Holashtak 2026: होली से पहले इन 3 राशियों को करना पड़ सकता है चुनौतियों का सामना, संभलकर लें हर फैसला
Holashtak 2026: होली का त्योहार खुशियों और रंगों से जुड़ा होता है, लेकिन इसके ठीक पहले का समय ज्योतिष में शुभ नहीं माना जाता. इस अवधि को होलाष्टक कहा जाता है. मान्यता है कि होलाष्टक के दौरान ग्रहों की स्थिति उग्र हो जाती है. इससे नकारात्मक प्रभाव और भी ज्यादा बढ़ सकता है. इसी वजह से विवाह, गृह प्रवेश और नया काम शुरू करने पर रोक मानी जीता है. साल 2026 में होलाष्टक 24 फरवरी से शुरू होकर 3 मार्च यानी होलिका दहन तक रहेगा.
इन राशियों पर रहेगा ग्रहों का असर
ज्योतिष के अनुसार, इस बार होलाष्टक का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग रहेगा. लेकिन कर्क, तुला और कुंभ राशि वालों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है. इन राशियों को करियर, पैसा और बड़े फैसलों में संभलकर कदम रखने की जरूरत होगी.
इन 3 राशियों की बढ़ेगी मुसीबत
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण रह सकता है. काम का दबाव बढ़ सकता है. जरूरी काम में देरी भी हो सकती है. परिवार या करीबी लोगों से मतभेद की स्थिति बन सकती है. इस दौरान निवेश से बचें. किसी भी विवाद में न उलझें. धैर्य और संयम ही राहत दिला सकता है.
तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए होलाष्टक आर्थिक मामलों में नाजुक साबित हो सकता है. अनजान लोगों पर भरोसा न करें. पैसे का लेन-देन सोच-समझकर करें. फिजूलखर्ची बढ़ सकती है, जिस पर कंट्रोल करना बेहद जरूरी है. सरकारी काम या दस्तावेजों से जुड़े फैसले होली के बाद करना बेहतर रहेगा.
कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय सतर्कता मांगता है. वाहन चलाते समय सावधान रहें. छोटी लापरवाही भी नुकसान करा सकती है. नई प्रॉपर्टी खरीदना या बिजनेस शुरू करने का विचार अभी टाल दें. नौकरी में बदलाव की स्थिति बन सकती है, इसलिए जल्दबाजी न करें. शांत दिमाग से फैसले लेना फायदेमंद रहेगा.
होलाष्टक में क्या करें, क्या न करें?
- बड़े फैसले होली के बाद लें
- धैर्य और संयम बनाए रखें
- पैसों और रिश्तों में संतुलन रखें
- नकारात्मक सोच से बचें
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होली के रंग बालों को न बना दें बेजान, पहले से करें सही देखभाल
नई दिल्ली, 27 फरवरी (आईएएनएस)। होली जितनी खुशी लेकर आती है, उतनी ही चिंता बालों की सेहत को लेकर भी बढ़ा देती है। रंग खेलते समय सबसे ज्यादा नुकसान बालों को होता है, क्योंकि स्कैल्प और बाल दोनों ही केमिकल कलर्स के सीधे संपर्क में आते हैं, जिससे बाल रूखे हो जाते हैं, टूटने लगते हैं या झड़ने लगते हैं।
बालों की बाहरी परत बेहद संवेदनशील होती है। जब उस पर केमिकल रंग चिपक जाते हैं, तो बालों की नमी खत्म हो जाती है। इससे बाल बेजान और कमजोर दिखने लगते हैं। अगर बालों पर पहले से तेल की परत हो, तो रंग सीधे बालों के अंदर नहीं जा पाते। यही कारण है कि होली से पहले बालों में तेल लगाना सबसे जरूरी है।
होली खेलने से एक रात पहले बालों में अच्छे से नारियल तेल, सरसों का तेल या बादाम का तेल लगाना चाहिए। तेल स्कैल्प को पोषण देता है और बालों को टूटने से बचाता है। साथ ही, यह रंग को आसानी से निकालने में मदद करता है।
होली के उत्सव में बालों को खुला छोड़ना उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है। खुले बालों में न केवल रंग अधिक समाते हैं, बल्कि उनके उलझने और टूटने की समस्या भी बढ़ जाती है। सुरक्षा की दृष्टि से चोटी, जूड़ा या पोनीटेल बनाना एक बेहतर विकल्प है। इससे बालों का रंगों से संपर्क कम से कम होता है और वे सुरक्षित रहते हैं।
रंग खेलने के तत्काल बाद बालों को धोने की जल्दबाजी न करें। सफाई से पूर्व बालों में पुनः थोड़ा तेल लगाकर हल्के हाथों से मालिश करें, जिससे बालों में जमा रंग ढीला पड़ जाए। इसके पश्चात किसी माइल्ड शैम्पू का उपयोग करें। ध्यान रखें कि बालों को बार-बार धोने से वे रूखे और कमजोर हो सकते हैं, इसलिए कोमलता से सफाई करना ही बेहतर है।
बाल धोने के बाद कंडीशनर या हेयर मास्क का इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है। यह बालों की खोई हुई नमी वापस लाने में मदद करता है।
होली के बाद कुछ दिनों तक हेयर ड्रायर, स्ट्रेटनर या कर्लर का इस्तेमाल न करें। रंग और धूप से पहले ही बाल कमजोर हो चुके होते हैं; ऐसे में गर्म उपकरण नुकसान बढ़ा सकते हैं।
--आईएएनएस
पीके/एएस
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