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सरकार ने गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत चावल में पोषक तत्वों को मिलाने की प्रक्रिया को रोका

नई दिल्ली, 28 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने चावल में पोषक तत्वों को मिलाने की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया है। यह निर्णय तब तक लागू रहेगा, जब तक अधिक मजबूत और प्रभावी पोषक तत्व वितरण तंत्र विकसित और कार्यान्वित नहीं हो जाता।

सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) और भारत सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत चावल में पोषक तत्वों को मिलाने की प्रक्रिया की समीक्षा की। इस समीक्षा के आधार पर ही यह निर्णय लिया गया है कि लाभार्थियों तक पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए अधिक प्रभावी व्यवस्था मिलने तक पीएमजीकेएवाई और संबद्ध योजनाओं के तहत चावल में पोषक तत्वों को मिलाने की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाए।

उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अनुसार, देश के अलग-अलग कृषि-जलवायु क्षेत्रों में वास्तविक भंडारण स्थितियों के तहत फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) और फोर्टिफाइड राइस (एफआर) की शेल्फ लाइफ का आकलन करने के लिए सरकार की ओर से आईआईटी खड़गपुर को काम सौंपा गया था। रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया है कि नमी की मात्रा, भंडारण की स्थिति, तापमान, सापेक्ष आर्द्रता और पैकेजिंग सामग्री जैसे कारक एफआरके और एफआर की स्थिरता और शेल्फ लाइफ को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करते हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि लंबे समय तक भंडारण और नियमित रखरखाव के दौरान इनमें सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी और शेल्फ लाइफ में गिरावट आने की संभावना रहती है। इस कमी के कारण प्रभावी शेल्फ लाइफ अपेक्षा से कम हो जाती है, जिससे अपेक्षित पोषण संबंधी लाभ सीमित हो जाते हैं।

खरीद की मात्रा और वार्षिक खपत को ध्यान में रखते हुए चावल दो से तीन साल तक भंडारण में रहता है। पीएमजीकेएवाई और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत 372 लाख मीट्रिक टन के वार्षिक आवंटन के मुकाबले, केंद्रीय भंडार में कुल उपलब्धता 674 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है, जिसमें केएमएस 2025-26 से प्राप्त होने वाली रसीदें भी शामिल है।

इन निष्कर्षों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि जब तक अधिक मजबूत और प्रभावी पोषक तत्व वितरण तंत्र विकसित और कार्यान्वित नहीं हो जाता, तब तक चावल में पोषक तत्वों को मिलाने की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाए।

सरकार ने कहा है कि प्रक्रिया को अस्थायी रूप से बंद करने के इस फैसले से खाद्यान्न की पात्रता में किसी प्रकार की कमी नहीं होगी और न ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) या मिड-डे मील योजना के संचालन पर कोई प्रभाव पड़ेगा।

केएमएस 2025-26 (खरीफ फसल) के साथ-साथ केएमएस 2024-25 से लंबित प्राप्तियों के लिए, राज्यों को एक अंतरिम व्यवस्था के रूप में परिचालन और रसद संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए फोर्टिफाइड चावल या गैर-फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति करने की छूट दी गई है।

--आईएएनएस

डीसीएच/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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Holi Vastu Tips: होली से पहले घर से तुरंत निकाल दे ये 5 बेकार चीजें, वरना बढ़ा सकती हैं राहु दोष

Holi Vastu Tips: वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल होली का त्योहार 4 मार्च 2026 को  पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाएगा. हालांकि इस रंगों के त्योहार की तैयारियां कई दिन पहले से ही शुरू हो जाती है. हिंदू धर्म में आस्था रखने  वाले लोग होली से पहले घर की सफाई सजावट और व्यवस्था पर विशेष ध्यान देते हैं ताकि त्योहार के दिन घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रही. वास्तु शास्त्र के अनुसार, होली से पहले की जाने वाली सफाई केवल धूल-मिट्टी हटाने तक सीमित नहीं है बल्कि इसका उद्देश्य घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करना भी होता है.

मान्यता है कि घर में मौजूद कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिनका लंबे समय तक जमा रहना अशुभ माना जाता है. ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि होली के दिन की गई पूजा और शुभ कार्यों का पूरा लाभ मिले और घर में सुख-शांति बनी रहे तो होली से पहले इन अशुभ मानी जाने  वाली चीजों को घर से बाहर निकाल देना बेहद जरूरी माना जाता है.  आइए जानते हैं वे कौन सी चीजें हैं जिन्हें होली से पहले हटा देना चाहिए. 

