IND VS WI: भारत ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी, पहले बैटिंग करेगी वेस्टइंडीज, ऐसी है दोनों टीमों की प्लेइंग-11
IND VS WI Toss Update: टी-20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 का आखिरी मुकाबला भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेला जा रहा है. ये मैच ही तय करेगा कि टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली चौथी टीम कौन सी होगी. अहम मुकाबले में टॉस जीतकर भारतीय टीम ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है. नतीजन, वेस्टइंडीज की टीम पहले बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरेगी.
वेस्टइंडीज ने प्लेइंग-11 में किया एक बदलाव
???? Toss Update ????#TeamIndia have won the toss and elected to field first.
— BCCI (@BCCI) March 1, 2026
Updates ▶️ https://t.co/ur4pr8Bi3K#T20WorldCup | #MenInBlue | #INDvWI pic.twitter.com/Ji0mCrMFHH
भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है. नतीजन, वेस्टइंडीज की टीम इस डू और डाई मैच में पहले बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरेगी. टॉस पर भारतीय कप्तान सूर्या ने बताया कि उन्होंने अंतिम ग्यारह में कोई बदलाव नहीं किया है. वहीं, वेस्टइंडीज ने अंतिम ग्यारह में एक बदलाव किया है. ब्रैंडन किंग की जगह अकेल होसेन को टीम में शामिल किया गया है.
MATCH READY ????
— Star Sports (@StarSportsIndia) March 1, 2026
ICC Men’s #T20WorldCup, SUPER 8, #INDvWI | LIVE NOW ➡️ https://t.co/b6mUD5DUgl pic.twitter.com/luszEyQ7im
भारत और वेस्टइंडीज टी20 वर्ल्ड कप हेड टू हेड रिकॉर्ड
टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत और वेस्टइंडीज के बीच कुल 4 मैच खेले गए हैं. इस चार मुकाबलों में से भारत को सिर्फ 1 मैच में जीत मिली है, जबकि वेस्टइंडीज की टीम ने 3 मैच जीते हैं. इन आंकड़ों पर जाएं तो भारत का पलड़ा वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप में काफी कमजोर नजर आ रहा है.
IND vs WI हेड टू हेड
भारत और वेस्टइंडीज के बीच अब तक कुल 30 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं, जिसमें 19 मैच भारत ने जीते हैं. जबकि 10 मैचों में वेस्टइंडीज ने जीत दर्ज की है. वहीं एक मैच बेनतीजा रहा है.
ऐसी है आज के मैच में दोनों टीमों की प्लेगंग-11
भारत (प्लेइंग इलेवन): संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, इशान किशन, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पंड्या, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रित बुमराह
वेस्टइंडीज (प्लेइंग इलेवन): शाई होप (विकेटकीपर/कप्तान), रोस्टन चेज़, शिम्रोन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, रोमारियो शेफर्ड, जेसन होल्डर, मैथ्यू फोर्डे, अकील होसेन, गुडाकेश मोती, शमर जोसेफ
ये भी पढ़ें: IND vs WI: वेस्टइंडीज के खिलाफ ईडन गार्डन्स में कैसा है टीम इंडिया का टी20 रिकॉर्ड? कोलकाता में हुई है 4 बार भिड़ंत
ईरान में जारी जंग से भारत पर आया संकट, जानें कैसे करोड़ों का अटका व्यापार
Iran War Tension Impact: मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध तनाव का असर अब भारत के चावल कारोबार पर साफ दिखाई देने लगा है. संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद हालात तेजी से बिगड़े हैं. इस बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई की मौत की खबर ने क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ा दी है. इन घटनाओं का सीधा असर हरियाणा समेत देश के बासमती चावल निर्यातकों पर पड़ रहा है.
कैसे भारत पर पड़ रहा असर
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा के निर्यातकों को ईरान और अफगानिस्तान जाने वाली खेपों में रुकावट और भुगतान में देरी का सामना करना पड़ रहा है. खासकर वे शिपमेंट जो ईरान के प्रमुख बंदरगाह बंदर अब्बास के रास्ते अफगानिस्तान भेजे जा रहे थे, फिलहाल अटक गए हैं. राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के राज्य इकाई अध्यक्ष सुशील कुमार जैन का कहना है कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते, व्यापार प्रभावित रहेगा और पेमेंट साइकिल पर दबाव बना रहेगा.
हरियाणा का है चावल निर्यात में 35 प्रतिशत योगदान
हरियाणा भारत के कुल बासमती चावल निर्यात में लगभग 35 प्रतिशत योगदान देता है. करनाल, कैथल और सोनीपत प्रमुख निर्यात हब हैं. करनाल के एक राइस मिलर के मुताबिक, संघर्ष शुरू होने के एक दिन के भीतर ही बासमती की कीमतों में 4–5 रुपये प्रति किलोग्राम (करीब 400–500 रुपये प्रति क्विंटल) की गिरावट दर्ज की गई है. इससे पहले जून 2025 में हुए ईरान-इज़राइल संघर्ष 2025 के दौरान भी ऐसा ही असर देखने को मिला था.
ईरान भारत के बासमती का बड़ा खरीदार
ईरान भारत के बासमती का बड़ा खरीदार है और सऊदी अरब के बाद दूसरा सबसे बड़ा बाजार माना जाता है. वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने लगभग 1 मिलियन टन बासमती ईरान को निर्यात किया, जबकि कुल निर्यात करीब 6 मिलियन टन रहा. यूएई, इराक और अमेरिका जैसे देश भी प्रमुख खरीदार हैं.
जहाजों के बीमा कवरेज की भी चिंता
निर्यातकों की एक और चिंता युद्धकाल में जहाजों के बीमा कवरेज को लेकर है, जिससे जोखिम और लागत दोनों बढ़ सकते हैं. कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव ने भारतीय चावल व्यापार को अनिश्चितता के दौर में ला खड़ा किया है.
यह भी पढ़ें: ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद दुनिया कई हिस्सों में जश्न का माहौल
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation














.jpg)








