ईरान और अमेरिका-इजरायल में तनाव के बीच आज का दिन बेहद गंभीर : पूर्व उच्चायुक्त वीणा सिकरी
नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। दुनिया में चारों तरफ इन दिनों हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान लगातार इजरायल, ओमान, कुवैत समेत अन्य देशों पर हमले करना जारी रखे हुए है। मिडिल ईस्ट में ताजा हालात और ईरान की कार्रवाई को लेकर बांग्लादेश में भारत की पूर्व उच्चायुक्त वीणा सिकरी ने आईएएनएस के साथ खास बातचीत की।
पूर्व उच्चायुक्त वीणा सिकरी ने कहा, यह बहुत गंभीर परिस्थिति है। यह दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका है क्योंकि हमने देखा है कि दुबई एयरपोर्ट भी बंद है, दुबई की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है और होर्मुज भी लगभग बंद है। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी उथल-पुथल है। यह ऐसे समय में हुआ, जब ओमान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराई थी। यह बातचीत जिनेवा में हो रही थी और हर कोई कह रहा था कि बातचीत बहुत अच्छी चल रही है। ईरान बहुत सारी रियायतों पर मान गया था, लेकिन मुझे लगता है कि बातचीत असल में एक धोखे के तौर पर की गई थी और इजरायल ईरान पर हमला करने के लिए पूरी तरह से तैयार था।
ईरान के अगले कदम को लेकर पूर्व उच्चायुक्त ने आगे बताया, मुझे लगता है कि इजरायल ने कल पहला कदम उठाया और फिर अमेरिका भी इसमें शामिल हो गया। शायद इजरायल ने कुछ मायनों में अमेरिका को इस हमले में शामिल होने के लिए मजबूर किया और हां, ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई मारे गए हैं। अब ईरान में एक ट्रांजिशन काउंसिल है और उस ट्रांजिशन काउंसिल के प्रमुख राष्ट्रपति पेजिशकियन हैं, तो वह एक मॉडरेट हैं, एक मॉडरेट नेता के तौर पर जाने जाते हैं और अब सवाल यह है कि ईरान अगले कदम के तौर पर क्या तय करेगा?
सिकरी ने कहा, एक तरफ आईआरजीसी और दूसरी तरफ अन्य फोर्सेज, उन्होंने बदला लेने और आगे हमले करने की कसम खाई है। ईरान ने कहा है कि वे आज और तेज हमले करेंगे। वे इजरायल पर भी हमले कर रहे हैं, लेकिन बात यह है कि डोनाल्ड ट्रंप ने भी आज पोस्ट किया है कि अगर ईरान और हमले करने जा रहा है और मिडिल ईस्ट और इजरायल पर हमले जारी रखता है, तो अमेरिका बहुत कड़ी कार्रवाई करेगा।
उन्होंने कहा कि यह अमेरिका से एक और खतरा है, तो क्या ईरान की ट्रांजिशनल काउंसिल हमलों को आगे बढ़ाने का फैसला करेगी? आप जानते हैं हमलों का आइडियोलॉजिकल मोमेंटम, हमलों का मिलिट्री मोमेंटम, क्या वे इसे बनाए रखना चाहते हैं या वे सेफ मोड के लिए कुछ ज्यादा लंबे समय के लिए जरूरी तरीका अपनाएंगे कि वे अपने लोगों, अपनी अर्थव्यवस्था की रक्षा करना चाहेंगे। हम जानते हैं कि इजरायली हमले आम लोगों पर हुए हैं, बहुत सारे छोटे स्कूली बच्चे मारे गए हैं और यह वाकई बहुत दुखद है।