होली से पहले घर से कौन सी चीजें निकालनी चाहिए 

टूटा शीशा और चटके हुए बर्तन 

वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर आपके घर में कोई टूटा हुआ शीशा या दरार वाले बर्तन हैं तो उन्हें तुरंत घर से निकाल दें. टूटा हुआ शीशा मानसिक अशांति पैदा करता है और सकारात्मक ऊर्जा के बहाव को रोकता है. रसोई में चटके हुए बर्तन रखने से घर की बरकत रुक जाती है इसलिए उन्हें बदलना बेहद जरूरी है. 

टूटी हुई मूर्तियां 

अगर आपके घर में देवी-देवताओं की टूटी हुई मूर्तियां रखी है तो होली से पहले उसे हटा दें. वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऐसी मूर्तियों की पूजा करने से पूरा फल नहीं मिलता. होली आने से पहले इन मूर्तियों को सम्मान के साथ किसी पवित्र नदी में विसर्जित कर दें या मिट्टी में दबा दें. मंदिर साफ रखने से मन को शांति मिलती है. 

खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान 

इसके अलावा होली से पहले पुराने बंद मोबाइल, बिजली का कोई भी टूटा सामान या फिर खराब घड़ी कबाड़ बढ़ाता है. वास्तु में कहा गया है कि खराब मशीनें राहु दोष बढ़ाती हैं जिससे अचानक धन की हानि हो सकती है. होली पर अपने घर को इस कबाड़ से मुक्त करें और नई ऊर्जा के स्वागत के लिए तैयार रहें. 

टूटे जूते और चप्पल 

वास्तु शास्त्र के अनुसार, पुराने और फटे हुए जूते-चप्पल घर के किसी कोने में पड़े रहना शुभ नहीं होता. माना जाता है कि ये हमारी तरक्की में बाधा डालते हैं और आर्थिक तंगी लाते हैं. होली की सफाई के दौरान  ऐसे सभी जूतों को घर से बाहर निकाल दें. इससे आपको जीवन के संघर्ष कम होंगे और रास्ते आसान  होंगे. 

सूखे और मुरझाए पौधे

अक्सर हम बालकनी में रखे सूखे पौधों को अनदेखा कर देते हैं. वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि सूखे पौधे दुख और रुके हुए काम का संकेत माने जाते हैं. ये घर की सकारात्मकता को सोख लेते हैं. होली से पहले इन सूखे गमलों को साफ करें और उनकी जगह नए, हरे-भरे पौधे लगाएं ताकि घर में खुशहाली आए.

यह भी पढ़ें: Holi 2026: होली से पहले घर में छिपकली दिखना शुभ या अशुभ, वास्तु शास्त्र से जानिए किसका है ये संकेत

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. न्यूज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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  Sports

T20 WC Semi-Final Scenario: सेमीफाइनल की 2 टीमें पक्की, बाकी दो के लिए 4 के बीच टक्कर? जान लें पूरा गणित

T20 WC Semi-Final Scenario: आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सेमीफाइनल की 2 सीटें पक्की हो चुकी लेकिन बाकी दो के लिए अभी रस्साकशी जारी है। सुपर-8 चरण में 8 टीमें दो ग्रुप में बंटी हैं और हर ग्रुप से टॉप-2 टीमें ही सेमीफाइनल में जाएंगी। भारत, साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे ग्रुप-ए में हैं जबकि ग्रुप-ए में इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, श्रीलंका और पाकिस्तान हैं। 

अब जानते हैं कि ग्रुप-ए में कैसा समीकरण बन रहा। 
ग्रुप 1 का हाल

साउथ अफ्रीका (4 अंक, +2.890 नेट रनरेट)
2024 के फाइनलिस्ट दक्षिण अफ्रीका ने सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है। पहले भारत की 12 मैचों की अजेय लय तोड़ी, फिर वेस्टइंडीज को 9 विकेट से हराया। वेस्टइंडीज ने 176/8 बनाए लेकिन साउथ अफ्रीका ने 16.1 ओवर में 1 विकेट खोकर इस लक्ष्य को हासिल कर लिया। कप्तान एडेन मार्करम ने नाबाद 82 ठोके। अब जिम्बाब्वे पर जीत उन्हें ग्रुप-1 में टॉप पर पहुंचा देगी।

