ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या के बाद तेज हुए सैन्य अभियान के तहत, संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल ने रविवार को ईरान भर में व्यापक हमले किए, जिनमें देश के बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया गया और युद्धपोतों को नष्ट कर दिया गया। विस्फोटों से पूरे देश में इमारतें हिल गईं और राजधानी तेहरान के ऊपर धुएं के गुबार उठते दिखाई दिए। ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि हमलों की शुरुआत से अब तक खामेनेई और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों सहित 550 से अधिक लोग मारे गए हैं।
ईरानी सैन्य कमांडरों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने सर्वोच्च नेता की शहादत का बदला लेंगे। ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात सहित खाड़ी देशों पर हमले तेज कर दिए हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। यह स्थिति अब पूरे मध्य पूर्व को एक बड़े युद्ध की ओर धकेल रही है। ईरान ने दुबई हवाई अड्डे, बुर्ज खलीफा और बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इस बीच, अमेरिकी सेना ने घोषणा की है कि उसने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के मुख्यालय को नष्ट कर दिया है। इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने युद्ध के बीच एक महत्वपूर्ण और चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत ईरान के 48 शीर्ष नेताओं को 'एक ही गोली' में मार गिराया गया। ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान के नौसेना के नौ जहाज नष्ट हो गए। ईरान का नौसेना मुख्यालय भी काफी हद तक तबाह हो गया। कम से कम तीन अमेरिकी सैनिक कार्रवाई में मारे गए हैं और पांच गंभीर रूप से घायल हैं। छर्रे लगने से मामूली रूप से घायल हुए कई अन्य सैनिकों को ड्यूटी पर वापस भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण मराठवाड़ा के 61 लोग मध्य पूर्व में फंसे
एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले के बाद हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण महाराष्ट्र के मराठवाड़ा के कुल 61 लोग दुबई, बहरीन, कतर और अबू धाबी में फंसे हुए हैं। संभागीय आयुक्त कार्यालय के अधिकारी ने बताया कि इन 61 लोगों ने मराठवाड़ा के छत्रपति संभाजीनगर, जालना, परभणी, नांदेड़, हिंगोली, बीड और लातूर जिलों के प्रशासन को सूचित किया है। इनमें से कुछ पर्यटक हैं, कुछ काम के लिए खाड़ी देशों में गए हैं और अन्य के पास निवास वीजा है।
Continue reading on the app
ईरान की तरफ से इजरायल को लेकर बहुत बड़ा दावा किया गया है। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस पर बैलेस्टिक मिसाइल से हमले के बाद ईरानी सेना ने बयान जारी किया है। ईरानी सेना ने बयान में कहा कि नेतन्याहू का भविष्य अनिश्चित है। कामयाबी की जानकारी जल्द देंगे। एक तरफ पहले बयान जारी किया गया था कि हमने टारगेट किया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने सोमवार को दावा किया कि उसने तेल अवीव में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि कथित हमले के समय 76 वर्षीय इजरायली नेता कार्यालय में मौजूद थे या नहीं। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा क अपराधी इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के कार्यालय और शासन के वायु सेना कमांडर के ठिकाने पर खेबर शेकान बैलिस्टिक मिसाइलों से 10वीं लहर के दौरान लक्षित और अचानक हमले किए गए।
जिस मिसाइल के इस्तेमाल का दावा किया जा रहा है उसकी खासियत की बात करें तो इसे मोबाइल लांचर से भी दागा जा सकता है। और इसमें सबसे बड़ी खासियत ये है इसका वॉरहेड उड़ान के अंतिम चरण में भी अपनी दिशा को बदल सकता है। जिससे एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे इंटरसेप्ट करना बहुत मुश्किल होता है। इजराइल के पास सबको मालूम है कि आयरन डोम है। वो मिसाइलों को इंटरसेप्ट करके ड्रोन को इंटरसेप्ट करके हवा में ही नष्ट कर सकता है। अगर इस मिसाइल का इस्तेमाल किया गया है सीधे टारगेट पर जाके लगती है। ढाई हजार किमी की इसकी मारक क्षमता है और सबसे बड़ी बात है कि आयरन डोम भी इसे इंटरसेक्ट नहीं कर पाता।
आईआरजीसी दावा कर रहा है कि पीएम के दफ्तर को ऑफिस को उसने हिट किया और उसका ये दावा है कि ये बिल्कुल सफल और सटीक रहा है और इजराइल को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है और आईआरजीसी के इस दावे के बाद वो भी इंतजार कर रहा है कि इजराइल की तरफ से इसका क्या रिप्लाई आता है।
Continue reading on the app