नागपुर MLC Election में पराजय पर Chandrashekhar Bawankule बोले- महायुति सहयोगियों की भूमिका की होगी समीक्षा
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी पार्टी हाल में हुए विधान परिषद चुनाव में नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मिली हार पर आत्ममंथन करेगी और इस बात की समीक्षा करेगी कि महायुति गठबंधन के किस सहयोगी दल ने उम्मीदवारों के लिए काम नहीं किया। बावनकुले ने कहा कि भाजपा ने नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और पुणे की सीटों को काफी महत्व दिया था और इन्हें जीतने के लिए व्यापक योजना बनाई थी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने चुनाव परिणामों को स्वीकार कर लिया है।
नागपुर सीट के प्रभारी के रूप में हार की व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेते हुए बावनकुले ने कहा, हमने कड़ी मेहनत की थी तथा हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से मुलाकात की थी। हालांकि, ऐसा लगता है कि कहीं न कहीं कुछ कमियां रह गईं। हम हार के कारणों को समझने के लिए आत्ममंथन करेंगे।
UCC लागू करने की तैयारी, Assam में नियम बनाने के लिए आठ सदस्यीय समिति गठित
असम सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए नियम तैयार करने के वास्ते एक समिति का गठन किया है। राजनीतिक विभाग की ओर से जारी एक अधिसूचना से यह जानकारी मिली है। अधिसूचना के मुताबिक, आठ सदस्यीय समिति एक महीने के भीतर नियमों का मसौदा सौंप देगी।
असम विधानसभा ने 27 मई को ‘समान नागरिक संहिता, असम, 2026 विधेयक’ पारित किया था। इसका मकसद एक ऐसा समान कानूनी ढांचा तैयार करना है, जो धर्म की परवाह किए बिना विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और सह-जीवन साथी से जुड़े मामलों को नियंत्रित करे। गृह एवं राजनीतिक विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अजय तिवारी ने 13 अक्टूबर के अपने आदेश में कहा कि विधेयक को राष्ट्रपति की सहमति के लिए केंद्र सरकार के पास भेज दिया गया है।
यह आदेश बृहस्पतिवार को मीडिया को उपलब्ध कराया गया। अधिसूचना के अनुसार, गृह एवं राजनीतिक विभाग के सचिव देव प्रसाद मिश्रा समिति के अध्यक्ष होंगे। इसमें कहा गया है कि समिति के सदस्यों में वित्त विशेष आयुक्त और सचिव पार्थ प्रतिम मजूमदार, विधायी सचिव गीतांजलि डी सैकिया, अल्पसंख्यक कल्याण एवं विकास सचिव फरीदा शम्सुल और गृह एवं राजनीतिक मामलों के अतिरिक्त सचिव मृदुल कुमार दास शामिल हैं।
असम मई में उत्तराखंड और गुजरात के बाद यूसीसी विधेयक पारित करने वाला तीसरा राज्य बन गया था।
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