भारत का एपीआई मार्केट वित्त वर्ष 28 में 5-7 प्रतिशत बढ़ सकता है : रिपोर्ट
नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। भारत का एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट (एपीआई) मार्केट मौजूदा समय में 15-16 अरब डॉलर का है और वित्त वर्ष 27 एवं वित्त वर्ष 28 में इसके 5-7 प्रतिशत के सीएजीआर (कंपाउडेड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ने की उम्मीद है। यह जानकारी सोमवार को जारी की गई एक रिपोर्ट में दी गई।
केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह वृद्धि अनुकूल सरकारी नीतियों, उच्च क्षमता वाले और जटिल एपीआई की ओर संरचनात्मक बदलाव, बढ़ती घरेलू मांग और विनियमित तथा उभरते बाजारों में गहरी पैठ के कारण होगी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारतीय फार्मा कंपनियां कीमतों में गिरावट को रोकने, लाभ मार्जिन बढ़ाने और ग्राहकों को बनाए रखने के लिए बेसिक एपीआई से कॉम्प्लेक्स एपीआई की ओर रुख कर रही हैं।
रिपोर्ट में प्रमुख प्रारंभिक सामग्रियों के लिए चीन पर लगातार आयात निर्भरता पर चिंता जताई गई है, लेकिन साथ ही यह उम्मीद जताई है कि सरकारी पहलों और उत्पादन-संबंधी प्रोत्साहन योजना (प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव) समर्थित बल्क ड्रग पार्कों में प्रगति दिखनी शुरू हो गई है।
रेटिंग एजेंसी ने कहा, हालांकि इन उपायों का पूरा प्रभाव दिखने में समय लगेगा, लेकिन प्रगति स्पष्ट है: 30 से अधिक परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और कई कंपनियों ने इस योजना के तहत नई क्षमताएं शुरू की हैं।
इस बीच, उच्च क्षमता वाले और जटिल एपीआई की एक पाइपलाइन को विकसित किया जा रहा है, जिसके आने वाले वर्षों में व्यावसायीकरण की उम्मीद है, जो भारत के मूल्य श्रृंखला में धीरे-धीरे ऊपर उठने का संकेत देता है।
इस बदलाव से सार्थक वृद्धि 2-4 वर्षों के बाद ही मिलने की उम्मीद है, क्योंकि संबंधित अधिकांश परियोजनाएं अभी तक व्यावसायीकरण और पर्याप्त उत्पादन वृद्धि के चरण तक नहीं पहुंची हैं।
केयरएज रेटिंग्स के सहायक निदेशक प्रितेश राठी ने कहा, दीर्घकाल में, वृद्धि का मुख्य कारण अधिक उम्र वाले लोगों की बढ़ती आबादी, स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच, बीमा कवरेज में वृद्धि, पुरानी बीमारियों में वृद्धि, एकाधिकार का खत्म होना और अन्य उभरते बाजारों में विस्तार होना है।
सरकार समर्थित बल्क ड्रग पार्क एपीआई निवेश के अगले चरण को आकार देने के लिए तैयार हैं, जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत चल रही परियोजनाएं इसी पहल से जुड़ी हैं। प्रमुख विकास परियोजनाओं में आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और गुजरात में 20 से 40 अरब रुपए की लागत से स्थापित बड़े पैमाने की सुविधाएं शामिल हैं, जिनका उद्देश्य घरेलू एपीआई उत्पादन को मजबूत करना, आयात पर निर्भरता कम करना और पूरे क्षेत्र में लागत दक्षता को बढ़ावा देना है।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
दिल्ली-यूपी वालों की होली हुई रंगीन, दोनों सरकारें दे रही फ्री गैस सिलेंडर; जानें कौन उठा सकता है फायदा
होली का त्योहार आते ही घरों में रंग, मिठाइयों और पकवानों की तैयारी शुरू हो जाती है. लेकिन त्योहार के साथ रसोई का खर्च भी बढ़ जाता है, खासकर गैस सिलेंडर की कीमत आम लोगों के बजट पर असर डालती है. बढ़ती महंगाई के बीच दिल्ली और उत्तर प्रदेश सरकार ने जरूरतमंद परिवारों को राहत देने के लिए खास कदम उठाए हैं.
दिल्ली में 853 रुपये की सहायता
दिल्ली सरकार ने फैसला किया है कि होली के मौके पर पात्र परिवारों को मुफ्त गैस सिलेंडर की जगह 853 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी. इससे लोग अपनी जरूरत के अनुसार सिलेंडर भरवा सकेंगे. इस योजना के लिए करीब 242 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है. अनुमान है कि लगभग 17.5 लाख राशन कार्डधारक परिवारों को इसका लाभ मिलेगा. जिन घरों में पाइपलाइन गैस कनेक्शन है, उन्हें भी 853 रुपये की सहायता दी जाएगी.
मुफ्त LPG सिलेंडर योजना - ₹129 करोड़ की राशि DBT के माध्यम से सीधे खातों में हस्तांतरित।
— Ajay Mahawar (@AjayMahawarBJP) March 2, 2026
विकसित दिल्ली की नई पहचान बनेगी नारीशक्ति।#SashaktNaariSamriddhDelhi#DaughtersOfDelhi pic.twitter.com/8KcRFdxJ3a
कौन उठा सकता है ये लाभ?
आपको बता दें कि दिल्ली में यह सुविधा केवल वैध राशन कार्डधारकों को ही मिलेगी. टैक्स देने वाले, सरकारी कर्मचारी और रिटायर्ड कर्मचारी इस योजना के दायरे से बाहर रहेंगे. साथ ही लाभ पाने के लिए बैंक खाता आधार से लिंक होना जरूरी है.
यूपी में उज्ज्वला लाभार्थियों को मुफ्त सिलेंडर
वहीं उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़े परिवारों को होली से पहले मुफ्त गैस रिफिल देने की घोषणा की गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यह सुविधा होली और दिवाली दोनों पर दी जाएगी. लाभार्थियों को पहले सिलेंडर खरीदना होगा, इसके बाद सब्सिडी या पूरी राशि उनके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी. दोनों राज्यों की यह पहल त्योहार पर गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation



















