चांद के साइज का भ्रम : क्षितिज पर क्यों दिखता है बड़ा आकार, रंगों में भी अंतर
नई दिल्ली, 28 फरवरी (आईएएनएस)। रात के आसमान में जब चांद क्षितिज के पास उगता या डूबता है, तो वह अक्सर इतना बड़ा और चमकदार दिखता है कि देखने वाले हैरान रह जाते हैं। पहाड़ों, समुद्र, पेड़ों या शहर की इमारतों के पीछे से निकलता चांद देख लोग हैरत में पड़ जाते हैं। लेकिन क्या यह सच में बड़ा होता है? नासा इस विषय में विस्तार से जानकारी देता है।
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा चांद के रहस्य को लेकर जानकारी देता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, नहीं, यह सिर्फ एक भ्रम है – चांद का भ्रम, जो हमारी आंखों और दिमाग से पैदा होता है। फोटोग्राफ्स और वैज्ञानिक जांच से साफ पता चलता है कि चांद का आकार हमेशा एक जैसा रहता है, चाहे वह क्षितिज पर हो या आसमान में ऊपर। इसका व्यास दोनों जगह समान होता है।
अब सवाल है कि फिर भी हमारी आंखों से क्षितिज पर चांद बड़ा क्यों लगता है? यह भ्रम हमारे दिमाग के विज़ुअल इंफॉर्मेशन प्रोसेस करने के तरीके से जुड़ा है। हजारों सालों से लोग इसे देखते आ रहे हैं, लेकिन आज भी इसका कोई पूरी तरह संतोषजनक वैज्ञानिक कारण नहीं मिला है।
इस भ्रम को खुद साबित करना आसान है। जब चांद क्षितिज के पास हो, तो अपनी फैली हुई इंडेक्स फिंगर को उसके पास रखें। आप पाएंगे कि नाखून और चांद का साइज लगभग बराबर लगता है। अगर आप पेपर ट्यूब से देखें या झुककर पैरों के बीच से पीछे देखें, तो चांद छोटा दिखने लगता है। एक और पक्का तरीका है – कैमरे से फोटो लें। उगते चांद और ऊपर वाले चांद की फोटो दोनों की एक ही जूम सेटिंग पर लें, जिसमें चांद की चौड़ाई बिलकुल समान होगी। क्षितिज पर चांद थोड़ा दबा हुआ दिख सकता है, जो वायुमंडल के रिफ्रैक्शन का असर है, लेकिन बड़ा नहीं।
फोटोग्राफर लंबे लेंस से जूम करके लैंडस्केप के साथ चांद की तस्वीरें लेते हैं, जिससे चांद बड़ा दिखता है। लेकिन यह जूम का कमाल है, न कि चांद का। असल में चांद क्षितिज पर थोड़ा दूर होता है, इसलिए थोड़ा छोटा होना चाहिए, लेकिन भ्रम उल्टा करता है।
एक सवाल और है कि क्षितिज पर चांद ज्यादा पीला या नारंगी क्यों दिखता है? इसका कारण वायुमंडल है। चांद की रोशनी लंबा रास्ता तय करती है, छोटी नीली वेवलेंथ बिखर जाती हैं, लंबी लाल वेवलेंथ बचती हैं। धूल या प्रदूषण इसे और गहरा कर सकते हैं। इस भ्रम को लेकर वैज्ञानिकों के पास कई थ्योरी हैं, लेकिन कोई पक्की नहीं। मुख्य थ्योरी है कि हमारा दिमाग दूरी और साइज को कैसे जोड़ता है। एमेर्ट्स लॉ के अनुसार क्षितिज पर हम चांद को ज्यादा दूर मानते हैं, इसलिए दिमाग इसे बड़ा करके प्रोसेस करता है।
पोंजो इल्युजन इसी तरह काम करता है, जहां कन्वर्जिंग लाइनों जैसे रेल की पटरियों के कारण बराबर लंबाई की लाइनें अलग साइज की लगती हैं। फोरग्राउंड में पेड़, पहाड़ या इमारतें दूरी का अंदाजा देती हैं, जिससे चांद बड़ा लगता है।
रोमांचक बात है कि एस्ट्रोनॉट्स को भी अंतरिक्ष में ऐसा भ्रम होते हैं, जहां कोई फोरग्राउंड ऑब्जेक्ट नहीं होता। इसलिए शायद दिमाग की हार्ड-वायर्ड परसेप्शन या आकाश की आकृति भी भूमिका निभाती है। यह रहस्य वास्तव में पूरी तरह से सुलझ नहीं सका है।
--आईएएनएस