पूर्व उच्चायुक्त वीणा सिकरी ने कहा, आज का दिन देखने के लिए बहुत जरूरी है। मुझे लगता है कि यह बहुत चौंकाने वाला है कि मिडिल ईस्ट के देश, बहरीन, कुवैत, यूएई और यहां तक कि कतर, सऊदी अरब के बेस पर भी हमले हुए हैं। उन्होंने भी हालात को बहुत मुश्किल बना दिया है। सऊदी अरब ने एक कड़ा बयान दिया है, लेकिन हमें नहीं पता कि वे असल में क्या करने का इरादा रखते हैं। आज की स्थिति बहुत अस्थिर है। यह बहुत गंभीर है और कल जब शेयर बाजार खुलेंगे, तो उम्मीद है कि वे बहुत गिरेंगे क्योंकि तेल की कीमत शायद बढ़ जाएगी।
उन्होंने कहा कि आप जानते हैं कि कनेक्टिविटी की पूरी बिजनेस लाइनें पूरी तरह से बाधित हो गई हैं। यूएई, दुबई एयरपोर्ट का बंद होना एक बड़ा संकेत है। पूरा एयरस्पेस अब बंद है। कहीं के लिए कोई फ्लाइट नहीं उड़ रही है, इसलिए इसे ठीक करने में कुछ समय लगेगा और इससे निश्चित रूप से बिजनेस सेंटिमेंट बहुत खराब होंगे।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
फरवरी में जीएसटी कलेक्शन 8 प्रतिशत बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपए रहा
नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स कलेक्शन फरवरी 2026 में सालाना आधार पर 8.1 प्रतिशत से बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो कि बीते वर्ष समान अवधि में 1.69 लाख करोड़ रुपए था। यह जानकारी सरकार की ओर से रविवार को दी गई।
इससे पहले जनवरी में जीएसटी कलेक्शन 1.71 लाख करोड़ रुपए रहा है।
वित्त वर्ष 26 की शुरुआत से लेकर अब तक (अप्रैल 2025- फरवरी 2026 तक) जीएसटी कलेक्शन 20,27,033 करोड़ रुपए रहा है। इसमें सालाना आधार पर 8.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले साल समान अवधि में जीएसटी कलेक्शन 18,71,670 करोड़ रुपए था।
फरवरी के जीएसटी कलेक्शन में सेंट्रल जीएसटी (सीजीएसटी) 37,473 करोड़ रुपए रहा है, जबकि स्टेट जीएसटी (एसजीएसटी) 45,900 करोड़ रुपए रहा है। वहीं, इंटीग्रेटेड जीएसटी (आईजीएसटी) 1,00,236 करोड़ रुपए था।
फरवरी में सरकार ने 22,595 करोड़ रुपए का रिफंड जारी किया है। इसमें सालाना आधार 10.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
अगर रिफंड को घटा दिया जाए तो फरवरी में शुद्ध जीएसटी कलेक्शन 1.61 लाख करोड़ रुपए हो जाता है। इसमें सालाना आधार पर 7.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले साल समान अवधि में यह आंकड़ा 1,49,278 करोड़ रुपए था।
वहीं, फरवरी 2026 में सरकार का सेस कलेक्शन 5,063 करोड़ रुपए रहा है। सेस में सालाना आधार पर बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इसकी वजह सरकार द्वारा सितंबर 2025 में जीएसटी 2.0 को लागू करना था, जिससे तहत अधिकतर सामानों पर सेस को हटा दिया गया था और जीएसटी के टैक्स स्लैब को चार (28 प्रतिशत, 18 प्रतिशत, 12 प्रतिशत और 5 प्रतिशत) से घटाकर (18 प्रतिशत और 5 प्रतिशत) कर दिया था।
फरवरी में महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक में सबसे अधिक जीएसटी कलेक्शन दर्ज किया गया। इसके बाद हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पश्चिम बंगाल का नाम शामिल था। वहीं, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लद्दाख, मिजोरम, नागालैंड और मणिपुर उन राज्यों में शामिल थे जहां सबसे कम जीएसटी संग्रह हुआ।
--आईएएनएस
एबीएस/
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