एआई का असर, जैक डोर्सी की कंपनी ब्लॉक ने 4,000 कर्मचारियों की छंटनी का किया ऐलान
नई दिल्ली, 27 फरवरी (आईएएनएस)। ट्विटर (अब एक्स) के सह-संस्थापक जैक डोर्सी ने अपनी कंपनी ब्लॉक से 40 प्रतिशत कर्मचारियों को निकालने का ऐलान किया है। इसकी वजह एआई के चलते होने वाले बदलाव हैं।
डोर्सी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि कंपनी ने अपनी कुल वर्कफोर्स को 10,000 से घटाकर 6,000 करने का फैसला किया है। इसके तहत 4,000 कर्मचारियों को कंसल्टेशन आधारित भूमिका में या फिर जाने के लिए कह दिया गया है।
डॉर्सी ने कहा कि प्रभावित कर्मचारियों को 20 सप्ताह का वेतन सहित कार्यकाल के प्रत्येक वर्ष के लिए एक सप्ताह का वेतन, मई के अंत तक निर्धारित इक्विटी, छह महीने का हेल्थकेयर, कंपनी की डिवाइस और ट्रांजिशन सहायता के लिए 5,000 डॉलर मिलेंगे।
उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, हम यह निर्णय किसी परेशानी के कारण नहीं ले रहे हैं। हमारा व्यवसाय मजबूत है। कुल मुनाफा लगातार बढ़ रहा है, हम अधिक से अधिक ग्राहकों को सेवा प्रदान कर रहे हैं, और मुनाफे में सुधार हो रहा है।
डॉर्सी ने कहा कि यह छंटनी इंटेलिजेंस टूल्स और छोटी, सुव्यवस्थित टीमों के संयोजन में हो रहे तेज बदलावों के जवाब में की गई है, जिससे काम करने का एक नया तरीका विकसित हो रहा है जो किसी कंपनी के निर्माण और संचालन के मायने ही पूरी तरह बदल देता है।
डॉर्सी ने कहा कि वे बार-बार छंटनी करने के बजाय एक ही बार में निर्णायक छंटनी को प्राथमिकता देते हैं।
उन्होंने कहा, “बार-बार छंटनी से कर्मचारियों का मनोबल, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता और ग्राहकों व शेयरधारकों का हमारे नेतृत्व करने की क्षमता पर भरोसा टूटता है।”
टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के लीडर्स का कहना है कि कंप्यूटर पर आधारित अधिकांश उच्च-स्तरीय पदों को अगले 12 से 18 महीनों के भीतर स्वचालित किया जा सकता है।
अमेरिकी तकनीकी दिग्गज ऑरेकल ने अपने एआई डेटा सेंटर की क्षमता बढ़ाने के लिए 20,000 से 30,000 नौकरियों में कटौती करने की योजना बनाई है, जबकि अमेजन ने हाल ही में अपनी एआई पुनर्गठन योजना के तहत 16,000 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की है।
पीडब्ल्यूसी इंडिया की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई 2035 तक भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि, शिक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा और विनिर्माण सहित पांच प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में लगभग 550 अरब डॉलर का योगदान दे सकता है।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पश्चिम बंगाल : मेडिकल छात्र का शव हॉस्टल के कमरे में मिला, परिवार को हत्या का शक
कोलकाता, 27 फरवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में कल्याणी जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज के अंतिम वर्ष के छात्र पुलक हलदर के परिवारवालों ने दावा किया है कि उसकी हत्या की गई है। बता दें कि पुलक हलदर की सड़ी-गली लाश हॉस्टल के कमरे से मिली थी।
मामले के जांच अधिकारी ने बताया कि मेडिकल छात्र के शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार को किया जाएगा और उसके बाद ही मौत के पीछे कारणों का पता चल पाएगा।
मृतक मेडिकल छात्र के पिता सुधांशु हलदर के मुताबिक, उनके बेटे के शरीर पर कई चोटें और कट के निशान पाए गए, जिससे उन्हें मर्डर का शक हुआ।
उन्होंने आगे बताया, यह निश्चित रूप से यह स्वाभाविक मृत्यु का मामला नहीं है। हम इस मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं। मैं नहीं चाहता कि मेरे बेटे की मौत की जांच का भी वही हश्र हो जो 2024 में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की एक जूनियर डॉक्टर के साथ हुए जघन्य बलात्कार और हत्या के मामले का हुआ था।
परिवार के एक रिश्तेदार उत्तम मंडल ने बताया कि पुलक हलदर न केवल मेधावी और मेहनती युवा था, बल्कि बेहद विनम्र स्वभाव का भी था। उन्होंने कहा, मैंने भी उसके चेहरे और पेट पर चोट और कट के निशान देखे हैं। इसलिए, उसकी मृत्यु से पहले उस पर हमले की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। मुझे उम्मीद है कि इस मामले की निष्पक्ष और उचित जांच होगी।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पुलक को आखिरी बार 20 फरवरी को हॉस्टल कैंटीन में खाना खाने जाते हुए देखा गया था। तब से वह हॉस्टल परिसर से बाहर नहीं निकला था और न ही उसे किसी साथी छात्र या हॉस्टल अधिकारियों ने देखा था।
गुरुवार (26 फरवरी) को उसके छात्रावास के कमरे से दुर्गंध आने लगी। अंदर से कोई जवाब न मिलने पर दरवाजा तोड़कर खोला गया और उसका सड़ा शव बरामद हुआ।
उसके परिवार के सदस्यों ने पुलिस को यह भी बताया है कि पुलक से उनकी आखिरी टेलीफोन पर बातचीत 20 फरवरी को हुई थी, जो कि उसके लापता होने का दिन है।
परिवार के सदस्यों ने यह भी दावा किया है कि अतीत में, आरजी कर बलात्कार और हत्या कांड से संबंधित विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलक ने अन्य छात्रों द्वारा धमकाने की शिकायत की थी। यह भी आरोप लगाया गया है कि उसे कॉलेज में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, हालांकि इन दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
--आईएएनएस
एसके/एएस
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