एमटी/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
इजरायल के साथ ही इन देशों में रह रहे नागरिकों के लिए भारतीय दूतावास ने जारी की एडवाइजरी
नई दिल्ली, 28 फरवरी (आईएएनएस)। इजरायल-यूएस के तेहरान पर किए गए हमले के जवाब में ईरान ने एपिक फ्यूरी ऑपरेशन शुरू किया है। न्यूज एजेंसी फार्स ने दावा किया है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कुवैत, कतर, यूएई में स्थित यूएस बेस को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। वर्तमान हालात को देखते हुए भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर अपने नागरिकों को सतर्क और सावधान रहने की सलाह दी है।
कतर, तेल अवीव दूतावास और फिलिस्तीन में मौजूद प्रतिनिधि कार्यालय की ओर से जरूरी दिशानिर्देश के साथ ही कुछ इमरजेंसी नंबर भी जारी किए गए हैं। अपील की गई है कि लोग सुरक्षित जगहों पर रहें, स्थानीय खबरों पर नजर बनाए रखें और भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें।
भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे पूरा ध्यान रखें और दूतावास और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें ।
दूतावास ने अलग-अलग देशों के लिए अलग-अलग हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और कहा है कि ये सभी 24 घंटे मदद के लिए तैयार रहेंगे। कतर में रह रहे भारतीयों के लिए 00974-55647502 नंबर जारी किया है और ईमेल आईडी सीओएनएसडॉटदोहाएटएमईएडॉटजीओवीडॉटइन पर संपर्क साधने को कहा है।
फिलिस्तीन में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें और स्थानीय स्तर पर सुझाए गए सुरक्षा उपायों का पालन करें। इमरजेंसी में +970592916418 या आरईपीऑफिसएटएमईएडॉटजीओवीडॉटइन/ सीओएनएसडॉटरामल्लाएटएमईएडॉटजीओवीडॉटइन पर संपर्क करें।
इजरायल की राजधानी तेल अवीव के लिए पहले ही एडवाइजरी जारी कर सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई थी। इसके अनुसार, किसी भी इमरजेंसी में, भारतीय नागरिक 24/7 हेल्पलाइन +972-54-7520711 के जरिए तेल अवीव में भारतीय दूतावास से संपर्क कर सकते हैं। ईमेल आईडी- सीओएनएस1डॉटतेलअवीवएटएमईएडॉटजीओवीडॉटइन है। दूतावास संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार जुड़ा हुआ है और जरूरत पड़ने पर अपडेट जारी करता रहेगा।
इससे पहले तेहरान में रह रहे भारतीयों को भी दूतावास के संपर्क में रहने और सुरक्षा उपायों का सावधानी से प्रयोग करने की हिदायत दी गई थी।
यूएई में भी भारतीय नागरिकों के लिए टोलफ्री नंबर 800-46342 और वॉट्सएप नंबर +971543090571 जारी किया गया है। इसके साथ ही ईमेल पता है-पीबीएसकेडॉटदुबईएटएमईएडॉटजीओवीडॉटइन और सीएडॉटअबूधाबीएटएमईएडॉटजीओवीडॉटइन।
यह एडवाइजरी शनिवार को तेहरान पर हुए इजरायल-यूएस के संयुक्त ऑपरेशन के बाद जारी की गई। इसे प्रिवेंटिव यानी एहतियात के तौर पर बचाव के लिए मिसाइल हमले बताया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटनाक्रम से इलाके में तनाव तेजी से बढ़ा है।
ये हमले अमेरिका और ईरान के बीच एक संभावित न्यूक्लियर समझौते को लेकर बढ़ते तनाव के बीच हुए, जिससे मिडिल ईस्ट में बड़े पैमाने पर मिलिट्री टकराव की आशंका बढ़ गई है।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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