जरूरत की खबर- होली इमरजेंसी सेफ्टी किट:हो सकती है कलर एलर्जी, हेल्थ इमरजेंसी, ये 10 एसेंशियल्स मददगार, जानें कैसे यूज करें
होली में लोग जमकर रंग-गुलाल खेलते हैं और अपनों के साथ मिलकर इस त्योहार का जश्न मनाते हैं। ये पर्व मस्ती-मजाक और हंसी-खुशी का है। ऐसे में सबकुछ करिए, लेकिन इस दौरान सावधानियां जरूर बरतिए। दरअसल त्योहार के दौरान भीड़भाड़ में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी का सबब हो सकती है। जैसेकि– हालांकि, अगर पहले से तैयारी कर ली जाए तो इन जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ऐसे में काम आती है फेस्टिव सेफ्टी किट। यह एक छोटी, लेकिन बेहद काम की तैयारी है, जिसमें जरूरी मेडिकल और सेफ्टी आइटम्स रखे जाते हैं, ताकि किसी भी इमरजेंसी में तुरंत मदद मिल सके। आज 'जरूरत की खबर' में ‘फेस्टिव सेफ्टी किट’ की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. संचयन रॉय, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली सवाल- ‘फेस्टिव सेफ्टी यूटिलिटी किट’ क्या है और यह क्यों जरूरी है? जवाब- फेस्टिव इमरजेंसी यूटिलिटी किट एक छोटा-सा बॉक्स या बैग है, जिसमें होली के दौरान जरूरी सेफ्टी और मेडिकल एसेंशियल्स रखे जाते हैं। ये किट घर में ऐसी जगह रखी जानी चाहिए, जहां से जरूरत पड़ने पर तुरंत मिल सके। होली में सिंथेटिक रंगों से और रंग लगाने के दौरान भागदौड़ से चोट का खतरा बढ़ जाता है। अगर ये किट पहले से तैयार हो तो छोटी-मोटी चोट, जलन जैसी समस्याओं से तुरंत निपटा जा सकता है। सवाल- सेफ्टी किट में क्या-क्या सामान होना चाहिए? जवाब- इस किट में 10 जरूरी चीजें होनी चाहिए, जो अलग-अलग तरह की इमरजेंसी में काम आती हैं। डिटेल ग्राफिक में देखिए- इन सभी चीजों के बारे में विस्तार से समझें- फर्स्ट एड और हेल्थ किट बैंड-एड, एंटीसेप्टिक लिक्विड, पेन रिलीवर स्प्रे/जेल और डिजिटल थर्मामीटर (मूल्य: 200–500 रुपए) आई केयर ल्युब्रिकेटिंग आई ड्रॉप (मूल्य: 100-300 रुपए) एलर्जी से बचाव एंटी-एलर्जिक दवाएं (मूल्य: 50–200 रुपए) स्किन केयर कोकोनट ऑयल, एंटी-फंगल पाउडर/क्रीम (मूल्य: 50-150 रुपए) हाइड्रेशन किट ORS पैकेट (मूल्य: 50-100 रुपए) क्लीनअप एसेंशियल माइक्रोफाइबर टॉवल (मूल्य: 50-150 रुपए) इमरजेंसी कॉन्टैक्ट सवाल- इमरजेंसी मेडिकल किट कैसे तैयार करें? जवाब- लिस्ट बनाकर मेडिकल स्टोर से पूरी खरीदारी करें। एक चेकलिस्ट बनाएं और हर आइटम क्रॉस-चेक करें। बच्चों और बुजुर्गों की दवाइयां पहले नोट करें। किट को ऐसी जगह रखें, जहां सबकी पहुंच हो, जैसे लिविंग रूम के शेल्फ में। हर त्योहार से पहले किट चेक करें। एक्सपायरी डेट वाली दवाइयां हटाएं। सवाल- मेडिकल इमरजेंसी किट के इस्तेमाल में किन गलतियों से बचना चाहिए? जवाब- किट को सही तरीके से यूज करना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है गलतियां न करना। आइए, ग्राफिक से समझें। सवाल- क्या ये किट हर उम्र के लोगों के लिए सुरक्षित है? जवाब- हां, ये किट बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी के लिए सुरक्षित है। बस, बच्चों को सेफ्टी ग्लास (चश्मा) और ईयर मफ्स जरूर पहनाएं। बुजुर्गों की दवाइयां पहले से चेक करें। अगर किसी को चोट या जलन ज्यादा हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सामान्य थकान या छोटी चोटों के लिए ये किट बिल्कुल सही है। सवाल- किन परिस्थितियों में तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए? जवाब- कुछ स्थितियों में तुरंत नजदीकी हॉस्पिटल जाना चाहिए। जैसेकि- ऐसे में इमरजेंसी कॉन्टैक्ट लिस्ट भी काम आएगी। छोटी-मोटी चोट को फर्स्ट एड से हैंडल करें। लेकिन अगर 24 घंटे बाद भी दर्द या सूजन कम न हो तो डॉक्टर को दिखाएं। सवाल- क्या घरेलू तरीकों से भी इमरजेंसी में राहत मिल सकती है? जवाब- हां, कुछ आसान घरेलू उपाय