NZ vs ENG: न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी, ऐसी है दोनों टीमों की प्लेइंग-11
NZ vs ENG TOSS Update: टी-20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 का अहम मुकाबला आज न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच खेला जा रहा है. इस मैच में जब टॉस के लिए सिक्का उछला, तो न्यूजीलैंड के पक्ष में गिरा. जहां, कप्तान मिचेल सैंटनर ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने का फैसला कर लिया है. नतीजन, इंग्लैंड की टीम पहले गेंदबाजी करने मैदान पर उतरेगी. आइए जानते हैं दोनों टीमों की प्लेइंग-11 में किन खिलाड़ियों को मौका मिला है.
टॉस पर क्या बोले दोनों कप्तान?
इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने कहा, हम भी टॉस जीतकर बैटिंग भी करते. पिछली रात का गेम देखा और यहाँ स्पिन हो रही थी. वे एक ज़बरदस्त टीम हैं. अगर हम उन्हें हरा सकें और उन्हें बाहर करने की कोशिश कर सकें, तो यह बहुत अच्छा होगा। मुझे लगता है कि हमने पूरे कॉम्पिटिशन में ज़बरदस्त फील्डिंग की. पिछले गेम में मिस-एग्ज़िक्यूशन हुआ था. मुझे लगता है कि मैं नंबर तीन पर ही रहूंगा. जेमी ओवरटन बाहर हैं, रेहान अहमद अंदर हैं.
मिचेल सैंटनर ने टॉस जीतकर कहा, हम पहले बैटिंग करेंगे. अगर आपको WC जीतना है तो आपको गेम जीतने होंगे. पिछली रात इस विकेट पर रन बनाना अच्छा लगा. हम जानते हैं कि यह क्या करने वाला है. यह वैसा ही लग रहा है. पिछला गेम अच्छा लग रहा था और जितना हमने सोचा था उससे अधिक स्पिन हुआ. अगर यह फ़्लैट है, तो उसी हिसाब से एडजस्ट करना होगा. आप डाइमेंशन को अपने फेवर में इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं. सेम टीम.
A blockbuster clash awaits! ????
— Star Sports (@StarSportsIndia) February 27, 2026
Will New Zealand win & book their place in the semi-finals? Or will England continue their dominant run in the Super 8? ????✍️
ICC Men’s #T20WorldCup ???? #ENGvNZ | Super 8 | FRI, 27 Feb | 6 PM pic.twitter.com/L2vRIF9yeX
ऐसी है दोनों टीमों की प्लेइंग-11
इंग्लैंड (प्लेइंग XI): फिलिप सॉल्ट, जोस बटलर (विकेट कीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, लियाम डॉसन, रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद
न्यूजीलैंड (प्लेइंग XI): टिम सीफर्ट (विकेट कीपर), फिन एलन, रचिन रवींद्र, ग्लेन फिलिप्स, डेरिल मिशेल, मार्क चैपमैन, मिशेल सेंटनर (कप्तान), कोल मैककॉन्ची, मैट हेनरी, ईश सोढ़ी, लॉकी फर्ग्यूसन
ये भी पढ़ें: फाफ डु प्लेसिस ने की भविष्यवाणी, बताया किन 2 टीमों के बीच खेला जाएगा टी-20 विश्व कप का फाइनल
अविमुक्तेश्वरानंद की अभी नहीं होगी गिरफ्तारी, हाई कोर्ट से मिली बड़ी राहत
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं. प्रयागराज में दर्ज यौन शोषण के मामले में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज हो गई थी और गिरफ्तारी की आशंका बढ़ गई थी. हालांकि, ताज़ा घटनाक्रम में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फिलहाल उन्हें बड़ी राहत दी है. अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है और तब तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है.
क्या हैं आरोप?
कुछ बटुकों की ओर से आश्रम में यौन शोषण के आरोप लगाए गए हैं. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. मेडिकल परीक्षण में उत्पीड़न की पुष्टि होने की बात सामने आई है, जिससे मामला और गंभीर हो गया. इस बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी ने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया.
कोर्ट में क्या हुआ?
मामले की सुनवाई जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की पीठ में हुई. सुनवाई के दौरान अदालत कक्ष अधिवक्ताओं से खचाखच भरा रहा. कोर्ट ने पूछा कि पहले सेशन कोर्ट में अर्जी क्यों नहीं दी गई और सीधे हाईकोर्ट क्यों आए? साथ ही अदालत ने पुलिस से यह भी सवाल किया कि कथित पीड़ित बच्चे कहां हैं और उनके बयान की स्थिति क्या है.
राज्य सरकार की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि शंकराचार्य प्रभावशाली व्यक्ति हैं, ऐसे में उन्हें राहत मिली तो जांच प्रभावित हो सकती है. वहीं बचाव पक्ष ने दलील दी कि मामला झूठा और साजिशन बनाया गया है. एक बटुक की मार्कशीट पेश कर उसे बालिग बताया गया और शिकायतकर्ता की कथित आपराधिक पृष्ठभूमि का भी उल्लेख किया गया.
गिरफ्तारी पर रोक, जांच में सहयोग का निर्देश
हाईकोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखते हुए स्पष्ट किया कि जब तक अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक गिरफ्तारी नहीं की जाएगी. साथ ही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य को पुलिस जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया गया है. इसका मतलब है कि पुलिस पूछताछ और विवेचना जारी रख सकती है, लेकिन फिलहाल गिरफ्तारी की कार्रवाई नहीं होगी.
अब आगे क्या?
अब सबकी निगाहें हाईकोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हैं. यदि अदालत अग्रिम जमानत मंजूर करती है तो स्वामी को बड़ी कानूनी राहत मिल सकती है. वहीं, अगर अर्जी खारिज होती है तो गिरफ्तारी की संभावना फिर से बढ़ सकती है. फिलहाल मामला कानूनी प्रक्रिया के दौर से गुजर रहा है और जांच एजेंसियां साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेंगी.
यह भी पढ़ें - दिल्ली सरकार की प्राथमिकता नागरिकों का स्वास्थ्य और सुरक्षा है: मंत्री पंकज सिंह
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation





















