केजरीवाल को बरी करने वाले जज Jitendra Pratap Singh कौन हैं? कांग्रेस और भाजपा नेताओं पर भी चला है चुके हैं 'न्यायिक हंटर'!
आबकारी नीति मामले में शुक्रवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया और 21 अन्य लोगों को आरोपमुक्त करने वाले विशेष न्यायाधीश जितेंद्र प्रताप सिंह अतीत में कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई कर चुके हैं, जिनमें कांग्रेस नेता भंवर जितेंद्र सिंह के खिलाफ एम एफ हुसैन की पेंटिंग से जुड़े मामले को फिर से खोलना भी शामिल है। न्यायाधीश ने मजिस्ट्रेट के उस आदेश को रद्द कर दिया था जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह के खिलाफ अभियोजन का अनुरोध करने संबंधी शिकायत को खारिज कर दिया गया था।
अतीत के महत्वपूर्ण फैसले: जब कांग्रेस और भाजपा नेताओं पर चला हंटर
न्यायाधीश सिंह का न्यायिक रिकॉर्ड निष्पक्षता और तथ्यों पर आधारित कठोरता का प्रमाण देता है। उनके करियर के कुछ प्रमुख मामले इस प्रकार हैं:
कांग्रेस नेता भंवर जितेंद्र सिंह और एम.एफ. हुसैन की पेंटिंग
न्यायाधीश सिंह ने हाल ही में कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह के खिलाफ एम.एफ. हुसैन की एक बेशकीमती पेंटिंग से जुड़े मामले को फिर से खोलने का आदेश दिया था। आरोप था कि भंवर जितेंद्र सिंह ने पूर्व सांसद डॉ. प्रभा ठाकुर से हुसैन की पेंटिंग (जिसकी कीमत 1 करोड़ रुपये से अधिक थी) उधार ली थी, लेकिन उसे वापस नहीं किया। न्यायाधीश ने मजिस्ट्रेट के उस पुराने आदेश को रद्द कर दिया जिसमें शिकायत खारिज कर दी गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया यह 'आपराधिक विश्वासघात' (Criminal Breach of Trust) का मामला बनता है।
कपिल मिश्रा के सांप्रदायिक बयानों पर सख्त टिप्पणी
भाजपा नेता कपिल मिश्रा से जुड़े मामले में भी न्यायाधीश सिंह का रुख काफी सख्त रहा है। चुनावों के दौरान दिए गए विवादित बयानों को लेकर उन्होंने मिश्रा की याचिकाओं को खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि 'पाकिस्तान' जैसे शब्दों का इस्तेमाल चुनाव के दौरान सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने और नफरत फैलाने के लिए बहुत चतुराई से बुना गया था, जो अस्वीकार्य है।
अमानतुल्लाह खान को राहत
वक्फ बोर्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्होंने 'आप' विधायक अमानतुल्लाह खान को भी रिहा करने का आदेश दिया था, क्योंकि ईडी (ED) द्वारा दाखिल चार्जशीट में उनके खिलाफ पर्याप्त आधार नहीं पाए गए थे।
न्यायिक शैली: 'प्रक्रिया और तथ्यों' पर जोर
न्यायिक हलकों में जितेंद्र प्रताप सिंह को एक ऐसे न्यायाधीश के रूप में देखा जाता है जो भारी-भरकम चार्जशीट के बजाय ठोस सबूतों और कानूनी प्रक्रिया को महत्व देते हैं। केजरीवाल मामले में भी उन्होंने 600 पन्नों के अपने विस्तृत फैसले में सीबीआई को फटकार लगाते हुए कहा कि "केवल गवाहों के बयानों और बिना सबूत वाली कहानियों के आधार पर किसी को मुकदमे का सामना करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।" जज जितेंद्र प्रताप सिंह का मानना है कि "किसी व्यक्ति को, विशेषकर संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को, बिना किसी ठोस सामग्री के साजिश में शामिल बताना कानून के शासन के विपरीत है।"
जितेंद्र प्रताप सिंह कौन है?
जितेंद्र प्रताप सिंह वर्तमान में राउज एवेन्यू अदालत में विशेष न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं और वह दिल्ली न्यायिक सेवा के वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी हैं। सिंह केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी संघीय एजेंसियों द्वारा जांच किए जा रहे भ्रष्टाचार के मामलों की सुनवाई कर चुके हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक की डिग्री प्राप्त सिंह को अक्टूबर 2024 में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। भ्रष्टाचार के मामलों को संभालने में उनकी विशेषज्ञता ने उन्हें पहचान दिलाई है और उन्होंने पहले भी चुनावों के दौरान दिए गए सांप्रदायिक बयानों से जुड़े मामलों में याचिकाएं खारिज कह हैं, जिनमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता कपिल मिश्रा से संबंधित मामले भी शामिल हैं।
DRDO की बड़ी कामयाबी: स्वदेशी एयर डिफेंस मिसाइल VSHORADS के तीन सफल परीक्षण, अब सेना में शामिल होने को तैयार
ओडिशा के तट के पास चांदीपुर से अत्यंत कम दूरी की वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली के तीन उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किए गए। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि ये परीक्षण विभिन्न गति, दूरी और ऊंचाई पर उड़ने वाले उच्च गति वाले खतरों को बेअसर करने में वीएसएचओआरएडीएस (बहुत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली) मिसाइल प्रणाली की क्षमता की पुष्टि करने के लिए किए गए थे।
दुश्मन के विमानों को पलक झपकते करेगा ढेर
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ये परीक्षण VSHORADS मिसाइल प्रणाली की क्षमता को फिर से प्रमाणित करने के लिए किए गए थे। इस प्रणाली को विभिन्न गति, सीमा और ऊंचाई पर उड़ने वाले 'हाई-स्पीड' खतरों को बेअसर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
सटीक निशाना: परीक्षण के दौरान, मिसाइलों ने दुश्मन के विमानों की नकल करने वाले उच्च गति वाले हवाई लक्ष्यों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया और उन्हें नष्ट कर दिया।
अंतिम विन्यास परीक्षण: ये परीक्षण मिसाइल के उस अंतिम स्वरूप (Final Deployment Configuration) में किए गए, जिसे सेना उपयोग करेगी। इसमें लक्ष्य को पहचानने (Target Acquisition) और मिसाइल दागने का काम सीधे फील्ड ऑपरेटरों द्वारा किया गया।
VSHORADS: क्या है इसकी खासियत?
यह एक मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम (MANPADS) है, जिसे सैनिकों द्वारा आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है।
स्वदेशी तकनीक: इसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की प्रयोगशाला रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) ने अन्य DRDO लैब और भारतीय उद्योग भागीदारों के सहयोग से स्वदेश में ही विकसित किया है।
बहुआयामी सुरक्षा: यह कम दूरी पर उड़ने वाले विमानों, हेलीकॉप्टरों और ड्रोन्स को नष्ट करने में सक्षम है।
सटीक डेटा: चांदीपुर रेंज में तैनात टेलीमेट्री, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम और रडार जैसे उपकरणों ने परीक्षण के दौरान मिसाइल की प्रभावशीलता की पुष्टि की है।
मिनिस्ट्री ने एक बयान में कहा, "सभी फ्लाइट-टेस्ट के दौरान, मिसाइलों ने अलग-अलग खतरे वाले सिनेरियो में दुश्मन के एयरक्राफ्ट की नकल करते हुए हाई-स्पीड एरियल टारगेट को इंटरसेप्ट किया और नष्ट कर दिया, और सभी एक्सट्रीम एंगेजमेंट पॉइंट्स को पूरा किया।" रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मिसाइल सिस्टम के सफल फ्लाइट-टेस्ट के लिए DRDO, सशस्त्र बलों और इंडस्ट्रीज़ को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि VSHORADS के लगातार तीन फ्लाइट ट्रायल एक बड़ी सफलता हैं, और इस सिस्टम को जल्द ही सशस्त्र बलों में शामिल किया जा सकता है।
मंत्रालय ने कहा, "इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज, चांदीपुर द्वारा तैनात टेलीमेट्री, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम और रडार जैसे विभिन्न रेंज इंस्ट्रूमेंट्स द्वारा कैप्चर किए गए फ्लाइट डेटा ने कई तरह के हवाई खतरों के खिलाफ VSHORADS के असर को वैलिडेट किया है।"
इसमें कहा गया है कि ये यूज़र वैलिडेशन फ्लाइट-ट्रायल संयुक्त बलों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ DRDO और डेवलपमेंट-कम-प्रोडक्शन पार्टनर्स के सीनियर अधिकारियों की मौजूदगी में किए गए थे।
The @DRDO_India has successfully conducted three successive flight trials of Very Short-Range Air Defence System (VSHORADS) from Integrated Test Range (ITR), Chandipur off the coast of Odisha.
— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) February 27, 2026
These tests were carried out to revalidate the capability of VSHORADS missile system… pic.twitter.com/5dtAb45MHG
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