भी काम आ सकते हैं। आइए, ग्राफिक से समझें। सवाल- ये किट सिर्फ होली के लिए है या बाद में भी यूज हो सकती है? जवाब- ये किट हर मौके पर काम आती है, चाहे होली हो, न्यू ईयर हो या कोई फैमिली गेट-टुगेदर हो। फर्स्ट एड, फायर सेफ्टी और टूल किट रोजमर्रा की जरूरतों में भी यूजफुल हैं। बस हर 6 महीने में दवाइयों की एक्सपायरी चेक करें। सवाल- परिवार को सेफ्टी के लिए कैसे तैयार करें? जवाब- होली से पहले परिवार के साथ एक ‘सेफ्टी मीटिंग’ कर सकते हैं। इसमें सबको किट के बारे में बताएं। इसे यूज करने की पूरी गाइडलाइंस दें। सवाल- अगर किट तैयार नहीं की तो क्या रिस्क हो सकते हैं? जवाब- बिना किट के छोटी-सी चोट रंग और धूल के संपर्क में आकर बड़े इंफेक्शन की वजह बन सकती है। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर रिस्क में होते हैं। एक बार की तैयारी सालभर की टेंशन खत्म करती है। हर त्योहार में यह किट काम आएगी। सवाल- इस किट से होली को कैसे और मजेदार बनाएं? जवाब- इस किट को तैयार करना सिर्फ सेफ्टी के लिए नहीं, बल्कि निश्चिंत होकर त्योहार मनाने के लिए है। जब आप जानते हैं कि हर इमरजेंसी का जवाब आपके पास है, तो रंग खेलने का मजा दोगुना हो जाता है। इस बार शॉपिंग लिस्ट में मिठाइयों और रंगों के साथ इस किट को भी शामिल करें। ………………… जरूरत की ये खबर भी पढ़ें जरूरत की खबर- होली पर मिलावटी मावे से सावधान: हो सकते हैं ये हेल्थ रिस्क, इन 4 तरीकों से घर पर करें शुद्धता की जांच होली का त्योहार नजदीक है। इसके चलते बाजारों में मिठाइयों की डिमांड बढ़ गई है। इसी मौके का फायदा उठाकर कुछ मिलावटखोर बाजार में मिलावटी खोया (मावा) सप्लाई कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़िए…
फिजिकल हेल्थ- हेल्थ के लिए क्रिटिकल बायोटिन:शरीर में करता ये 10 जरूरी काम, डेफिशिएंसी के 11 संकेत, पूर्ति के लिए खाएं ये चीजें
हेयरफॉल, स्किन पर रैशेज और थकान को अक्सर लोग कॉमन समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन ये लक्षण कुछ मामलों में बायोटिन की कमी का संकेत भी हो सकते हैं। बायोटिन हमारे शरीर में इन तीन कामों में क्रिटिकल भूमिका निभाता है– ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ’ के मुताबिक, हर 100 में से 30 प्रेग्नेंट महिलाओं को बायोटिन डेफिशिएंसी होती है। बायोटिन डेफिशिएंसी के साथ बड़ी समस्या ये है कि इसके लक्षण इतने कॉमन होते हैं कि इन्हें समझना मुश्किल होता है। इसलिए फिजिकल हेल्थ में आज बायोटिन की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- सवाल- बायोटिन क्या है? यह विटामिन है या मिनरल? जवाब- बायोटिन मिनरल नहीं, बल्कि एक विटामिन है। ‘विटामिन B7’ को बायोटिन कहते हैं। यह एक वॉटर-सॉल्यूबल विटामिन है। यह शरीर में कार्बोहाइड्रेट, फैट और प्रोटीन के मेटाबॉलिज्म (भोजन को एनर्जी में बदले की प्रक्रिया) में अहम भूमिका निभाता है। सवाल- बायोटिन शरीर में क्या काम करता है? जवाब- बायोटिन एंजाइम्स को एक्टिव करके भोजन को एनर्जी में बदलने की प्रक्रिया को सपोर्ट करता है। बायोटिन बाल, स्किन और नाखूनों को हेल्दी बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। इसके अलावा, यह नर्वस सिस्टम के सही कामकाज में मददगार होता है। इसके सभी जरूरी काम ग्राफिक में देखिए- सवाल- बायोटिन शरीर के लिए जरूरी क्यों है? जवाब- शरीर को हर फंक्शन के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है। इस ऊर्जा को बनाने में बायोटिन शरीर की मदद करता है। इसकी कमी से- सवाल- हमारा शरीर बायोटिन को एनर्जी में कैसे बदलता है? जवाब- बायोटिन खुद ऊर्जा नहीं देता, बल्कि को-एंजाइम की तरह काम करता है। सवाल- शरीर में बायोटिन डेफिशिएंसी क्यों होती है और किन लोगों को इसका रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- इन सभी कंडीशंस में