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Pakistan Semi Final scenario: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 में पाकिस्तान की राह अब बेहद मुश्किल हो चुकी। सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए उसे न सिर्फ श्रीलंका पर बड़ी जीत दर्ज करनी होगी, बल्कि इंग्लैंड से भी मदद की उम्मीद रखनी पड़ेगी। शनिवार को पाकिस्तान अपना आखिरी सुपर 8 मुकाबला श्रीलंका के खिलाफ खेलेगा।
सह-मेजबान श्रीलंका पहले ही दौड़ से बाहर हो चुका है। इंग्लैंड और न्यूजीलैंड से हार के बाद उसकी उम्मीदें खत्म हो गईं जबकि इंग्लैंड ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। अब ग्रुप में दूसरी और आखिरी सीट के लिए पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच एक तरह से सीधी जंग है, लेकिन कीवी टीम की स्थिति पाकिस्तान के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत है।
पाकिस्तान को इंग्लैंड से बड़ी उम्मीद न्यूजीलैंड के तीन अंक हैं और उसका नेट रन रेट +3.050 है। दूसरी ओर पाकिस्तान के खाते में 2 मैचों से सिर्फ एक अंक है और नेट रन रेट -0.461 है। ऐसे में अगर इंग्लैंड शुक्रवार को न्यूजीलैंड को बड़े अंतर से हरा दे और उसके बाद पाकिस्तान श्रीलंका को उसी अंदाज में रौंद दे, तभी समीकरण उसके पक्ष में बन सकते हैं।
न्यूजीलैंड की बड़ी हार से पाकिस्तान को मिलेगी राह पाकिस्तान की भी न्यूजीलैंड बनाम इंग्लैंड मैच पर नजरें होंगी। पाकिस्तान का पहला मैच न्यूजीलैंड से ही था लेकिन बारिश के कारण वो मुकाबला रद्द हो गया था। इसी वजह से दोनों टीमों को 1-1 अंक बांटना पड़ा था। इसलिए अब पाकिस्तान यही चाहेगा कि इंग्लैंड अपने तीसरे मैच को भी जीतकर पॉइंट्स टेबल में 6 अंकों के साथ टॉप कर जाए और न्यूजीलैंड की हार से नेट रनरेट में कीवी टीम और पाकिस्तान के बीच जो अंतर है, वो पट जाए।
इंग्लैंड के तीन मैच में 3 जीत के साथ 6 अंक हो जाएंगे और ये न्यूजीलैंड की पहली हार होगी लेकिन इसके खाते में 3 ही अंक होंगे और अगर इंग्लैंड बड़े मार्जिन से न्यूजीलैंड को हराता है तो उसके नेट रनरेट भी कम हो जाएगा, जो अभी 3.050 है। (दोनों मैचों के नतीजों का अंतर कुल मिलाकर लगभग 70 रन होना चाहिए, यह मानते हुए कि पहले बैटिंग करने वाली टीम 180 रन बनाती है)।
समस्या यह है कि पाकिस्तान का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में बिखरा-बिखरा रहा है। बल्लेबाजी में सिर्फ साहिबजादा फरहान ही चमके हैं। उन्होंने 283 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं। उनका स्ट्राइक रेट भी 158 का रहा है। उनके अलावा कोई भी स्पेशलिस्ट बल्लेबाज 100 रन के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया। शादाब खान 111 रन के साथ दूसरे नंबर पर हैं, लेकिन उनकी भूमिका को लेकर टीम के भीतर और बाहर बहस जारी है।
कप्तान आगा, सैम अयूब और बाबर आजम उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। ऐसे में टीम की निगाहें फखर जमान पर टिकी होंगी, जिनसे एक बड़ी पारी की दरकार है। गेंदबाजी में उस्मान तारिक के 10 विकेट कुछ उम्मीद जगाते हैं। शाहीन शाह अफरीदी ने इंग्लैंड के खिलाफ लय के संकेत दिए, लेकिन अकेले दम पर मैच पलटना आसान नहीं था।
दूसरी तरफ श्रीलंका अपने घरेलू दर्शकों के सामने आखिरी मैच जीतकर विदाई लेना चाहेगा। 2011 में सह-मेजबान रहते हुए वह उपविजेता रहा था, लेकिन इस बार शुरुआत अच्छी करने के बाद टीम लड़खड़ा गई। ऑस्ट्रेलिया पर बड़ी जीत के बाद जिम्बाब्वे, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड से लगातार हार ने उसका सफर खत्म कर दिया।
पथुम निसांका का शतक अब बीती बात लगने लगा है। बल्लेबाजी में गहराई की कमी और गेंदबाजी में धार न होना श्रीलंका की सबसे बड़ी कमजोरी रही है। अब सवाल सीधा है कि क्या पाकिस्तान आखिरी दांव में कमाल करेगा, या टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा?