होली पर 3 मार्च को शेयर बाजार बंद रहेगा:NSE-BSE में ट्रेडिंग नहीं होगी, MCX शाम के सेशन में ओपन होगा; 4 मार्च को मार्केट खुलेगा
देशभर में होली की तारीख को लेकर जारी कन्फ्यूजन के बीच नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने अपनी छुट्टियों का कैलेंडर साफ कर दिया है। शेयर बाजार मंगलवार (3 मार्च 2026) को होली के अवसर पर बंद रहेंगे। इस दौरान इक्विटी, डेरिवेटिव और SLB सेगमेंट में कोई कामकाज नहीं होगा। हालांकि, कमोडिटी मार्केट (MCX) के समय में थोड़ा बदलाव किया गया है। 3 मार्च को सुबह का सेशन बंद, शाम को कमोडिटी मार्केट खुलेगा मंगलवार को शेयर बाजार पूरी तरह बंद रहने के साथ ही मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) भी सुबह के सेशन में बंद रहेगा। हालांकि, निवेशकों के लिए शाम का सेशन खुला रहेगा। MCX पर ट्रेडिंग शाम 5:00 बजे से रात 11:55 बजे तक होगी। वहीं नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) पूरे दिन बंद रहेगा। यह एग्री कमोडिटीज का प्लेटफॉर्म है। वहीं BSE-NSE दोनों एक्सचेंजों में बुधवार 4 मार्च 2026 को रेगुलर ट्रेडिंग फिर से शुरू होगी। कच्चे तेल की सप्लाई पर संकट: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर टिकी बाजार की नजर दुनियाभर के निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को लेकर है। यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से ग्लोबल ऑयल सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। अगर इस संघर्ष के कारण यह मार्ग ब्लॉक होता है या सप्लाई में बाधा आती है, तो कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर पड़ेगा। 2026 की प्रमुख छुट्टियां सोर्स- NSE मार्च में दो और छुट्टियां: रामनवमी और महावीर जयंती पर बाजार बंद रहेगा मार्च का महीना शेयर बाजार के निवेशकों के लिए छुट्टियों वाला रहने वाला है। होली के अलावा इस महीने में दो और बड़े अवकाश होंगे। 26 मार्च को रामनवमी और 31 मार्च को महावीर जयंती के मौके पर भी NSE और BSE में ट्रेडिंग एक्टिविटी बंद रहेंगी। शनिवार और रविवार के साप्ताहिक अवकाश को मिलाकर मार्च में वर्किंग डेज कम रहने वाले हैं। रेगुलर मार्केट टाइमिंग: सुबह 9:15 से दोपहर 3:30 तक होती है ट्रेडिंग सामान्य दिनों में भारतीय शेयर बाजार सोमवार से शुक्रवार तक खुले रहते हैं। ट्रेडिंग की शुरुआत सुबह 9:00 बजे 15 मिनट के प्री-ओपन सेशन से होती है, जिसके बाद 9:15 बजे मुख्य बाजार खुलता है। फिर ट्रेडिंग दोपहर 3:30 बजे समाप्त होती है। शनिवार और रविवार को मार्केट में नियमित अवकाश रहता है। ये खबर भी पढ़ें… FII ने फरवरी में भारतीय-बाजार में ₹22,615 करोड़ निवेश किए: यह 17 महीने का सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट; भारत-US ट्रेड डील और बेहतर कॉर्पोरेट अर्निंग्स का असर फरवरी महीने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त वापसी की है। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने विदेशी निवेशकों ने ₹22,615 करोड़ के शेयर खरीदे। यह पिछले 17 महीनों में विदेशी निवेश का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे पहले सितंबर 2024 में FPIs ने ₹57,724 करोड़ का निवेश किया था। बाजार जानकारों का मानना है कि भारत और अमेरिका के बीच हुई अंतरिम ट्रेड डील, शेयरों की कीमतों में सुधार और कंपनियों के तीसरी तिमाही (Q3) के शानदार नतीजों ने निवेशकों का भरोसा लौटाया है। पूरी खबर पढ़ें…
मिडिल ईस्ट तनाव का असर- पाकिस्तान शेयर बाजार 10% टूटा:KSE-30 इंडेक्स में 5000 अंक की गिरावट, 45 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी
पाकिस्तान के शेयर बाजार में आज यानी 2 मार्च को बड़ी गिरावट है। बाजार खुलते ही KSE-30 इंडेक्स 9.6% गिर गया। भारी बिकवाली के चलते मार्केट में 45 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी यानी लोअर सर्किट लग गया। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और पड़ोसी देश अफगानिस्तान के साथ जारी विवाद का सीधा असर निवेशकों के सेंटीमेंट पर पड़ा है। कारोबार के दौरान KSE-30 इंडेक्स करीब 5000 अंक टूटकर 46,000 के स्तर पर आ गया। ईरान पर हमलों के बाद देश भर में विरोध प्रदर्शन बाजार में इस गिरावट की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता युद्ध का खतरा है। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद पाकिस्तान में ईरान के समर्थन में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। रविवार को कराची में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस के साथ हुई झड़प में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। देश के बिगड़ते हालातों ने निवेशकों को डरा दिया है। अफगानिस्तान बॉर्डर पर भी तनाव बढ़ा मिडिल ईस्ट के अलावा पाकिस्तान के अपने पड़ोसी देश अफगानिस्तान के साथ भी रिश्ते बिगड़ रहे हैं। सीमा पर बढ़ते तनाव के कारण देश की अर्थव्यवस्था और बाजार पर दबाव बढ़ गया है। जानकारों का कहना है कि जब तक राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर शांति नहीं होती, बाजार में अनिश्चितता बनी रहेगी। भारत समेत दुनिया भर के बाजारों में सुस्ती पाकिस्तान ही नहीं, आज वैश्विक बाजारों में भी बिकवाली देखने को मिली। एशियाई बाजारों में औसतन 1.3% की गिरावट रही, जबकि अमेरिकी फ्यूचर्स 0.6% नीचे ट्रेड कर रहे थे। भारतीय शेयर बाजार में भी 1% से ज्यादा की गिरावट है। एक्सपर्ट की राय: तनाव ने बिगाड़ा खेल कराची स्थित ब्रोकरेज फर्म आरिफ हबीब के इंटरनेशनल इक्विटी सेल्स हेड बिलाल खान ने बताया कि मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसी स्थिति और पाकिस्तान के भीतर हो रहे ईरान समर्थक प्रदर्शनों ने बाजार को पूरी तरह से नीचे धकेल दिया है। हिंसक प्रदर्शनों के चलते विदेशी और स्थानीय निवेशक फिलहाल पैसा निकालने में ही भलाई समझ रहे हैं।
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