वेस्टइंडीज का हाल (2 अंक, +1.791 नेट रनरेट)
2 बार की चैंपियन टीम की अजेय लय दक्षिण अफ्रीका ने तोड़ी। अब समीकरण साफ है कि रविवार को ईडन गार्डन्स में भारत को हराओ, तो सेमीफाइनल; हार गए तो बाहर। जिम्बाब्वे पर जीत से उन्होंने सुपर-8 की शुरुआत की थी लेकिन अब सब कुछ भारत मैच पर टिका है।

भारत की स्थिति (2 अंक, -0.100 नेट रनरेट)
जिम्बाब्वे पर जीत से भारत की उम्मीद जिंदा है। गणित आसान है कि वेस्टइंडीज को हराओ और सेमीफाइनल में पहुंचो; हारो और बाहर। अगर भारत क्वालिफाई करता है तो ग्रुप-1 में दूसरे स्थान पर रहने की संभावना है और सेमीफाइनल में ग्रुप-2 की टॉप टीम से उसकी टक्कर होगी। यानी इंग्लैंड से भिड़ने की ज्यादा संभावना है। 

जिम्बाब्वे (0 अंक, -4.475 नेट रनरेट)
वेस्टइंडीज और भारत से हार के बाद जिम्बाब्वे की सेमीफाइनल की राह बंद हो गई। अब जिम्बाब्वे का आखिरी मैच दक्षिण अफ्रीका से दिल्ली में है, सिर्फ सम्मान की लड़ाई।

ग्रुप 2 का हाल

इंग्लैंड की स्थिति (6 अंक, +1.096 नेट रनरेट)
इंग्लैंड ने ग्रुप-2 में टॉप करते हुए सेमीफाइनल पक्का कर लिया। श्रीलंका और पाकिस्तान को हराने के बाद न्यूजीलैंड पर जीत ने उनकी बढ़त मजबूत की। विल जैक्स ने फिर कमाल किया, 2 विकेट और 18 गेंदों पर नाबाद 32, टूर्नामेंट में चौथी बार प्लेयर ऑफ द मैच बने।  

न्यूजीलैंड (3 अंक, +1.390 नेट रनरेट)
न्यूजीलैंड दूसरे स्थान पर है लेकिन पाकिस्तान-श्रीलंका मैच पर उनकी नजर रहेगी। पाकिस्तान की बड़ी जीत उन्हें बाहर कर सकती। इंग्लैंड से हार ने ब्लैककैप्स को दबाव में ला दिया, हालांकि श्रीलंका पर 61 रन की जीत से उन्होंने वापसी की थी।

पाकिस्तान के लिए करो या मरो वाली स्थिति (1 अंक, -0.461 नेट रनरेट)
पाकिस्तान के पास एक ही रास्ता है- शनिवार को श्रीलंका को 65+ रन से हराए या लक्ष्य करीब 13 ओवर में हासिल करें, ताकि नेट रन रेट में न्यूजीलैंड से आगे निकल सकें। सटीक ओवर-रन का हिसाब पहली पारी के स्कोर पर निर्भर करेगा।

उदाहरण के तौर पर 140 के लक्ष्य को 13 ओवर में, 145 को 13.3 ओवर में और 146 को 13.4 ओवर में हासिल करना होगा। न्यूजीलैंड के साथ मैच धुल गया था, वहीं इंग्लैंड से करीबी हार ने मामला पेचीदा कर दिया। अच्छी खबर यह कि साहिबजादा फरहान (283 रन) को एक एडिशन में सबसे ज्यादा रन के रिकॉर्ड के लिए 37 रन चाहिए- यह रिकॉर्ड फिलहाल 319 रन के साथ विराट कोहली के नाम है।

श्रीलंका की स्थिति (0 अंक, -2.800 नेट रनरेट)
ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद टीम लय नहीं पकड़ सकी। जिम्बाब्वे, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड से हारकर बाहर हो चुकी है। अब पाकिस्तान के खिलाफ मैच सिर्फ इज्जत की लड़ाई है। कुल मिलाकर, दो सीटें तय- दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड। बाकी दो के लिए भारत-वेस्टइंडीज और पाकिस्तान-श्रीलंका मुकाबले असली फैसला करेंगे। नेट रन रेट का खेल है, हर रन की कीमत है।

Sat, 28 Feb 2026 12:17:39 +0530

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