अमेरिका-इजराइल का वो 'डेलाइट' गेम प्लान, एक ही झटके में कैसे ढेर हुए ईरान के सुप्रीम लीडर और उनके बड़े जनरल?
बीते 24 घंटों से पूरी दुनिया की नजरें सिर्फ ईरान पर टिकी हैं. शनिवार को हुए उस भयानक हमले के बाद, जिसमें इजरायल और अमेरिका ने मिलकर 30 बम बरसाए थे, अब धीरे-धीरे तबाही की पूरी तस्वीर साफ होने लगी है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट ने जो दावा किया था, उसकी पुष्टि अब मलबे के ढेर और ईरान के खाली पड़े पावर सेंटर्स से हो रही है. यह महज एक हमला नहीं था, बल्कि ईरान की पूरी सल्तनत को एक ही झटके में खत्म कर देने वाला एक सोझा-समझा ऑपरेशन था. अब जब धूल थोड़ी जमी है, तो समझ आ रहा है कि ईरान ने क्या खोया है?
मलबे में तब्दील हुआ सत्ता का केंद्र
इस हमले की सबसे चौंकाने वाली बात इसकी टाइमिंग और खुफिया जानकारी की सटीकता थी. इजरायली और अमेरिकी खुफिया एजेंसियां सालों से उस एक पल की ताक में थीं, जब ईरान के सभी बड़े खिलाड़ी एक ही छत के नीचे मौजूद हों. शनिवार को जैसे ही पक्का हुआ कि खामेनेई एक बेहद जरूरी मीटिंग ले रहे हैं, वैसे ही बिना वक्त गंवाए हमला बोल दिया गया. हैरानी की बात यह है कि हमला रात के सन्नाटे में नहीं, बल्कि दिन के उजाले में किया गया, जिससे ईरान की सुरक्षा एजेंसियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला.
दिन के उजाले में मौत का तांडव
इजरायली लड़ाकू विमानों ने खामेनेई के ठिकाने को अपना निशाना बनाया और एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 30 बम गिराए. हमले के 12 घंटे बीत जाने के बाद भी उस इलाके में आग और धुएं का गुबार साफ देखा जा सकता है. इजरायल ने अब पूरी तरह साफ कर दिया है कि इस धमाके में सिर्फ खामेनेई ही नहीं मरे, बल्कि उनके साथ मौजूद पूरी 'ए-टीम' खत्म हो गई है. पूरा कंपाउंड अब खंडहर बन चुका है और वहां से लगातार लाशें निकालने का काम चल रहा है, जिससे इलाके में चीख-पुकार मची है.
ईरान की पूरी 'फौज' एक साथ ढेर
अब उन नामों की लिस्ट भी बाहर आने लगी है जो इस हमले में मारे गए हैं. खामेनेई के सबसे भरोसेमंद सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी, रिवोल्यूशनरी गार्ड के मुखिया मोहम्मद पाकपुर और रक्षा मंत्री अमीर नासिरजादेह की मौत की खबरों ने ईरान की सेना की कमर तोड़ दी है. यह ऐसा नुकसान है जिसकी भरपाई ईरान आने वाले कई सालों तक नहीं कर पाएगा. महज आधे दिन के भीतर ही ईरान की टॉप लीडरशिप का नामोनिशान मिट चुका है, जिससे देश में नेतृत्व का बड़ा संकट खड़ा हो गया है.
