सहयोग की समीक्षा की।
विदेश सचिव मिसरी ने अपने श्रीलंकाई समकक्ष अरुनी रानाराजा से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की तथा द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया।
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