ईरान की तरफ से इजरायल को लेकर बहुत बड़ा दावा किया गया है। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस पर बैलेस्टिक मिसाइल से हमले के बाद ईरानी सेना ने बयान जारी किया है। ईरानी सेना ने बयान में कहा कि नेतन्याहू का भविष्य अनिश्चित है। कामयाबी की जानकारी जल्द देंगे। एक तरफ पहले बयान जारी किया गया था कि हमने टारगेट किया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने सोमवार को दावा किया कि उसने तेल अवीव में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि कथित हमले के समय 76 वर्षीय इजरायली नेता कार्यालय में मौजूद थे या नहीं। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा क अपराधी इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के कार्यालय और शासन के वायु सेना कमांडर के ठिकाने पर खेबर शेकान बैलिस्टिक मिसाइलों से 10वीं लहर के दौरान लक्षित और अचानक हमले किए गए।
जिस मिसाइल के इस्तेमाल का दावा किया जा रहा है उसकी खासियत की बात करें तो इसे मोबाइल लांचर से भी दागा जा सकता है। और इसमें सबसे बड़ी खासियत ये है इसका वॉरहेड उड़ान के अंतिम चरण में भी अपनी दिशा को बदल सकता है। जिससे एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे इंटरसेप्ट करना बहुत मुश्किल होता है। इजराइल के पास सबको मालूम है कि आयरन डोम है। वो मिसाइलों को इंटरसेप्ट करके ड्रोन को इंटरसेप्ट करके हवा में ही नष्ट कर सकता है। अगर इस मिसाइल का इस्तेमाल किया गया है सीधे टारगेट पर जाके लगती है। ढाई हजार किमी की इसकी मारक क्षमता है और सबसे बड़ी बात है कि आयरन डोम भी इसे इंटरसेक्ट नहीं कर पाता।
आईआरजीसी दावा कर रहा है कि पीएम के दफ्तर को ऑफिस को उसने हिट किया और उसका ये दावा है कि ये बिल्कुल सफल और सटीक रहा है और इजराइल को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है और आईआरजीसी के इस दावे के बाद वो भी इंतजार कर रहा है कि इजराइल की तरफ से इसका क्या रिप्लाई आता है।
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ईरान के हमले के बाद सोमवार सुबह दुबई में जनजीवन सामान्य प्रतीत हुआ। प्रमुख स्थलों पर पर्यटकों की भीड़ उमड़ी, निवासी जॉगिंग और सैर करते नजर आए, और पर्यटक पूरे शहर में तस्वीरें खींचते नजर आए। एक दिन पहले सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण कुछ समय के लिए कामकाज बाधित हुआ था। रविवार को इससे पहले, पश्चिम एशिया क्षेत्र में तनाव बढ़ने के मद्देनजर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अधिकारियों ने एहतियाती उपायों की घोषणा की थी, जिनमें प्रमुख पर्यटन स्थलों को अस्थायी रूप से बंद करना, दूरस्थ कार्य के लिए निर्देश देना और प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में परिचालन में बदलाव करना शामिल था।
गल्फ न्यूज के अनुसार, अधिकारियों ने निवासियों, कर्मचारियों और पर्यटकों से नवीनतम जानकारी के लिए केवल सत्यापित आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करने का आग्रह किया। बुर्ज खलीफा के आसपास से प्राप्त तस्वीरों में आगंतुक तस्वीरें खींचते, परिवार सार्वजनिक स्थानों पर टहलते और फिटनेस के शौकीन लोग सुबह की जॉगिंग करते नजर आए। एक दिन पहले लगभग सुनसान पड़े पर्यटक स्थलों पर सुबह से ही लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी, जो जनता के विश्वास की धीरे-धीरे बहाली का संकेत है।
दुबई में मौजूद कई भारतीय पर्यटकों ने बताया कि ड्रोन हमले की खबरों और सरकार द्वारा जारी मोबाइल अलर्ट के बाद उन्हें कुछ पलों के लिए डर का सामना करना पड़ा, लेकिन अब स्थिति स्थिर लग रही है। पिछले चार-पांच दिनों से दुबई में मौजूद सरस्वती अक्की ने बताया कि ग्लोबल विलेज घूमते समय उन्होंने बुर्ज खलीफा के पास एक तेज आवाज सुनी। एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि लोग कह रहे थे कि परसों रात बुर्ज खलीफा के पास कुछ गिरा था, लेकिन हमने सिर्फ आवाज सुनी। बाद में जब हम होटल लौटे, तब पता चला कि इधर-उधर कुछ गिरा था। रात में सरकार ने हमें दो बार अलर्ट भेजा। हम दो बार जागे और बहुत डर गए थे। उस रात हम सो नहीं पाए।
उन्होंने आगे बताया कि अगले दिन ज्यादातर दुकानें बंद थीं। कल सब कुछ बंद था, इसलिए हम पूरे दिन होटल में ही रहे। लेकिन आज सब कुछ खुला है और हम बुर्ज खलीफा आए हैं। अब सब कुछ बिल्कुल सामान्य लग रहा है। घबराहट जैसी कोई बात नहीं है। पर्यटक हर जगह जा रहे हैं।
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