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ईरान और अमेरिका-इजरायल में तनाव के बीच आज का दिन बेहद गंभीर : पूर्व उच्चायुक्त वीणा सिकरी
नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। दुनिया में चारों तरफ इन दिनों हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान लगातार इजरायल, ओमान, कुवैत समेत अन्य देशों पर हमले करना जारी रखे हुए है। मिडिल ईस्ट में ताजा हालात और ईरान की कार्रवाई को लेकर बांग्लादेश में भारत की पूर्व उच्चायुक्त वीणा सिकरी ने आईएएनएस के साथ खास बातचीत की।
पूर्व उच्चायुक्त वीणा सिकरी ने कहा, यह बहुत गंभीर परिस्थिति है। यह दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका है क्योंकि हमने देखा है कि दुबई एयरपोर्ट भी बंद है, दुबई की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है और होर्मुज भी लगभग बंद है। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी उथल-पुथल है। यह ऐसे समय में हुआ, जब ओमान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराई थी। यह बातचीत जिनेवा में हो रही थी और हर कोई कह रहा था कि बातचीत बहुत अच्छी चल रही है। ईरान बहुत सारी रियायतों पर मान गया था, लेकिन मुझे लगता है कि बातचीत असल में एक धोखे के तौर पर की गई थी और इजरायल ईरान पर हमला करने के लिए पूरी तरह से तैयार था।
ईरान के अगले कदम को लेकर पूर्व उच्चायुक्त ने आगे बताया, मुझे लगता है कि इजरायल ने कल पहला कदम उठाया और फिर अमेरिका भी इसमें शामिल हो गया। शायद इजरायल ने कुछ मायनों में अमेरिका को इस हमले में शामिल होने के लिए मजबूर किया और हां, ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई मारे गए हैं। अब ईरान में एक ट्रांजिशन काउंसिल है और उस ट्रांजिशन काउंसिल के प्रमुख राष्ट्रपति पेजिशकियन हैं, तो वह एक मॉडरेट हैं, एक मॉडरेट नेता के तौर पर जाने जाते हैं और अब सवाल यह है कि ईरान अगले कदम के तौर पर क्या तय करेगा?
सिकरी ने कहा, एक तरफ आईआरजीसी और दूसरी तरफ अन्य फोर्सेज, उन्होंने बदला लेने और आगे हमले करने की कसम खाई है। ईरान ने कहा है कि वे आज और तेज हमले करेंगे। वे इजरायल पर भी हमले कर रहे हैं, लेकिन बात यह है कि डोनाल्ड ट्रंप ने भी आज पोस्ट किया है कि अगर ईरान और हमले करने जा रहा है और मिडिल ईस्ट और इजरायल पर हमले जारी रखता है, तो अमेरिका बहुत कड़ी कार्रवाई करेगा।
उन्होंने कहा कि यह अमेरिका से एक और खतरा है, तो क्या ईरान की ट्रांजिशनल काउंसिल हमलों को आगे बढ़ाने का फैसला करेगी? आप जानते हैं हमलों का आइडियोलॉजिकल मोमेंटम, हमलों का मिलिट्री मोमेंटम, क्या वे इसे बनाए रखना चाहते हैं या वे सेफ मोड के लिए कुछ ज्यादा लंबे समय के लिए जरूरी तरीका अपनाएंगे कि वे अपने लोगों, अपनी अर्थव्यवस्था की रक्षा करना चाहेंगे। हम जानते हैं कि इजरायली हमले आम लोगों पर हुए हैं, बहुत सारे छोटे स्कूली बच्चे मारे गए हैं और यह वाकई बहुत दुखद है।
पूर्व उच्चायुक्त वीणा सिकरी ने कहा, आज का दिन देखने के लिए बहुत जरूरी है। मुझे लगता है कि यह बहुत चौंकाने वाला है कि मिडिल ईस्ट के देश, बहरीन, कुवैत, यूएई और यहां तक कि कतर, सऊदी अरब के बेस पर भी हमले हुए हैं। उन्होंने भी हालात को बहुत मुश्किल बना दिया है। सऊदी अरब ने एक कड़ा बयान दिया है, लेकिन हमें नहीं पता कि वे असल में क्या करने का इरादा रखते हैं। आज की स्थिति बहुत अस्थिर है। यह बहुत गंभीर है और कल जब शेयर बाजार खुलेंगे, तो उम्मीद है कि वे बहुत गिरेंगे क्योंकि तेल की कीमत शायद बढ़ जाएगी।
उन्होंने कहा कि आप जानते हैं कि कनेक्टिविटी की पूरी बिजनेस लाइनें पूरी तरह से बाधित हो गई हैं। यूएई, दुबई एयरपोर्ट का बंद होना एक बड़ा संकेत है। पूरा एयरस्पेस अब बंद है। कहीं के लिए कोई फ्लाइट नहीं उड़ रही है, इसलिए इसे ठीक करने में कुछ समय लगेगा और इससे निश्चित रूप से बिजनेस सेंटिमेंट बहुत खराब होंगे।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
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