शरीर में बायोटिन की कमी हो सकती है- किन लोगों को बायोटिन डेफिशिएंसी का रिस्क ज्यादा होता है, ग्राफिक में पूरी लिस्ट देखिए- सवाल- क्या लंबे समय तक एंटीबायोटिक दवाइयां लेने से भी बायोटिन डेफिशिएंसी हो सकती है? जवाब- हां, लंबे समय तक एंटीबायोटिक्स लेने से बायोटिन की कमी हो सकती है। सवाल- बायोटिन डेफिशिएंसी होने पर क्या लक्षण या संकेत दिखाई देते हैं? जवाब- बायोटिन की कमी होने पर बाल झड़ना, स्किन पर रैश, नाखून कमजोर होने और थकान जैसे लक्षण दिख सकते हैं। सभी लक्षण ग्राफिक में देखिए- सवाल- एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति को रोजाना कितनी मात्रा में बायोटिन की जरूरत होती है? जवाब- स्वस्थ वयस्कों के लिए प्रतिदिन औसतन 30 माइक्रोग्राम (mcg) बायोटिन पर्याप्त माना जाता है। इतनी मात्रा से शरीर की सामान्य जरूरतें पूरी हो जाती हैं। अगर कोई महिला ब्रेस्टफीडिंग करा रही है तो उसे लगभग 35 mcg की जरूरत हो सकती है। सवाल- क्या ज्यादा बायोटिन लेने से भी कोई नुकसान हो सकता है? जवाब- अगर भोजन के जरिए सामान्य से ज्यादा बायोटिन लिया गया है तो यह आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है। सवाल- बायोटिन की पूर्ति के लिए डाइट में कौन से फूड शामिल करने चाहिए? जवाब- बायोटिन की पूर्ति के लिए डाइट में बादाम, अखरोट, मूंगफली और सूरजमुखी के बीज जैसे नट्स और सीड्स शामिल करने चाहिए। बायोटिन के सभी सोर्स ग्राफिक में देखिए- सवाल- किन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए? जवाब- इन सभी कंडीशंस में डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है- बायोटिन सप्लीमेंट से जुड़े कॉमन सवाल-जवाब सवाल- क्या सिर्फ डाइट से बायोटिन की जरूरत पूरी हो जाती है या सप्लीमेंट लेना जरूरी है? जवाब- ज्यादातर लोगों में संतुलित डाइट से बायोटिन की जरूरत पूरी हो जाती है। सप्लीमेंट तब जरूरी होता है, जब डेफिशिएंसी या कोई मेडिकल कंडीशन हो। सवाल- बायोटिन सप्लीमेंट किसे लेना चाहिए? जवाब- इन्हें बायोटिन सप्लीमेंट लेना चाहिए- सवाल- बायोटिन सप्लीमेंट कितनी मात्रा में लेना चाहिए? जवाब- आमतौर पर 30-100 mcg पर्याप्त होता है, लेकिन सही डोज डॉक्टर व्यक्ति की जरूरत के अनुसार तय करते हैं। सवाल- क्या बायोटिन सप्लीमेंट रोज ले सकते हैं? जवाब- हां, जरूरत होने पर रोज लिया जा सकता है, लेकिन लंबे समय तक लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी है। सवाल- बायोटिन सप्लीमेंट लेने का सही समय और तरीका क्या है? जवाब- इसे खाने के बाद पानी के साथ लेना बेहतर होता है, ताकि अवशोषण अच्छा रहे और पेट पर असर न पड़े। इसे ब्रेकफास्ट या लंच के बाद लेना चाहिए, डिनर के बाद नहीं। सवाल- क्या खाली पेट बायोटिन सप्लीमेंट ले सकते हैं? जवाब- हां, ले सकते हैं, लेकिन कुछ लोगों में हल्की गैस या असहजता हो सकती है। इसलिए भोजन के साथ लेना बेहतर है। सवाल- क्या अन्य विटामिन्स के साथ बायोटिन सप्लीमेंट ले सकते हैं? जवाब- हां, बायोटिन को अन्य बी-विटामिन्स या मल्टीविटामिन्स के साथ लिया जा सकता है, पर ओवरडोज ध्यान रखें कि किसी सप्लीमेंट का ओवरडोज न हो। ………………….. फिजिकल हेल्थ से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए फिजिकल हेल्थ- सलमान के पिता को हुआ ब्रेन हेमरेज: न्यूरोलॉजिस्ट से जानें क्या है ये मेडिकल कंडीशन, शुरुआती संकेत, किसे ज्यादा रिस्क बॉलीवुड के दिग्गज स्क्रिप्ट राइटर और सलमान खान के पिता सलीम खान को हाल ही में ब्रेन हेमरेज हुआ। ब्रेन हेमरेज का मतलब ‘ब्रेन की नस का फटना है।’ नस फटने पर ब्रेन के अंदर खून जमा होने लगता है, जिससे बने दबाव के कारण ब्रेन के सभी हिस्सों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। यह जानलेवा मेडिकल इमरजेंसी है। पूरी खबर पढ़िए…
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